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काजल मौर्या हत्याकांड में दोषी को उम्रकैद, 10 हजार रुपए जुर्माना

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दीपक श्रीवास्तव 
काजल मौर्या हत्याकांड में दोषी को उम्रकैद, 10 हजार रुपए जुर्माना 

जौनपुर, 12 मार्च । यूपी के जौनपुर में महाराजगंज थाना क्षेत्र के डेल्हूपुर गांव में काजल मौर्या की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अनिल कुमार यादव की अदालत ने गुरुवार को आरोपी धर्मेंद्र मौर्य को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
अदालत ने आरोपी को अवैध हथियार रखने के मामले में आर्म्स एक्ट के तहत एक वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने से भी दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन के अनुसार, सिंगरामऊ थाना क्षेत्र के मल्लूपुर गांव निवासी कुलदीप मौर्य ने महाराजगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी पुत्री काजल मौर्या अपने मामा फतेह बहादुर के घर ग्राम डेल्हूपुर, महाराजगंज गई हुई थी। 9 फरवरी 2021 को दोपहर करीब 1:30 बजे धर्मेंद्र मौर्य निवासी रतासी, सिंगरामऊ वहां पहुंचा।
बताया गया कि जब काजल रसोई में खाना निकालने गई, तभी धर्मेंद्र वहां पहुंचा और उसे गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनकर काजल के मामा और अन्य लोग मौके पर पहुंचे तो काजल गंभीर हालत में तड़प रही थी। धर्मेंद्र ने उस समय लोगों को बताया कि काजल का पेट फट गया है।
घायल काजल को तत्काल सरकारी अस्पताल बदलापुर ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के दौरान गोली लगने की पुष्टि की, जिसके बाद धर्मेंद्र मौके से फरार हो गया। कुछ देर बाद डॉक्टरों ने काजल को मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पुलिस ने 13 फरवरी 2021 को आरोपी धर्मेंद्र को बैहारी पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से तमंचा और कारतूस भी बरामद हुआ। विवेचना के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने धर्मेंद्र मौर्य को दोषी पाते हुए उसे उम्रकैद सहित अन्य सजाएं सुनाईं।

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सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने एंटी भू-माफिया टीम को किया अलर्ट

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दीपक श्रीवास्तव 

सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने एंटी भू-माफिया टीम को किया अलर्ट :अजय अंबष्ट 


जौनपुर,12 मार्च । यूपी के जौनपुर में  अब ग्रामीण क्षेत्रों की तरह शहरी इलाकों में भी सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने एंटी भू-माफिया टीम को अलर्ट कर दिया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) अजय कुमार अंबष्ट ने विभिन्न विभागों से अतिक्रमण वाली भूमि का विस्तृत ब्योरा मांगा है।

नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में भी सरकारी भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे की शिकायतें सामने आई हैं। प्रशासन इन कब्जों को हटाने के लिए व्यापक कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। नए नियम लागू होने के बाद शहरी क्षेत्रों को अतिक्रमण से मुक्त कराने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक तहसील में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी (ईओ) भी अतिक्रमण से संबंधित शिकायत सीधे एंटी भू-माफिया टीम को भेज सकेंगे।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल सरकारी ही नहीं, बल्कि निजी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत भी दर्ज कराई जा सकती है। आम नागरिक एंटी भू-माफिया पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रशासन स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा की जा रही है। सीआरओ अजय कुमार अंबष्ट ने बताया कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सरकारी व निजी भूमि पर अवैध कब्जे करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिकायत मिलने पर जांच के बाद आरोपियों पर एंटी भू-माफिया कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।



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प्रेमी से शादी की जिद में हाईटेंशन पोल पर चढ़ी युवती, तीन घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने उतारा

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दीपक श्रीवास्तव 
प्रेमी से शादी की जिद में हाईटेंशन पोल पर चढ़ी युवती, तीन घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने उतारा
जौनपुर, 12 मार्च यूपी के जौनपुर में शाहगंज कोतवाली क्षेत्र के नटौली गांव में प्रेमी से शादी की जिद में एक युवती गुरुवार को हाईटेंशन बिजली के पोल पर चढ़ गई। युवती बार-बार अपने प्रेमी को बुलाने की मांग करती रही और कहती रही कि वह उससे बहुत प्यार करती है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद युवती को सुरक्षित नीचे उतारा।
 युवती का आजमगढ़ जिले के दीदारगंज थाना क्षेत्र के नंदाव गांव निवासी एक युवक से प्रेम संबंध था। परिजनों को इस रिश्ते की जानकारी होने के बाद उन्होंने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।
बताया जाता है कि लगभग तीन महीने पहले युवती अपने प्रेमी के साथ घर से चली गई थी। बाद में पुलिस ने दोनों को बरामद कर लिया था। युवती के परिजनों की शिकायत पर युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और उसे जेल भेज दिया गया था।
हाल ही में युवक के जमानत पर रिहा होने की सूचना मिलने के बाद युवती ने उससे शादी करने की जिद पकड़ ली। हालांकि दोनों अलग-अलग समुदाय से होने के कारण परिजनों ने इस रिश्ते को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
परिजनों के विरोध से नाराज युवती बुधवार को गांव में लगे हाईटेंशन बिजली के पोल पर चढ़ गई और प्रेमी से शादी कराने की मांग करने लगी। गुरुवार को भी वह दोबारा उसी पोल पर चढ़ गई। सूचना मिलने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से युवती को समझाने का प्रयास किया।
करीब तीन घंटे तक चले प्रयास के बाद पुलिस ने जाल की मदद से युवती को सुरक्षित नीचे उतार लिया और उसे कोतवाली ले गई।इस मामले में  शाहगंज कोतवाली प्रभारी किरण कुमार सिंह ने बताया कि युवती को सुरक्षित नीचे उतारकर कोतवाली लाया गया है और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

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युवक का फंदे पर लटकता मिला शव परिजनों ने हत्या बताते हुए किया कार्यवाही की किया मांग

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दीपक श्रीवास्तव 
युवक का फंदे पर लटकता मिला शव परिजनों ने हत्या बताते हुए किया कार्यवाही की किया मांग 

जौनपुर में एक युवक का शव फंदे से लटका मिला परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए कार्रवाई की मांग पर 28 घंटे तक अंतिम संस्कार नहीं किया। पुलिस के आश्वासन के बाद शव का दाह संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की पुष्टि हुई है।

यह घटना मंगलवार को सब्जी मंडी के पास नाले के बगल शीशम के पेड़ के पास हुई। खुटहन गांव निवासी 28 वर्षीय कल्पनाथ गुप्ता उर्फ कक्कू मिस्त्री पुत्र लुटावन गुप्ता का शव फंदे से लटकता पाया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि उसकी हत्या कर आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटकाया गया है।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अंत्य परीक्षण के बाद देर रात शव परिजनों को सौंप दिया गया। आक्रोशित परिवार के लोग शव घर लाकर हत्यारों की गिरफ्तारी के बाद ही अंतिम संस्कार करने की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने खुटहन वाया जौनपुर मार्ग को जाम करने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस की सक्रियता से वे इसमें सफल नहीं हो सके।
थानाध्यक्ष रामाश्रय राय के कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन शवदाह के लिए सहमत हुए। लगभग 28 घंटे बाद सुतौली घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। थानाध्यक्ष रामाश्रय राय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की पुष्टि हुई है।
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सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में लापरवाही बरतने पर सुप्रीम कोर्ट ने जिलाधिकारी पर 50 हजार रुपये का लगाया जुर्माना

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दीपक श्रीवास्तव 
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में लापरवाही बरतने पर सुप्रीम कोर्ट ने जिलाधिकारी पर 50 हजार रुपये का लगाया जुर्माना 
जौनपुर जिले में ग्राम सभा की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में लापरवाही बरतने पर सुप्रीम कोर्ट ने जिलाधिकारी (डीएम) पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह मामला सदर तहसील क्षेत्र के कंधरपुर गांव की करीब छह बीघा सरकारी जमीन से जुड़ा हुआ है, जिस पर लंबे समय से अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया था।

बताया गया कि इस जमीन को खाली कराने के लिए पीड़ित जयप्रकाश दुबे ने कई साल पहले प्रशासन से शिकायत की थी। उनका कहना था कि ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है, लेकिन प्रशासन की ओर से इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मामला धीरे-धीरे आगे बढ़ता हुआ वर्ष 2023 में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया था कि सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए और इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाए। लेकिन आरोप है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।

इसी लापरवाही और आदेश के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जौनपुर के जिलाधिकारी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने कहा कि सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने के मामले में अधिकारियों को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए।

इस मामले में कोर्ट की सख्ती के बाद प्रशासन में भी हलचल मच गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे की शिकायतें लंबे समय से की जाती रही हैं, लेकिन कई मामलों में कार्रवाई में देरी होती है।

अब सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन जल्द ही कंधरपुर गांव की ग्राम सभा की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए ठोस कदम उठाएगा। वहीं पीड़ित जयप्रकाश दुबे का कहना है कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है और कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन को अब कार्रवाई करनी ही पड़ेगी।
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मंगेश यादव एनकाउंटर मामले में जिला जज की अदालत में निगरानी स्वीकार, विपक्षियों को नोटिस

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दीपक श्रीवास्तव/सीपी दुबे 
मंगेश यादव एनकाउंटर मामले में जिला जज की अदालत में निगरानी स्वीकार, विपक्षियों को नोटिस
जौनपुर। बक्शा थाना क्षेत्र से जुड़े मंगेश यादव एनकाउंटर मामले में जिला जज सुशील कुमार शशि की अदालत ने मृतक की मां द्वारा दाखिल निगरानी याचिका को स्वीकार कर लिया है। अदालत ने मामले में विपक्षी पक्ष को नोटिस जारी करते हुए सुनवाई के लिए 8 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है।
मामले के अनुसार मृतक मंगेश यादव की मां शीला देवी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) जौनपुर की अदालत में वाद दाखिल किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि 2 सितंबर 2024 को दोपहर करीब दो बजे चार-पांच पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और उनके बेटे मंगेश यादव को पूछताछ के नाम पर अपने साथ ले गए। बाद में उसे डकैती के एक मामले में आरोपी बताते हुए फर्जी मुठभेड़ दिखाकर मार दिया गया।
सीजेएम अदालत ने एसडीएम विदुषी सिंह और एसटीएफ द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट के आधार पर यह पाया कि मंगेश यादव की मृत्यु पुलिस मुठभेड़ में हुई थी। अदालत ने यह भी कहा कि मृतक की मां और बहन की ओर से ऐसा कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे हत्या की पुष्टि हो सके। इस आधार पर अदालत ने वाद को निरस्त कर दिया था।
सीजेएम कोर्ट के इसी आदेश के खिलाफ शीला देवी ने जिला जज की अदालत में अधिवक्ता समर बहादुर यादव और ऋषि यादव के माध्यम से निगरानी याचिका दाखिल की। याचिका में कहा गया है कि अधीनस्थ न्यायालय ने प्रशासनिक अधिकारियों के दबाव में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की अनदेखी करते हुए त्रुटिपूर्ण आदेश पारित किया है और केवल पुलिस तथा एसडीएम की जांच रिपोर्ट को आधार बनाकर प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया गया।
याचिका में उत्तर प्रदेश राज्य, जिलाधिकारी के माध्यम से, एसटीएफ प्रभारी डीके शाही व उनकी टीम सुल्तानपुर, तत्कालीन थानाध्यक्ष कोतवाली सुल्तानपुर, तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर तथा थाना बक्शा पुलिस को विपक्षी बनाया गया है।
शीला देवी ने 23 फरवरी 2026 के अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को निरस्त कर मामले की पुनः सुनवाई करते हुए न्यायोचित आदेश पारित करने की मांग की है। जिला जज की अदालत ने निगरानी स्वीकार करते हुए सभी विपक्षियों को नोटिस जारी कर 8 अप्रैल को अगली सुनवाई की तिथि तय की है।
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चौकिया धाम मार्गों के चौड़ीकरण को 9.66 करोड़ की मंजूरी, आवागमन होगा सुगम

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दीपक श्रीवास्तव 
चौकिया धाम मार्गों के चौड़ीकरण को 9.66 करोड़ की मंजूरी, आवागमन होगा सुगम
जौनपुर, 11 मार्च। जनपद में विकास कार्यों को गति देते हुए प्रदेश सरकार ने तीन प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 966.62 लाख रुपये (लगभग 9.66 करोड़ रुपये) की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की धर्मार्थ योजना के अंतर्गत इन महत्वपूर्ण कार्यों को मंजूरी दी है।
ये स्वीकृति खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव के प्रयासों का परिणाम है। लंबे समय से इन मार्गों के चौड़ीकरण की मांग की जा रही थी, जिसे अब शासन स्तर से स्वीकृति मिल गई है।
स्वीकृत कार्यों के अंतर्गत तीन प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इनमें जौनपुर-आजमगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग 120ए के किलोमीटर 59 से चौकिया धाम मंदिर तक का मार्ग, चौकिया-आरा मार्ग के किलोमीटर 1 से चौकिया धाम मंदिर तक का मार्ग तथा जौनपुर-आजमगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग 128ए के किलोमीटर 58 से श्री चौकिया धाम मंदिर तक का मार्ग शामिल है।
इन सड़कों के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण से माता शीतला धाम चौकियां मंदिर क्षेत्र में आवागमन की व्यवस्था और बेहतर होगी। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, साथ ही स्थानीय लोगों को भी यातायात में राहत मिलेगी।
इसके अलावा इन मार्गों के विकास से आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय नागरिकों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और चौकिया धाम आने-जाने वाले लोगों को काफी सुविधा होगी।

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