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सपा में अब “दगे हुए कारतूस” इकट्ठा हो गए हैं: ओम प्रकाश राजभर

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दीपक श्रीवास्तव 
सपा में अब “दगे हुए कारतूस” इकट्ठा हो गए हैं: ओम प्रकाश राजभर 
जौनपुर,14 मई। यूपी के जौनपुर में ओम प्रकाश राजभर गुरुवार को सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के भकुरा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने देश की राजनीति, विपक्ष और कानून व्यवस्था को लेकर कई तीखी टिप्पणियां कीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई हालिया टिप्पणी को लेकर राजभर ने कहा कि “देश के प्रधानमंत्री पर अमर्यादित टिप्पणी करना पूरे देश का अपमान है। 140 करोड़ जनता ने उन्हें चुना है, इसलिए उनका सम्मान करना हर नागरिक और जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है।” उन्होंने कहा कि संविधान की शपथ लेने वाले नेताओं को उसकी मर्यादा में रहकर ही बयान देना चाहिए।
राजभर ने कहा कि आज विपक्ष केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहा है, जबकि सरकार विकास कार्यों में जुटी है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री  के नेतृत्व में प्रदेश में कानून का राज कायम हुआ है। “पहले दंगे और कर्फ्यू आम बात थे, लेकिन पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में शांति और विकास दोनों देखने को मिला है,” उन्होंने कहा।
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजभर ने कहा कि “डूबती हुई नाव पर कोई बैठना नहीं चाहता।” उन्होंने समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा में अब “दगे हुए कारतूस” इकट्ठा हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी 62 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि एक्सप्रेस-वे और बेहतर कनेक्टिविटी से लोगों का जीवन आसान हुआ है। “अब लोग जौनपुर में चाय पीकर लखनऊ में नौकरी करने पहुंच जाते हैं,” उन्होंने कहा।
राजभर ने विपक्ष पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता अब विकास और अमन-चैन चाहती है, और आने वाले चुनावों में इसका असर साफ दिखाई देगा।
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ईंधन संरक्षण के लिए डीएम की पहल, काफिले से हटाया एस्कॉर्ट

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दीपक श्रीवास्तव 
ईंधन संरक्षण के लिए डीएम की पहल, काफिले से हटाया एस्कॉर्ट
जौनपुर,15 मई। यूपी के जौनपुर में शासन के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन ने ऊर्जा संरक्षण और जनप्रेरक कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की है। गुरुवार को जिलाधिकारी ने ईंधन बचत अभियान को प्रभावी बनाने के लिए अपने काफिले से एस्कॉर्ट वाहन हटाने का निर्णय लिया है। यह कदम ईंधन की अनावश्यक खपत कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सरकारी वाहनों का उपयोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला मुख्यालय, तहसील और ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध वाहनों का न्यूनतम प्रयोग सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी कार्यालय में चार वाहन उपलब्ध हों, तो आवश्यकता के अनुसार एक ही वाहन का उपयोग किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को अधिकतम बैठकों का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अनावश्यक यात्रा और ईंधन की खपत को रोका जा सके। साथ ही अनावश्यक क्षेत्र भ्रमण और बैठकों के लिए वाहनों के प्रयोग से बचने को कहा गया है।
डीएम ने प्रशासनिक कार्यों में डिजिटल और वर्चुअल माध्यमों के अधिकतम उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल सरकारी विभागों तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि निजी वाहनों की अपेक्षा सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें और ईंधन संरक्षण में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बचतें मिलकर बड़े स्तर पर ऊर्जा संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।


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ईंधन संरक्षण के लिए डीएम की पहल, काफिले से हटाया एस्कॉर्ट

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दीपक श्रीवास्तव 
ईंधन संरक्षण के लिए डीएम की पहल, काफिले से हटाया एस्कॉर्ट
जौनपुर,15 मई। यूपी के जौनपुर में शासन के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन ने ऊर्जा संरक्षण और जनप्रेरक कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की है। गुरुवार को जिलाधिकारी ने ईंधन बचत अभियान को प्रभावी बनाने के लिए अपने काफिले से एस्कॉर्ट वाहन हटाने का निर्णय लिया है। यह कदम ईंधन की अनावश्यक खपत कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सरकारी वाहनों का उपयोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला मुख्यालय, तहसील और ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध वाहनों का न्यूनतम प्रयोग सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी कार्यालय में चार वाहन उपलब्ध हों, तो आवश्यकता के अनुसार एक ही वाहन का उपयोग किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को अधिकतम बैठकों का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अनावश्यक यात्रा और ईंधन की खपत को रोका जा सके। साथ ही अनावश्यक क्षेत्र भ्रमण और बैठकों के लिए वाहनों के प्रयोग से बचने को कहा गया है।
डीएम ने प्रशासनिक कार्यों में डिजिटल और वर्चुअल माध्यमों के अधिकतम उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल सरकारी विभागों तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि निजी वाहनों की अपेक्षा सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें और ईंधन संरक्षण में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बचतें मिलकर बड़े स्तर पर ऊर्जा संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।


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नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष कठोर कारावास

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दीपक श्रीवास्तव 
नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष कठोर कारावास
धमकी देकर लंबे समय तक किया शोषण, गर्भ ठहरने पर कराया गर्भपात 


जौनपुर ,15 मई । यूपी के जौनपुर में सिंगरामऊ थाना क्षेत्र में ननिहाल में रह रही 13 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषी संदीप मौर्य को 20 वर्ष कठोर कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त 6 माह कारावास भुगतना होगा। अदालत ने अर्थदंड की राशि पीड़िता को देने का आदेश भी दिया।
यह फैसला उमेश कुमार द्वितीय की अदालत ने सुनाया। मामले में पीड़िता के मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और गवाहों के साक्ष्य निर्णायक साबित हुए।
अभियोजन के अनुसार, पीड़िता अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। मामा रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते थे। इसी दौरान आरोपी ने घर में अकेला पाकर किशोरी को धमकाया और भय का माहौल बनाकर लगातार उसका शोषण करता रहा। पीड़िता ने बताया कि आरोपी परिवार को जान से मारने की धमकी देता था, जिसके डर से वह लंबे समय तक चुप रही।
 मामले ने तब गंभीर रूप लिया जब पीड़िता गर्भवती हो गई। आरोप है कि आरोपी उसे बहाने से बदलापुर ले गया और गर्भपात करा दिया। बाद में घर लौटने पर पीड़िता ने पूरी घटना अपने मामा को बताई, जिसके बाद मुकदमा दर्ज कराया गया।

पुलिस जांच, मेडिकल रिपोर्ट और न्यायालय में दर्ज बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया गया। बचाव पक्ष ने जमीन विवाद में फंसाने की दलील दी, लेकिन अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए दोष सिद्ध कर सख्त सजा सुनाई।
 फैसले के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना रहा। अदालत ने स्पष्ट किया कि नाबालिग के खिलाफ ऐसे अपराधों में कठोर दंड आवश्यक है, ताकि समाज में भय और कानून का संदेश बना रहे।

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डीएम के औचक निरीक्षण में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी अनुपस्थित, वेतन रोकने के निर्देश

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दीपक श्रीवास्तव 
डीएम के औचक निरीक्षण में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी अनुपस्थित, वेतन रोकने के निर्देश

जौनपुर, 15मई । यूपी के जौनपुर के जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन ने गुरुवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) मुफ्तीगंज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. पटेल अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उनका वेतन अगले आदेश तक रोकने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के समय मौजूद मेडिकल ऑफिसर डॉ. कमलेश कुमार ने जिलाधिकारी को बताया कि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी जिला मुख्यालय पर आयोजित बैठक में गए हैं। हालांकि, जब जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से इसकी पुष्टि कराई तो पता चला कि जिला मुख्यालय पर ऐसी कोई बैठक आयोजित ही नहीं की गई थी।
गलत जानकारी सामने आने पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि डॉ. एस.के. पटेल का वेतन तत्काल प्रभाव से बाधित किया जाए तथा डॉ. कमलेश कुमार से भ्रामक सूचना देने के संबंध में स्पष्टीकरण लिया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्र परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया और अधिकारियों को नियमित स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
डीएम ने टीबी मरीजों से बातचीत कर दवा वितरण एवं उपचार की जानकारी भी ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल के सभी वार्डों और परिसर को स्वच्छ रखा जाए तथा मरीजों को बेहतर और प्रभावी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खड़िया सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

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सांसद प्रिया सरोज की AI फर्जी तस्वीरें वायरल,बीजेपी नेता समेत दो पर FIR, प्रतिष्ठा धूमिल करने का आरोप

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दीपक श्रीवास्तव 
सांसद प्रिया सरोज की AI फर्जी तस्वीरें वायरल,बीजेपी नेता समेत दो पर FIR, प्रतिष्ठा धूमिल करने का आरोप

जौनपुर,15 मई ।यूपी के जौनपुर में मछलीशहर लोकसभा सीट से सांसद प्रिया सरोज की फर्जी और मॉर्फ्ड तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने का मामला पुलिस तक पहुंच गया है। इन तस्वीरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके तैयार किया गया था। सांसद की शिकायत पर गुरुवार को बीजेपी के जिला मीडिया प्रभारी अमोद सिंह समेत दो लोगों के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

एफआईआर के अनुसार, सांसद प्रिया सरोज ने आरोप लगाया है कि अमोद सिंह और विशाल सिंह नामक व्यक्तियों के फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट्स से उनकी एडिटेड व फर्जी तस्वीरें तथा भ्रामक सामग्री प्रसारित की जा रही थी। इन पोस्टों के माध्यम से उनकी राजनीतिक और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की सुनियोजित कोशिश की गई।
सांसद ने अपने शिकायती पत्र में कहा है कि यह केवल व्यक्तिगत हमला नहीं, बल्कि एक निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि की गरिमा को ठेस पहुंचाने और जनता के बीच उनकी छवि खराब करने की साजिश है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, साइबर क्राइम थाना जौनपुर ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने, मानहानि, अश्लील एवं भ्रामक कंटेंट साझा करने और साइबर अपराध से संबंधित धाराएं शामिल हैं।
शिकायत में जिन सोशल मीडिया अकाउंट्स और लिंक्स का उल्लेख किया गया है, उनके स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे गए हैं। साइबर सेल अब संबंधित अकाउंट्स की तकनीकी जांच कर पोस्ट अपलोड करने वालों की पहचान करने में जुट गई है।
सांसद प्रिया सरोज ने कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल अभिव्यक्ति के लिए होना चाहिए, न कि किसी की प्रतिष्ठा खराब करने के लिए। उन्होंने एआई तकनीक का दुरुपयोग कर फर्जी तस्वीरें बनाने और उन्हें वायरल करने को गंभीर अपराध बताया। सांसद ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
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सांसद प्रिया सरोज की AI फर्जी तस्वीरें वायरल,बीजेपी नेता समेत दो पर FIR, प्रतिष्ठा धूमिल करने का आरोप

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दीपक श्रीवास्तव 
सांसद प्रिया सरोज की AI फर्जी तस्वीरें वायरल,बीजेपी नेता समेत दो पर FIR, प्रतिष्ठा धूमिल करने का आरोप

जौनपुर,15 मई ।यूपी के जौनपुर में मछलीशहर लोकसभा सीट से सांसद प्रिया सरोज की फर्जी और मॉर्फ्ड तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल करने का मामला पुलिस तक पहुंच गया है। इन तस्वीरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके तैयार किया गया था। सांसद की शिकायत पर गुरुवार को बीजेपी के जिला मीडिया प्रभारी अमोद सिंह समेत दो लोगों के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

एफआईआर के अनुसार, सांसद प्रिया सरोज ने आरोप लगाया है कि अमोद सिंह और विशाल सिंह नामक व्यक्तियों के फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट्स से उनकी एडिटेड व फर्जी तस्वीरें तथा भ्रामक सामग्री प्रसारित की जा रही थी। इन पोस्टों के माध्यम से उनकी राजनीतिक और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की सुनियोजित कोशिश की गई।
सांसद ने अपने शिकायती पत्र में कहा है कि यह केवल व्यक्तिगत हमला नहीं, बल्कि एक निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि की गरिमा को ठेस पहुंचाने और जनता के बीच उनकी छवि खराब करने की साजिश है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, साइबर क्राइम थाना जौनपुर ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने, मानहानि, अश्लील एवं भ्रामक कंटेंट साझा करने और साइबर अपराध से संबंधित धाराएं शामिल हैं।
शिकायत में जिन सोशल मीडिया अकाउंट्स और लिंक्स का उल्लेख किया गया है, उनके स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे गए हैं। साइबर सेल अब संबंधित अकाउंट्स की तकनीकी जांच कर पोस्ट अपलोड करने वालों की पहचान करने में जुट गई है।
सांसद प्रिया सरोज ने कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल अभिव्यक्ति के लिए होना चाहिए, न कि किसी की प्रतिष्ठा खराब करने के लिए। उन्होंने एआई तकनीक का दुरुपयोग कर फर्जी तस्वीरें बनाने और उन्हें वायरल करने को गंभीर अपराध बताया। सांसद ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
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