समर्पण सेवा संस्थान के डांडिया महोत्सव में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक, 750 से अधिक लोग हुए शामिल

दीपक श्रीवास्तव 

समर्पण सेवा संस्थान के डांडिया महोत्सव में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक, 750 से अधिक लोग हुए शामिल


मां दुर्गा की स्तुति और आरती के साथ हुआ शुभारंभ, गरबा-डांडिया के जरिए नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने का संदेश

जौनपुर, 26 अक्टूबर। यूपी के जौनपुर में समर्पण सेवा संस्थान की ओर से 24 अक्टूबर को बाजिदपुर तिराहा स्थित पालक मैरिज हॉल में भव्य फैमिली डांडिया महोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें 750 से अधिक लोगों ने भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे प्रतिभागियों ने गरबा और डांडिया की प्रस्तुतियों से भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं की छटा बिखेरी।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां दुर्गा की स्तुति और आरती के साथ हुआ। इसके बाद संगीत की धुनों पर प्रतिभागियों ने पारंपरिक गरबा और डांडिया प्रस्तुतियों से माहौल को उत्साह और उमंग से भर दिया। विभिन्न संस्थाओं से जुड़े लोगों और परिवारों ने एक साथ भाग लेकर आपसी प्रेम, एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।


महोत्सव के दौरान बेस्ट ड्रेस, बेस्ट डांडिया लुक और नृत्य सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। निर्णायक मंडल में शाहगंज से आईं खुशबू जायसवाल, डॉ. अंजू कनौजिया और डॉ. आकांक्षा त्रिवेदी शामिल रहीं। बेस्ट ड्रेस प्रतियोगिता में डॉ. प्रिया को प्रथम पुरस्कार मिला, जबकि मनमोहक नृत्य प्रस्तुति के लिए शालिनी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

कार्यक्रम का संचालन अतुल और नूपुर ने किया। आयोजन को सफल बनाने में संस्थान के प्रबंधक डॉ. मिथिलेश श्रीवास्तव, संरक्षण मंडल से प्रदीप श्रीवास्तव, डॉ. प्रियंवदा और मृदुला श्रीवास्तव, सचिव आशीष श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष सोनी जायसवाल सहित अन्य सदस्यों ने योगदान दिया। व्यापार मंडल अध्यक्ष राधे रमन, जेसीआई अध्यक्ष अंजनी प्रजापति, शांत फाउंडेशन से कल्पना गुप्ता, दीप्ति, सुधीर श्रीवास्तव और उमाकांत श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

संस्थान की संस्थापक अध्यक्ष ज्योति श्रीवास्तव ने कहा कि गरबा और डांडिया भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं से जुड़े उत्सव हैं। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत, संस्कारों और परंपराओं से परिचित कराना भी है। उन्होंने कहा कि संस्थान भविष्य में भी सेवा, संस्कृति, सामाजिक एकता और महिला सशक्तीकरण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।

अंत में ज्योति श्रीवास्तव ने अतिथियों, निर्णायक मंडल, सहयोगियों और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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