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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का अपमान सत्य सनातन धर्म पर उत्तर प्रदेश प्रशासन का खुला हमला

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दीपक श्रीवास्तव/अम्बरीष सक्सेना
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का अपमान सत्य सनातन धर्म पर उत्तर प्रदेश प्रशासन का खुला हमला
 अयोध्या । अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने प्रयागराज माघ मेले में जगतगुरू शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज और उनके शिष्यों - बटुकों के साथ पुलिस प्रशासन द्वारा अपमानजनक व्यवहार की कड़ी आलोचना करते हुए इसे सत्य सनातन धर्म पर उत्तर प्रदेश प्रशासन का खुला हमला बताया। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य का विषय है कि एक संत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन में जगतगुरू शंकराचार्य के साथ उन्हीं का पुलिस प्रशासन घोर अपमान करता है और योगी आदित्यनाथ सरकार दोषी पुलिस के विरुद्ध उचित कदम न उठाकर दोषी पुलिस कर्मियों का मनोबल बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि हिन्दू महासभा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दोषी पुलिस कर्मियों को दंडित करते हुए अपनी इस त्रुटि को सुधारने का परामर्श दिया है। 
 राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने अपने परामर्श में कहा कि जगतगुरू शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से पुलिस द्वारा शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगना अनुचित और सत्य सनातन धर्म की परंपरा के विपरीत है। किसी को भी शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगने का अधिकार केवल भगवान आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित पीठ के शंकराचार्यो और उनकी पीठ को है। वैसे भी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं जो उनके शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगने की जरूरत पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि शंकराचार्य के इस अपमान से देश भर के सनातनियों के हृदय में आक्रोश की ज्वाला धधक रही है। यदि समय रहते योगी सरकार ने अपनी इस त्रुटि को नहीं सुधारा तो उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में धर्म निरपेक्ष मुस्लिम परस्त राजनीतिक दल इस विषय का राजनीतीकरण करते हुए लाभ उठाने का प्रयास करेंगे। ऐसा होने पर भाजपा को चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
       हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय मंत्री अधिवक्ता राकेश दत्त मिश्र ने आज इस आशय की जानकारी देते हुए कहा कि जगतगुरू शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को मां गंगा में डुबकी लगाने से रोकने की घटना को संपूर्ण सनातन समाज के अपमान से जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को  प्रयागराज में गंगा स्नान हेतु सादर आमंत्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने योगी आदित्यनाथ के शासन की तुलना घनानंद के उस शासन से कर दी, जिसमें घनानंद ने चाणक्य का अपमान किया था। चाणक्य ने अपने अपमान का बदला किस तरह लिया था, वो आज भी इतिहास के पन्नों में अंकित है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ सरकार से इतिहास की इस घटना से सबक लेने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि जगतगुरू शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का यह अपमान सनातन समाज किसी भी कीमत पर नहीं सहेगा।
       अधिवक्ता मिश्र ने कहा कि प्रयागराज में पुलिस प्रशासन से शंकराचार्य के सम्मान में त्रुटि अवश्य हुई है। योगी आदित्यनाथ ने धर्मसम्मत भारतीय राजनीति के जिस युग का आगाज किया है, वो इस विषम परिस्थिति को बेहतर समझते हैं और इस विषय पर समय रहते धर्मसम्मत निर्णय लेते हुए हिंदुओं के आक्रोश को शांत करने में अवश्य सफल होंगे। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ देश के भावी प्रधानमंत्री के रूप में देश की पहली पसंद है और पहली पसंद बने रहने के लिए उन्हें इस विवाद का सर्वमान्य हल निकालना ही होगा।
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कोडीन कफ सिरप सिंडिकेट मामले में जौनपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मिलन फार्मा का मालिक गिरफ्तार

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दीपक श्रीवास्तव 
कोडीन कफ सिरप सिंडिकेट मामले में जौनपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मिलन फार्मा का मालिक गिरफ्तार

जौनपुर,03 फरवरी । यूपी के जौनपुर में कोडीन कफ सिरप सिंडिकेट से जुड़े मामले में जौनपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए सोमवार देर शाम एक आरोपीत को गिरफ्तार किया है। जिले में दर्ज इस संगठित ड्रग सिंडिकेट मामले में अब तक लगातार गिरफ्तारियां हो रही हैं, जिससे पूरे नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद बढ़ गई है।
गौरतलब है कि कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़े इस मामले में जौनपुर जनपद में कुल दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें 22 आरोपी नामजद हैं। इस प्रकरण के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल को पहले ही सोनभद्र पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बाद जौनपुर पुलिस ने भोला जायसवाल को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ भी की थी।
वहीं इस केस में नामजद एक अन्य आरोपी अंकित श्रीवास्तव को वाराणसी पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। इसी क्रम में जौनपुर पुलिस ने अपनी पहली सीधी गिरफ्तारी करते हुए मिलन फार्मा के मालिक  शशांक मौर्या को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर पूरे सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।पुलिस ने शनिवार को 22 आरोपित लोगो के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।वही मंगलवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए एसआईटी प्रमुख एवं सहायक पुलिस अधीक्षक गोल्डी गुप्ता ने बताया कि मिलन फार्मा के मालिक शशांक मौर्या को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से अहम जानकारियां मिल रही हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसआईटी प्रमुख ने यह भी कहा कि वाराणसी से गिरफ्तार आरोपी अंकित श्रीवास्तव को मामले में पूछताछ के लिए वारंट-बी के तहत न्यायालय से रिमांड की अपील की जाएगी, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

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कायस्थ समाज के लिए समर्पित है कायस्थ महासभा 7235 भारत:सत्य प्रकाश श्रीवास्तव

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दीपक श्रीवास्तव 
कायस्थ समाज के लिए समर्पित है कायस्थ महासभा 7235 भारत:सत्य प्रकाश श्रीवास्तव 
जौनपुर। बंगाल से शुरू हुआ कायस्थ महासभा 7235 भारत आज देश स्तर पर मजबूती से कार्य कर रहा हैं और राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में तेज़ी से पूरे देश में विस्तार हो रहा है उक्त विचार कायस्थ महासभा 7235 भारत के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सत्य प्रकाश श्रीवास्तव एडवोकेट हाईकोर्ट मुंबई ने आज उत्तर प्रदेश के जौनपुर दौरे पर आए कायस्थ महासभा 7235 के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष एवं ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस जौनपुर के जिला अध्यक्ष डॉ उमाकांत श्रीवास्तव प्रिंसिपल साहब के उमरपुर आवास पर  अपने स्वागत अभिनंदन समारोह में कहा कि कायस्थ समाज जौनपुर का नाम देश भर में चर्चा में रहता है और लोग आपसी एकजुटता का मिसाल देते है।
सत्य प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा है अभी महाराष्ट्र में प्रदेश कार्यसमिति बैठक मुंबई में हुआ था जिसमें कायस्थ समाज ने भारी संख्या में शामिल हो कर कायस्थ महासभा 7235 से जुड़कर संगठन को मजबूत बनाए बैठक में सांसद संजय निरुपम जी सहित अनेक जनप्रतिनिधि मंत्री अधिकारी ने मार्गदर्शन दिया और मुंबई में भगवान चित्रगुप्त जी मंदिर निर्माण हेतु साथ देने का वादा किया। और कहा कि कायस्थ समाज ने देश के आजादी से लेकर आज तक राष्ट्रहित में कार्य कर रहा है और करता रहेगा।
कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव साधु ने कहा कि कायस्थ महासभा 7235 भारत संगठन कायस्थ समाज को जोड़ने एवं जागरूक करने का कार्य करता है और जौनपुर में एक नई पीढ़ी युवाओं की फौज खड़ी हो गई हैं 
उत्तर प्रदेश अध्यक्ष दिनेश चन्द श्रीवास्तव दीनू जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कायस्थ महासभा 7235 संगठन मजबूत किया जा रहा है शीघ्र ही लखनऊ में एक प्रदेश कार्यसमिति बैठक एवं कायस्थ सम्मलेन आयोजित किया जाएगा जिसमें पूरे उत्तर प्रदेश के कायस्थ समाज के लोग शामिल होंगे और कहा कि शीघ्र ही लखनऊ में एक प्रदेश कार्यालय खोला जाएगा।
सम्मान समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष कायस्थ महासभा एवं जिला अध्यक्ष ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस जौनपुर डॉ उमाकांत श्रीवास्तव प्रिंसिपल ने किया संचालन कायस्थ महासभा 7235 जौनपुर के जिला अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव एडवोकेट ने किया।
सम्मान समारोह में कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता विश्व प्रकाश श्रीवास्तव दीपक पत्रकार पी टी आई, मेडिकल प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय श्रीवास्तव, अखिल भारतीय चित्रांश महासभा के जिला अध्यक्ष दयाल सरन श्रीवास्तव,कायस्थ संघ अंतर्राष्ट्रीय के जिला अध्यक्ष अजय वर्मा  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव सोनू , राष्ट्रीय नेता उमेश श्रीवास्तव, अखिलेश श्रीवास्तव  डॉ सुधीर श्रीवास्तव, डॉ मिथलेश श्रीवास्तव,अमर श्रीवास्तव अनीश श्रीवास्तव अनिल श्रीवास्तव आर्यन श्रीवास्तव , मनीष श्रीवास्तव एडवोकेट आदि मौजूद रहे।

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कौशलेंद्र कुमार श्रीवास्तव बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनीत

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दीपक श्रीवास्तव 
कौशलेंद्र कुमार श्रीवास्तव  बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनीत
पटना/नई दिल्ली 
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा 7235 भारत के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री एवं बिहार प्रदेश प्रभारी राजेश कुमार वर्मा मुंगेर एवं बिहार प्रदेश अध्यक्ष अजीत श्रीवास्तव रिंकू जी के संस्तुति पर राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश कुमार श्रीवास्तव ने मुंगेर निवासी कौशलेंद्र कुमार श्रीवास्तव को बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनीत किया है और आशा व्यक्त करते हुए कहा कि कायस्थ महासभा 7235 को बिहार में संगठन मजबूती प्रदान करेंगे 
बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष कौशलेंद्र कुमार श्रीवास्तव को मनोनीत होने पर  कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश चन्द खरे, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रमाशंकर श्रीवास्तव,कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव साधु, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ विवेक श्रीवास्तव, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण श्रीवास्तव चुन्नू, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष/प्रदेश अध्यक्ष महाराष्ट्र सत्य प्रकाश श्रीवास्तव एडवोकेट हाईकोर्ट मुंबई, प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश दिनेश चन्द श्रीवास्तव दीनू भईया प्रशासनिक अधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ वीरेन्द्र श्रीवास्तव, राष्ट्रीय संगठन सचिव, राष्ट्रीय प्रवक्ता विश्व प्रकाश श्रीवास्तव दीपक पत्रकार,
जय प्रकाश श्रीवास्तव वरिष्ठ पत्रकार प्रतापगढ़ ,प्रदेश अध्यक्ष पंजाब अजय श्रीवास्तव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक सक्सेना राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गिरिजेश श्रीवास्तव राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंद्र मोहन श्रीवास्तव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शशि श्रीवास्तव गुड्डू एडवोकेट, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव प्रशासनिक अधिकारी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव काशी, मेडिकल प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय श्रीवास्तव,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव सोनू, राष्ट्रीय महासचिव राजेश श्रीवास्तव बच्चा भईया राष्ट्रीय महासचिव ई,राजीव श्रीवास्तव, राष्ट्रीय सचिव अवनीश श्रीवास्तव वरिष्ठ पत्रकार लखनऊ,राष्ट्रीय सचिव अजय वर्मा अज्जू, राष्ट्रीय सचिव विनय श्रीवास्तव, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी डॉ पंकज श्रीवास्तव वरिष्ठ पत्रकार,राष्ट्रीय सह सोशल मीडिया प्रभारी अनीश श्रीवास्तव, विधि प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रशांत पंकज श्रीवास्तव, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला शाखा डॉ पूजा श्रीवास्तव, महिला प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश सुश्री साक्षी श्रीवास्तव, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष महिला शाखा महाराष्ट्र सुनीता श्रीवास्तव, प्रदेश अध्यक्ष पंजाब अजय श्रीवास्तव,प्रदेश अध्यक्ष उड़ीसा प्यारे लाल श्रीवास्तव राजू, प्रदेश अध्यक्ष मध्य प्रदेश अखिलेश निगम, प्रदेश अध्यक्ष बिहार अजीत श्रीवास्तव रिंकू , युवा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अभिजीत सिन्हा युवा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनिल कुमार श्रीवास्तव, युवा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ सलील श्रीवास्तव युवा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मेंद्र श्रीवास्तव युवा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अश्वनी श्रीवास्तव मोनू, युवा राष्ट्रीय महासचिव सृजन श्रीवास्तव, क्षेत्र अध्यक्ष बुंदेलखंड अमित श्रीवास्तव झांसी क्षेत्र अध्यक्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश संतोष वर्मा, मीडिया प्रभारी उत्तर प्रदेश सूर्यांश श्रीवास्तव सहित अनेक राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं विभिन्न प्रदेश के प्रदेश पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं बधाई दिया।
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अंकों का जादू बनाम आम आदमी की थाली बजट 2026 का निष्पक्ष विश्लेषण— डॉ. सुनील कुमार असिस्टेंट प्रोफेसर जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग पूर्वांचल विश्वविद्यालय

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दीपक श्रीवास्तव 
अंकों का जादू बनाम आम आदमी की थाली बजट 2026 का निष्पक्ष विश्लेषण— डॉ. सुनील कुमार असिस्टेंट प्रोफेसर जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग पूर्वांचल विश्वविद्यालय 

 जौनपुर।किसी भी राष्ट्र का बजट केवल आय और व्यय का लेखा-जोखा नहीं होता, बल्कि वह उस देश के भविष्य की प्राथमिकताओं का दर्पण होता है। बजट 2026-27 एक ऐसी ही वैश्विक और घरेलू परिस्थितियों के बीच पेश किया गया है, जहाँ भारत एक तरफ 'विकसित भारत' के स्वप्न को साकार करने की दिशा में अग्रसर है, वहीं दूसरी तरफ आम आदमी बढ़ती महंगाई और रोजगार की अनिश्चितता के चक्रव्यूह में फंसा है। यह बजट इंफ्रास्ट्रक्चर और दीर्घकालिक सुधारों की दृष्टि से तो सराहनीय है, किंतु धरातल पर तात्कालिक राहत के मोर्चे पर कुछ अधूरे सवाल भी छोड़ जाता है।
शिक्षा और स्वास्थ्य: बुनियादी ढांचे पर जोर, गुणवत्ता पर मंथन की आवश्यकता
बजट में शिक्षा के क्षेत्र को आधुनिक और समावेशी बनाने की ईमानदार कोशिश दिखी है। विशेषकर औद्योगिक क्षेत्रों के पास 'यूनिवर्सिटी टाउनशिप' और हर जिले में महिला छात्रावास (गर्ल्स हॉस्टल) बनाने का निर्णय स्वागत योग्य है। यह न केवल उच्च शिक्षा में लैंगिक समानता लाएगा, बल्कि कौशल विकास को उद्योगों की मांग के करीब ले जाएगा। साथ ही, AVGC (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स और गेमिंग) जैसे भविष्य के क्षेत्रों में स्कूली स्तर पर लैब की स्थापना डिजिटल भारत की नींव को मजबूत करेगी।
स्वास्थ्य के मोर्चे पर, पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाने का प्रस्ताव देश के चिकित्सा भार को महानगरों से हटाकर विकेंद्रीकृत करेगा। 1.5 लाख केयरगिवर्स और संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों के प्रशिक्षण का लक्ष्य भारत को वैश्विक 'हेल्थकेयर वर्कफोर्स' का केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
जनहित के वे मुद्दे, जहाँ बजट मौन रहा
सकारात्मक पहलुओं के बावजूद, एक पत्रकार और विश्लेषक के रूप में कुछ बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक है। मध्यम वर्ग, जो अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इस बजट में अपनी हिस्सेदारी खोजता रह गया। आयकर स्लैब में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन न होना और महंगाई के अनुपात में मानक कटौती (Standard Deduction) का स्थिर रहना जेब पर भारी पड़ रहा है।
स्वास्थ्य के लिए आवंटन में वृद्धि तो हुई है, लेकिन वह अभी भी जीडीपी के 2.5 प्रतिशत के उस राष्ट्रीय लक्ष्य से कोसों दूर है, जिसकी सिफारिश दशकों से विशेषज्ञ करते आए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) की स्थिति और वहां डॉक्टरों की उपलब्धता पर बजट में कोई स्पष्ट 'रोडमैप' न होना चिंता का विषय है।
रोजगार: कौशल बनाम अवसर का द्वंद्व
बजट का सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न रोजगार है। सरकार ने 'स्किलिंग' यानी कौशल विकास पर भारी निवेश किया है, लेकिन प्रश्न यह है कि क्या प्रशिक्षित युवाओं के लिए पर्याप्त नौकरियां सृजित हो रही हैं? वर्तमान परिदृश्य में जब एआई (AI) और ऑटोमेशन के कारण पारंपरिक नौकरियां खतरे में हैं, तब बजट में प्रत्यक्ष रोजगार सृजन (Direct Job Creation) के लिए किसी बड़े राजकोषीय प्रोत्साहन का अभाव खटकता है। केवल प्रशिक्षण देना पर्याप्त नहीं है, जब तक कि उन हाथों को काम देने वाले उद्योगों को सीधे तौर पर प्रोत्साहित न किया जाए। ऑरेंज इकॉनमी (Orange Economy): एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स और गेमिंग (AVGC)  क्षेत्र में 15,000 स्कूलों में लैब बनाना भविष्य के डिजिटल रोजगार की दिशा में सही कदम है।
इस पर भी ध्यान देना चाहिए सरकार को
•  मध्यम वर्ग को निराशा: मुद्रास्फीति (Inflation) के बावजूद इनकम टैक्स के स्लैब में कोई बड़ा बदलाव न होना मध्यम वर्ग के लिए निराशाजनक है। स्टैंडर्ड डिडक्शन में मामूली बढ़ोतरी बढ़ती महंगाई के सामने ऊंट के मुंह में जीरा जैसी है।
•  बेरोजगारी पर सीधा प्रहार गायब: बजट में 'स्किलिंग' (Skilling) पर तो जोर है, लेकिन तत्काल रोजगार सृजन (Immediate Job Creation) के लिए किसी ठोस योजना या सीधे वित्तीय प्रोत्साहन का अभाव दिखता है। डिग्रियां तो बढ़ेंगी, पर क्या नौकरियां उसी गति से सृजित होंगी?
•  स्वास्थ्य बजट और जीडीपी: स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आवंटन बढ़ा तो है (10%), लेकिन यह अभी भी वैश्विक मानकों और जीडीपी के 2.5% के लक्ष्य से काफी दूर है। ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) की खस्ताहाली पर कोई बड़ी घोषणा नहीं दिखी।
•  शिक्षा की गुणवत्ता बनाम ढांचा: भवन और हॉस्टल बनाना अच्छा है, लेकिन सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कोई विशेष बजटीय प्रावधान नहीं किया गया है।
कुल मिलाकर, बजट 2026-27 एक 'भविष्यवादी दस्तावेज' है जो आने वाले दशक के भारत की तस्वीर तो खींचता है, लेकिन वर्तमान की धुंधली छवियों को साफ करने में पूरी तरह सफल नहीं दिखता। शिक्षा और स्वास्थ्य में किए गए निवेश का फल वर्षों बाद मिलेगा, लेकिन आज के युवा को रोजगार और गृहणी को रसोई के बजट में तुरंत राहत की दरकार थी। 'विकसित भारत' की राह तभी सुगम होगी जब भविष्य की ऊंची इमारतों के साथ-साथ वर्तमान की नीव में खड़े आम आदमी का जीवन भी सुरक्षित और समृद्ध हो।
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एसआईआर प्रक्रिया को लेकर फैली अफवाहों का एडीएम ने किया खंडन, कहा– बिना हस्ताक्षर फॉर्म पूरी तरह अमान्य: परमानन्द झा

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दीपक श्रीवास्तव 
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर फैली अफवाहों का एडीएम ने किया खंडन, कहा– बिना हस्ताक्षर फॉर्म पूरी तरह अमान्य: परमानन्द झा 

जौनपुर, 03फरवरी। यूपी के जौनपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। सोमवार से सोशल मीडिया पर यह चर्चा ज़ोरों पर है कि एक विशेष राजनीतिक पार्टी द्वारा फॉर्म-7 भरवाकर बीएलओ पर दबाव बनाया जा रहा है, जिससे मतदाताओं के नाम सूची से काटे जा रहे हैं। इसी मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक दिन पूर्व सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर SIR प्रक्रिया पर सवाल भी उठाए थे।
इस मामले में जानकारी देते हुए मंगलवार को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) परमानंद झाँ ने स्पष्ट रूप से इसे अफवाह बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों का खंडन करते हुए कहा कि यह पूरी तरह झूठ और निराधार हैं।
एडीएम ने बताया कि मतदाता सूची से संबंधित किसी भी प्रकार का फॉर्म यदि बीएलए द्वारा दिया जाता है तो उस पर हस्ताक्षर अनिवार्य है। बिना हस्ताक्षर वाला कोई भी फॉर्म प्रशासन के लिए पूरी तरह अमान्य और रद्दी है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में कुछ राजनीतिक दलों के लोग बिना हस्ताक्षर किए हुए फॉर्म दिखाने आए थे, लेकिन ऐसे फॉर्म का कोई कानूनी या प्रशासनिक महत्व नहीं है और उन पर कोई कार्यवाही नहीं की जा सकती।
एडीएम परमानंद झाँ ने मतदाताओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और किसी भी संशय की स्थिति में सीधे प्रशासन या संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करें।

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शिक्षा एक सतत और सर्वांगीण विकास की प्रक्रिया: कृपाशंकर सिंह

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दीपक श्रीवास्तव 
शिक्षा एक सतत और सर्वांगीण विकास की प्रक्रिया: कृपाशंकर सिंह
जौनपुर। शिक्षा एक सतत और सर्वांगीण विकास की प्रक्रिया है जिसमें कर्म करते रहने से अधिकार स्वतः प्राप्त होते है उक्त बातें पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने रामआधार सिंह इंटर कालेज बैजारामपुर के वार्षिकोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए कही। आगे उन्होंने कहाकि यह विद्यालय बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है यही कारण है कि यहां पढ़ रहे बच्चों में प्रत्येक वर्ष कोई न कोई जिला व प्रदेश लेबल पर टाॅप करता है। भाजपा प्रवक्ता ओमप्रकाश सिंह ने कहाकि इस विद्यालय का उद्देश्य छात्र-छात्राओ को अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहा है, तभी विद्यालय के बच्चे हर वर्ष एक विशेष स्थान बनाये रखते हैं। इस मौके पर सत्येन्द्र सिंह फंटू, श्यामराज सिंह, अखिलेश सिंह, धर्मेन्द्र, सत्यम सहित आदि शिक्षक उपस्थित रहे। अतिथियों का आभार प्रबंधक विनोद सिंह ने व्यक्त किया।
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