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जौनपुर पुलिस ने 151 गुमशुदा मोबाइल बरामद किए

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दीपक श्रीवास्तव 
जौनपुर पुलिस ने 151 गुमशुदा मोबाइल बरामद किए
कीमत 32 लाख रुपये, अन्य जिलों-राज्यों से मिले


जौनपुर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शनिवार की दोपहर 1:30बजे एक प्रेस वार्ता करते हुए 151 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 32 लाख रुपये है। इन मोबाइलों को उनके मालिकों को सौंपा गया । इस कार्रवाई के साथ, सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि जौनपुर पुलिस ने  अब तक कुल 1791 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर चुकी है, जिनकी कुल कीमत लगभग 3 करोड़ 60 लाख रुपये है।
शनिवार को 151 मोबाइल फोन जनपद जौनपुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों जैसे आजमगढ़, वाराणसी, सुल्तानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, बलिया, प्रतापगढ़ और भदोही से बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त, कुछ मोबाइल फोन दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार और राजस्थान जैसे अन्य राज्यों से भी मिले हैं।
गुमशुदा मोबाइलों की बरामदगी CEIR पोर्टल पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों के आधार पर की गई। बरामद किए गए मोबाइलों में मुख्य रूप से वन प्लस, वीवो, रेडमी, ओप्पो, रियलमी, टेक्नो, पोको, नोकिया और सैमसंग जैसी कंपनियों के हैंडसेट शामिल हैं।
अपने खोए हुए मोबाइल फोन वापस मिलने पर सभी स्वामियों ने प्रसन्नता व्यक्त की और जौनपुर पुलिस का आभार जताया। सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने  जनता से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में तुरंत गुमशुदगी दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर शिकायत करें।
साइबर अपराधों से बचाव के लिए जन-जागरूकता और सतर्कता सबसे प्रभावी उपाय हैं। यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है, तो उसे तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर ऑनलाइन शिकायत करनी चाहिए, या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। वैकल्पिक रूप से, नजदीकी थाने की साइबर हेल्पडेस्क पर पहुंचकर लिखित शिकायत भी करनी चाहिए।
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जौनपुर जिला अस्पताल की लिफ्ट एक महीने से बंद, बुजुर्ग-दिव्यांग व गंभीर मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

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दीपक श्रीवास्तव 
जौनपुर जिला अस्पताल की लिफ्ट एक महीने से बंद, बुजुर्ग-दिव्यांग व गंभीर मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

जौनपुर,04 जुलाई। यूपी के उमानाथ सिंह जिला चिकित्सालय में पिछले लगभग एक महीने से लिफ्ट बंद होने के कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत बुजुर्गों, दिव्यांगों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को हो रही है, जिन्हें अस्पताल की पहली और दूसरी मंजिल तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, लिफ्ट का संचालन लो वोल्टेज और तकनीकी खराबी के कारण प्रभावित हुआ है। हालांकि, मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि इतनी महत्वपूर्ण सुविधा लंबे समय से बंद रहने के बावजूद इसे जल्द बहाल करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
जिला अस्पताल की पहली और दूसरी मंजिल पर ओपीडी, वार्ड और अन्य जरूरी विभाग संचालित होते हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। वर्ष 1998 में निर्मित इस अस्पताल में गंभीर मरीजों को वार्ड और ऑपरेशन थिएटर तक आसानी से पहुंचाने के उद्देश्य से लिफ्ट लगाई गई थी, लेकिन वर्तमान में इसके बंद होने से यह सुविधा पूरी तरह ठप पड़ी है।
लिफ्ट बंद होने के कारण कई बार तीमारदारों को मरीजों को गोद में या कंधे पर उठाकर सीढ़ियों से ऊपर ले जाना पड़ रहा है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 900 से 1200 मरीज पहुंचते हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है। मरीजों और तीमारदारों ने अस्पताल प्रशासन से लिफ्ट को तत्काल चालू कराने की मांग की है, ताकि गंभीर मरीजों को राहत मिल सके और इलाज में किसी प्रकार की देरी न हो।इस संबंध में शनिवार को जानकारी लेने पर 
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गंगाराम गौतम ने बताया कि लिफ्ट में तकनीकी खराबी आई है। इसे ठीक कराने के लिए कार्यदायी संस्था से लगातार संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही खराबी दूर कर लिफ्ट का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
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जौनपुर में टीईटी का अंतिम दिन, 9584 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल

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दीपक श्रीवास्तव 
जौनपुर में टीईटी का अंतिम दिन, 9584 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल 
प्रवेश से पहले जूते-मोजे उतरवाकर, बेल्ट-घड़ी हटवाकर गहन चेकिंग

जौनपुर में तीन दिवसीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) गुरुवार, 2 जुलाई से शुरू हुई। परीक्षा का अंतिम दिन शुक्रवार, 4 जुलाई को था, जिसमें 9584 अभ्यर्थी शामिल हुए। यह परीक्षा जिले के कुल 23 केंद्रों पर आयोजित की गई।
इस तीन दिवसीय परीक्षा में कुल 56,882 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। नकल रोकने और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे।
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को गहन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। इसमें जूते-मोजे उतरवाए गए और शर्ट की बाहें व कॉलर खोलकर जांच की गई। पानी की बोतल ले जाने से पहले उसके रैपर को भी हटाकर जांच की गई।
प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए विस्तृत योजना तैयार की थी। परीक्षा 2 और 3 जुलाई को दो-दो पालियों में आयोजित की गई, जबकि 4 जुलाई को केवल एक पाली थी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शुरू हुई।
जिलाधिकारी ने परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए। परीक्षा के सुचारु एवं निष्पक्ष संचालन के लिए 23 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 23 स्टैटिक मजिस्ट्रेट, 5 आरक्षित सेक्टर मजिस्ट्रेट और 8 आरक्षित स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे।
जिलाधिकारी ने केंद्र अधीक्षकों को उनके दायित्वों और जिम्मेदारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने निर्देशित किया कि परीक्षा केंद्रों पर आयोग द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। परीक्षा की गोपनीयता, पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के साथ-साथ अभ्यर्थियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना केंद्र अधीक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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रिटायर IAS रमेश नितिन गोकर्ण बने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के अध्यक्ष

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दीपक श्रीवास्तव 
रिटायर IAS रमेश नितिन गोकर्ण बने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के अध्यक्ष

यूपी कैडर के 1990 बैच के वरिष्ठ अधिकारी को भारत सरकार ने सौंपी नई जिम्मेदारी, वाराणसी के कमिश्नर और पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति भी रह चुके हैं।


नई दिल्ली /वाराणसी। उत्तर प्रदेश कैडर के 1990 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं अपर मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त रमेश नितिन गोकर्ण को भारत सरकार ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड (National Road Safety Board) का अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।
रमेश नितिन गोकर्ण की पहचान एक ईमानदार, निष्पक्ष और कुशल प्रशासक के रूप में रही है। अपने लंबे प्रशासनिक कार्यकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए प्रभावी कार्यशैली का परिचय दिया।
वाराणसी में कमिश्नर के पद पर कार्यरत रहने के दौरान, जब वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में कुलपति का पद रिक्त था, तब उन्हें विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था। उन्होंने लगभग चार से पांच माह तक इस दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति पर प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए नई जिम्मेदारी के सफल निर्वहन की शुभकामनाएं दी हैं।
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जौनपुर में ड्रग विभाग स्पेशल टास्क फोर्स की छापेमारी से दवा माफिया में हड़कंप

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दीपक श्रीवास्तव/इन्द्रजीत सिंह मौर्य 
जौनपुर में ड्रग विभाग  स्पेशल टास्क फोर्स की छापेमारी से दवा माफिया में हड़कंप

4 जिलों के औषधि निरीक्षकों  की स्पेशल टीम ने  की ताबड़तोड़  छापेमारी, बंद हो गए कई दुकानों के शटर पांच दुकानों से लिए 11 सैंपल, भारी खामियां उजागर


जौनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष निर्देश पर पूर्वांचल भर में फैले दवा माफियाओं के बड़े सिंडिकेट को तोड़ने के लिए जनपद जौनपुर के जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय के साथ गठित चार जिलों की  स्पेशल टास्क फोर्स टीम ने शुक्रवार को शहर के आधा दर्जन बड़े नामचीन दवा कारोबारियों के यहां ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान कुल 11 संदिग्ध दवाओं के वैधानिक नमूने संग्रहित करके  उसे जांच के लिए लखनऊ मुख्यालय स्थित प्रयोगशाला में भेज दिया है।  जिले में अवैध व मानकविहीन दवाओं की बिक्री के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स टीम द्वारा की गई इस बड़ी संयुक्त प्रवर्तन कार्रवाई से सभी दवा कारोबारी में जबरदस्त हड़कंप मच गया।
 शहर से लेकर गांव तक मोबाइल फोन घनघनाने लगे । मानक के विपरीत बिना लाइसेंस के चलने वाले कुछ मेडिकल स्टोर  दुकानों के शटर भी बंद हो गए।
पूर्वांचल भर में फैले दवा माफियाओं के विशेष रैकेट को तोड़ने के लिए प्रदेश शासन ने
जौनपुर के जिला औषधि  निरीक्षक रजत कुमार पांडेय के साथ राजू प्रसाद (औषधि निरीक्षक, सुल्तानपुर), शिव कुमार नायक (औषधि निरीक्षक, प्रतापगढ़),
 कुमार सौमित्र (औषधि निरीक्षक, भदोही की टीम ने 
शहर के  मिलन ड्रग हाउस परिसर की सघन जांच कर गुणवत्ता परखने के लिए दवाओं के तीन  नमूने लिए गए।
इसके बाद रुहट्टा स्थित एक मेडिकल स्टोर में जांच के दौरान कमियां पाए जाने पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धारा 22(1)(d) के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई । यहां भी दो   नमूने भरे गए।
इसके बाद  यथार्थ एम/एस (सुपर मार्ट) रुहट्टा के व्यावसायिक परिसर की पूरी पड़ताल के बाद नियमानुसार दो नमूने सील किए गए।
इसी प्रकार शहर के गैलेक्सी मेडिकल स्टोर में नियमों के उल्लंघन के संदेह में धारा 22(1)(d) के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए तीन नमूने अधिगृहीत किए गए।
 यथार्थ फार्मेसी प्राइवेट लिमिटेड से निरीक्षण दल ने परिसर की जांच की और गुणवत्ता विश्लेषण के लिए यहां से एक नमूना लिया।



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बंद मिली दुकान, कसा जाएगा शिकंजा

जौनपुर। स्पेशल टास्क फोर्स टीम द्वारा जौनपुर शहर में की जा रही कार्रवाई के दौरान ढालगर टोला स्थित 'मिलन ब्रदर्स' नामक दवा प्रतिष्ठान बंद पाया गया। 
अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण के समय दुकान बंद कर भागने या अनुपस्थित रहने के मामले को गंभीरता से लिया गया है। इस फर्म के विरुद्ध नियमानुसार अलग से नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। टीम में शामिल अधिकारियों का कहना है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कठोर कार्रवाई होगी।
 शासन स्तर पर गठित ड्रग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संग्रहित किए गए सभी 11 नमूनों को जांच के लिए तत्काल राजकीय औषधि विश्लेषण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत यदि कोई भी दवा गुणवत्ताहीन, नकली या मानक के विपरीत पाई जाती है, तो संबंधित फर्मों और मालिकों के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत सीधे अदालत में मुकदमा दर्ज कराकर कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी
जौनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष निर्देश पर पूर्वांचल में फैले बड़े दवा माफियाओं के सिंडिकेट को तोड़ने के लिए प्रदेश शासन ने स्पेशल टास्क फोर्स की टीम गठित किया है । इस टीम में जनपद जौनपुर के सबसे कर्मठ और ईमानदार छवि वाले जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय को विशेष रूप से सबसे अहम जिम्मेदारी सौंप गई है।
डीआई श्री पांडेय के साथ पड़ोसी जनपद सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ और भदोही के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। जनपद सुल्तानपुर के जिला औषधि निरीक्षक राजू प्रसाद, प्रतापगढ़ के शिव कुमार नायक, भदोही जनपद के  कुमार सौमित्र शामिल हैं।
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पुलिस प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद भी अपराधी बेलगाम जनता त्रस्त:- इंदु सिंह

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दीपक श्रीवास्तव 
पुलिस प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद भी अपराधी  बेलगाम जनता त्रस्त:- इंदु सिंह 
 जौनपुर में आए दिन गंभीर अपराधिक घटनाओं से पुलिस का इकबाल कमज़ोर पड़ रहा है।
पुलिस प्रशासन द्वारा समय समय पर अपराध पर अंकुश लगाने हेतु विशेष अभियान चलाया जाता है मगर फिर भी अपराधी मस्त है और जनता त्रस्त है।
उक्त बातें प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से व्यापार मंडल के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष इंद्रभान सिंह इंदु ने  जनपद में हत्या, बलात्कार, लूट, छिनैती और अन्य आपराधिक घटनाओं में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर पुलिस अधीक्षक जौनपुर और प्रदेश सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कही है।

उन्होंने कहा कि जौनपुर में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज बची नहीं है। अपराधी खुलेआम वारदातें कर रहे हैं और पुलिस-प्रशासन केवल औपचारिक बयानबाजी में लगा हुआ है। यह स्थिति अत्यंत शर्मनाक और अस्वीकार्य है। यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो जनता का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा।
इंद्रभान सिंह इंदु ने पुलिस अधीक्षक से सवाल किया कि आखिर अपराधियों पर लगाम क्यों नहीं लग रही? क्या पुलिस सिर्फ घटनाओं के बाद मौके पर पहुंचने के लिए है? उन्होंने कहा कि जनता सुरक्षा चाहती है, बहाने नहीं। व्यापारियों, महिलाओं, बेटियों और आम नागरिकों में जो भय का माहौल बना है, उसके लिए सीधे तौर पर प्रशासन जिम्मेदार है।
उन्होंने प्रदेश सरकार को भी चेतावनी देते हुए कहा कि जौनपुर में बढ़ते अपराधों को हल्के में लेना भारी भूल होगी। सरकार को तत्काल सख्त कदम उठाकर अपराधियों पर नकेल कसनी चाहिए, पीड़ितों को न्याय दिलाना चाहिए और पुलिस तंत्र की जवाबदेही तय करनी चाहिए। 
तभी पुलिस प्रशासन एवं प्रदेश सरकार के प्रति जनता का भरोसा बन सकता है।इस आशय की सूचना ज़िला महामंत्री आरिफ हबीब ने दी है।
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राम मंदिर चढ़ावा मामले की एसआईटी जांच पर राजेंद्र पाल गौतम ने उठाए सवाल, बोले- 'बड़े लोगों को बचाया जा रहा है'

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दीपक श्रीवास्तव 
राम मंदिर चढ़ावा मामले की एसआईटी जांच पर राजेंद्र पाल गौतम ने उठाए सवाल, बोले- 'बड़े लोगों को बचाया जा रहा है'

जौनपुर। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी एवं पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम शुक्रवार को जौनपुर दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस जांच पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। उनका आरोप था कि जिन लोगों पर सवाल उठ रहे हैं, उन्हीं के प्रभाव में जांच हो रही है, इसलिए न्याय की उम्मीद कम है।
गौतम ने आरोप लगाया कि असली आरोपियों को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों को जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब पुलिस, सीआईएसएफ और सीआरपीएफ जैसी एजेंसियां उपलब्ध हैं, तो निजी सुरक्षा एजेंसी पर करोड़ों रुपये खर्च करने की क्या जरूरत थी।
उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर निर्माण से पहले आए चंदे का भी पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं किया गया। उनके अनुसार मंदिर ट्रस्ट के गठन से लेकर उसकी व्यवस्था तक के फैसले केंद्र स्तर पर लिए गए, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
2027 के विधानसभा चुनाव पर बोलते हुए गौतम ने कहा कि कांग्रेस संगठन को मजबूत किया जा रहा है और पार्टी पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों, मजदूरों और आम जनता के बीच जाकर भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ अभियान चलाएगी।
गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सम्मानजनक और बराबर की हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और भाजपा का मुकाबला करने की क्षमता रखती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन में किसी प्रकार की दरार नहीं है और अंतिम निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा।
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