दीपक श्रीवास्तव
झूठे दुष्कर्म मुकदमे से बरी पत्रकार ने ठोका मानहानि का दावा तत्कालीन थाना प्रभारी समेत दस को बनाया पक्षकार,
हाईकोर्ट से मुकदमा निरस्त होने के बाद सम्मान की लड़ाई के लिए दीवानी न्यायालय पहुंचा पत्रकार
जौनपुर। पारिवारिक रंजिश के चलते दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोपों में फंसाए गए पत्रकार महर्षि कुमार सेठ को उच्च न्यायालय से राहत मिलने के बाद अब उन्होंने अपनी प्रतिष्ठा की क्षति का हवाला देते हुए जौनपुर दीवानी न्यायालय में मानहानि का वाद दायर किया है। इस वाद में वाराणसी के चौबेपुर थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी सहित 10 लोगों को प्रतिवादी बनाया गया है।
पत्रकार महर्षि कुमार सेठ का आरोप है कि पारिवारिक विवाद के कारण उन्हें उनकी पत्नी श्वेता सोनी, भाई आदेश सेठ व बहनोई राजेन्द्र स्वर्णकार के साथ सुनियोजित तरीके से झूठे दुष्कर्म के साथ साथ घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न के संगीन मामलों में बिना जांच किये थानाध्यक्ष चौबेपुर द्वारा मुकदमा पंजीकृत किया गया। जबकि वाराणसी न्यायालय से यह पारित हुआ था कि जांचकर विवेचना की जाय। 6 जनवरी 2025 को सायं 6.30 बजे थानाध्यक्ष सहित चार पुलिसकर्मी उनके कार्यालय पर आये और पूछताछ के लिहाज से ले जाने की बात करते हुए कहा कि एक मामले में आपको चलना है, पूछताछ कर छोड़ दिया जायेगा। पत्रकार ने निष्पक्ष और निर्भीक होते हुए उनके साथ चले गये। पत्रकार ने बताया कि उन्हें थानाध्यक्ष जगदीश कुशवाहा चौबेपुर थाना ले गये और गंभीर धारा में मुकदमा पंजीकृत कर चालान भेज दिया। आरोप बेबुनियाद साबित होने के बाद 22 दिन बाद वाराणसी जिला सत्र न्यायालय से पत्रकार की जमानत अर्जी मंजूर कर ली गयी। उधर पत्रकार के बड़े भाई आदेश सेठ ने उक्त मुकदमें के विरूद्ध उच्च न्यायालय में अर्जी डाल दी थी। पूरे मामले की गहनता से उच्च न्यायालय ने जांच कर सबूतों को देखते हुए पत्रकार समेत उनके परिजन पर हुए एफआईआर को 10 मार्च 2026 को रद्द कर दिया। जिसके उपरान्त पत्रकार ने अपने अधिवक्ता बृजेश सिंह रघुवंशी के जरिये मानहानि का वाद दीवानी न्यायालय में दाखिल किया। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि झूठे मुकदमे और कथित दुर्भावनापूर्ण पुलिस कार्रवाई से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा, पत्रकारिता की साख तथा व्यक्तिगत सम्मान को गंभीर क्षति पहुंची है। उन्होंने न्यायालय से जगदीश कुशवाहा थानाध्यक्ष चौबेपुर, वाराणसी, रानी सेठ पुत्री ओमप्रकाश सेठ निवासी जाल्हूपुर, थाना चौबेपुर, वाराणसी, विवेक खत्री उर्फ सोनू पुत्र शैलेन्द्र खत्री, ओमप्रकाश सेठ उर्फ मुन्ना पुत्र स्व. भोला सेठ, प्रियंका सेठ पत्नी विवेक खत्री, दीपक सेठ पुत्र ओमप्रकाश सेठ, प्रियांशी सेठ पत्नी दीपक सेठ, निवासी जाल्हूपुर, थाना चौबेपुर, वाराणसी, दीपा सेठ पत्नी अजय सेठ निवासी काटा, थाना सैयदराजा, जिला चन्दौली, रेनू सेठ पत्नी सुनील उर्फ सीताराम सेठ, निवासी राबर्ट्सगंज, थाना शाहगंज, सोनभद्र और शुभम सेठ पुत्र आर. सेठ निवासी नंदी तिराहा थाना जैतपुरा वाराणसी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई तथा क्षतिपूर्ति की मांग की है।