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मन की बात' केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का सशक्त अभियान बन चुका है:कृपा शंकर सिंह

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दीपक श्रीवास्तव 
मन की बात' केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का सशक्त अभियान बन चुका है:कृपा शंकर सिंह 

जौनपुर,26जुलाई। यूपी के जौनपुर में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी एवं महाराष्ट्र सरकार के पूर्व गृहराज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह के कैंप कार्यालय पर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 136वां एपिसोड सामूहिक रूप से सुना गया। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया तथा प्रधानमंत्री के संबोधन के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की। उन्होंने कहा कि कारगिल के वीर जवानों का साहस, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। उन्होंने देशवासियों से शहीदों के बलिदान को स्मरण रखते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
'मन की बात' के इस एपिसोड में प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत, देश की रक्षा क्षमता को मजबूत बनाने, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है और छोटे-छोटे सकारात्मक प्रयास भी बड़े परिवर्तन का आधार बन सकते हैं। इस दौरान यह भी जानकारी साझा की गई कि एक अध्ययन के अनुसार 'मन की बात' कार्यक्रम को कम से कम एक बार सुनने वालों की संख्या 100 करोड़ तक पहुंच चुकी है, जो इसकी व्यापक लोकप्रियता का प्रमाण है।
कार्यक्रम के उपरांत कृपाशंकर सिंह ने कहा कि 'मन की बात' केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का सशक्त अभियान बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समाज के प्रत्येक वर्ग—युवा, महिलाएं, किसान और आम नागरिकों—को राष्ट्रहित के विषयों से जोड़ते हुए सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा दे रहे हैं।

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कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन, पूर्व सैनिक संगठन ने वीर परिवारों का किया सम्मान

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दीपक श्रीवास्तव 
कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन, पूर्व सैनिक संगठन ने वीर परिवारों का किया सम्मान

जौनपुर। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संगठन की ओर से रविवार को कचहरी रोड स्थित सैनिक कल्याण कार्यालय में 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। संगठन का यह चौथा कारगिल विजय दिवस समारोह रहा, जिसमें 1999 के कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
समारोह में कारगिल युद्ध के वीर जवानों के परिजनों को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने शहीदों के अद्वितीय साहस, त्याग और बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश उनकी वीरता का सदैव ऋणी रहेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैप्टन अजीत पांडेय ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने विपरीत परिस्थितियों में भी अद्वितीय पराक्रम का परिचय देते हुए पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों को खदेड़कर देश की एक-एक इंच भूमि को मुक्त कराया था।उन्होंने बताया कि शून्य से कई डिग्री नीचे तापमान, 16 से 18 हजार फीट की ऊंचाई, ऑक्सीजन की कमी और दुश्मन की लगातार गोलाबारी जैसी विषम परिस्थितियों के बावजूद भारतीय सैनिकों ने टोलोलिंग, टाइगर हिल, प्वाइंट 5140, प्वाइंट 4875 और खालूबार रिज जैसी दुर्गम चोटियों पर विजय प्राप्त कर विश्व के सामने भारतीय सेना के अदम्य साहस का परिचय दिया।वक्ताओं ने कहा कि कारगिल युद्ध के बाद भारत ने रक्षा तैयारियों, खुफिया समन्वय, सीमा अवसंरचना और सैन्य आधुनिकीकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की नियुक्ति, तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय, सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क एवं सुरंग निर्माण, आधुनिक निगरानी प्रणाली और 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने जैसे कदमों से देश की सामरिक क्षमता और अधिक मजबूत हुई है।समारोह का समापन शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
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जौनपुर के आशीष सोनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किया सीधा संवाद विश्व के सबसे ऊंचे डाकघर 'हिक्किम' का साझा किया अनुभव

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दीपक श्रीवास्तव 
जौनपुर के आशीष सोनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किया सीधा संवाद विश्व के सबसे ऊंचे डाकघर 'हिक्किम' का साझा किया अनुभव

जौनपुर,26 जुलाई । यूपी के जौनपुर के बदलापुर ब्लॉक निवासी युवा आशीष सोनी ने रविवार को एक विशेष वर्चुअल संवाद कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे बातचीत कर जनपद का गौरव बढ़ाया। यह अवसर उन्हें युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्था 'मेरा युवा भारत' द्वारा गृह मंत्रालय और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के सहयोग से आयोजित 'विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम' के तहत मिला।
देशभर से आयोजित इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम के लिए लगभग 2.7 लाख युवाओं ने क्विज प्रतियोगिता में भाग लिया था, जिनमें से केवल 403 प्रतिभागियों का चयन किया गया। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद का प्रतिनिधित्व करने वाले आशीष सोनी भी इन चुनिंदा युवाओं में शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की स्पीति घाटी स्थित काजा खास गांव में रहकर सीमावर्ती क्षेत्रों के जनजीवन, संस्कृति और विकास कार्यों का अनुभव प्राप्त किया।
वर्चुअल संवाद के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशीष से विश्व के सबसे ऊंचे डाकघर हिक्किम के अनुभव के बारे में जानकारी ली। आशीष ने बताया कि उन्होंने इसी डाकघर से प्रधानमंत्री के नाम एक पत्र भेजा था। उन्होंने यह भी बताया कि समुद्र तल से 15 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित इस दुर्गम क्षेत्र में भी क्यूआर कोड आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली पूरी तरह सक्रिय है, जो डिजिटल इंडिया अभियान की सफलता का प्रमाण है।
आशीष ने प्रधानमंत्री को स्वयं सहायता समूहों के साथ किए गए कार्यों तथा ग्रामीणों को दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने चिचम पुल के निर्माण से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और विशेष रूप से रात्रिकालीन पर्यटन को मिले बढ़ावा का भी उल्लेख किया, जिसकी प्रधानमंत्री ने सराहना की।
संवाद के बाद आशीष सोनी ने कहा कि प्रधानमंत्री से सीधे बातचीत करना उनके जीवन का अविस्मरणीय क्षण है। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उन्हें राष्ट्र निर्माण और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा। 'मेरा युवा भारत' का यह कार्यक्रम युवाओं को 'विकसित भारत @2047' के संकल्प से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह आज, पूर्वाभ्यास में परखी गईं सभी व्यवस्थाएं

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दीपक श्रीवास्तव 
पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षांत समारोह आज, पूर्वाभ्यास में परखी गईं सभी व्यवस्थाएं
83 मेधावियों को मिलेंगे 84 पदक, 339 शोधार्थियों को पीएचडी व एक को डीएससी की उपाधि


जौनपुर,26 जुलाई ।। यूपी के जौनपुर में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह से पूर्व रविवार को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुसार पूर्वाभ्यास सम्पन्न हुआ। कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने समारोह की सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और अधिकारियों, शिक्षकों व कर्मचारियों से समन्वय के साथ दायित्वों का निर्वहन करने को कहा।
सोमवार को आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी। मुख्य अतिथि के रूप में मेजर जनरल गौरव गौतम (एवीएसएम), अपर महानिदेशक एनसीसी (उत्तर प्रदेश) मौजूद रहेंगे। उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय अतिविशिष्ट अतिथि तथा राज्य मंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
समारोह में 83 मेधावी विद्यार्थियों को 84 पदक प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा 339 शोधार्थियों को पीएचडी तथा एक शोधार्थी को डीएससी (डॉक्टर ऑफ साइंस) की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।
पूर्वाभ्यास के दौरान अतिथियों के आगमन, शैक्षणिक शोभायात्रा, दीप प्रज्ज्वलन, मंच संचालन, पदक एवं उपाधि वितरण सहित सभी चरणों का अभ्यास किया गया। साथ ही प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को स्कूल बैग, फल, ड्राई फ्रूट, ज्योमेट्री बॉक्स और प्रेरणादायी पुस्तकें भेंट करने तथा विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के खेल प्रतियोगिता विजेताओं को सम्मानित करने का भी रिहर्सल हुआ। बच्चों ने देशभक्ति, लोकगीत और पर्यावरण संरक्षण पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अभ्यास भी किया।
कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि समारोह में प्रवेश केवल परिचय-पत्र के आधार पर मिलेगा। परिसर में मोबाइल फोन, बैग, कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी। विद्यार्थियों और शोधार्थियों को निर्धारित ड्रेस कोड एवं विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। समारोह के सफल आयोजन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल रेल मार्ग से पहुंचेंगी जौनपुर, दीक्षांत समारोह को लेकर हाई अलर्ट पर जीआरपी

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दीपक श्रीवास्तव 
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल रेल मार्ग से पहुंचेंगी जौनपुर, दीक्षांत समारोह को लेकर हाई अलर्ट पर जीआरपी

जौनपुर,26 जुलाई । यूपी के जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल इस बार हेलीकॉप्टर के बजाय रेल मार्ग से जौनपुर पहुंचेंगी। उनके प्रस्तावित दौरे को देखते हुए रेलवे सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम शुरू कर दिए हैं।
रेलवे पुलिस मुख्यालय एवं पुलिस अधीक्षक रेलवे, प्रयागराज कार्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार राज्यपाल की रेल यात्रा को लेकर कानपुर, प्रयागराज और जौनपुर के जीआरपी अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित रेलवे स्टेशनों, प्लेटफॉर्मों तथा रेल मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के साथ स्थानीय पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल 27 जुलाई को जौनपुर पहुंचकर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। उनके आगमन को लेकर रेलवे स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।
जीआरपी, आरपीएफ और सिविल पुलिस संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगी। स्टेशन परिसर में निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने तथा आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राज्यपाल का दौरा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

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गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बनी अंजुमन जाफ़रिया की कदीम शब्बेदारी, इमाम हुसैन की याद में छलके अश्क

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दीपक श्रीवास्तव 
गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बनी अंजुमन जाफ़रिया की कदीम शब्बेदारी, इमाम हुसैन की याद में छलके अश्क

जौनपुर। शीराज़-ए-हिंद की पहचान रही गंगा-जमुनी तहज़ीब, आपसी मोहब्बत, भाईचारे और इंसानी यकजहती की रिवायत को एक बार फिर बुलंदी मिली, जब अंजुमन जाफ़रिया के ज़ेरे-ए-एहतिमाम स्थानीय कल्लू मरहूम के इमामबाड़े में कर्बला के प्यासे शहीदों की याद में आयोजित कदीम तरही शब्बेदारी रविवार को अकीदत और एहतराम के साथ सम्पन्न हुई। शनिवार शाम से शुरू हुई इस शबबेदारी में मुल्क के विभिन्न हिस्सों से आए अकीदतमंदों ने नौहाख़्वानी, मातम और अश्कों के ज़रिये हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और शहीदान-ए-कर्बला को ख़िराज-ए-अकीदत पेश किया।
शब्बेदारी की पहली मजलिस को ख़िताब करते हुए मौलाना मेहर अब्बास रिज़वी ने कहा कि कर्बला का पैग़ाम किसी एक कौम या फिरके तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए सब्र, इंसाफ़, सच्चाई और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ डटकर खड़े होने का पैग़ाम है। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की कुर्बानी दुनिया को अम्न, मोहब्बत और इंसानी अख़लाक़ का रास्ता दिखाती रहेगी। मजलिस की सोज़ख़्वानी समर रज़ा और अफ़रोज़ रज़ा ने की।

अंतिम मजलिस को ख़िताब करते हुए मौलाना सफ़दर हुसैन जैदी ने वाक़े-ए-कर्बला के दर्दनाक मंज़र को बयान किया तो पूरा इमामबाड़ा ग़मगीन हो उठा और अकीदतमंदों की आंखें अश्कबार हो गईं। उन्होंने कहा कि समाज की तरक़्क़ी के लिए ज़रूरी है कि लोग इल्म, ईमानदारी और इंसाफ़ को अहमियत दें तथा ऐसे रहनुमाओं का चुनाव करें जो इंसानियत और समाज की भलाई के लिए काम करें।

मजलिस के बाद शबीहे ताबूत बरामद हुआ, जिसके हमराह अंजुमन हैदरिया अब्दुल्लाहपुर (अम्बेडकर नगर), अंजुमन सज्जादिया कोपागंज (मऊ), अंजुमन कारवाने अज़ा जानसठ, अंजुमन रौनके अज़ा मुस्तफ़ाबाद, अंजुमन सज्जादिया जलालपुर सहित नगर की विभिन्न अंजुमनों ने नौहाख़्वानी और मातम का नज़राना पेश किया। पूरे आयोजन के दौरान अज़ादारी के साथ-साथ आपसी मोहब्बत, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहज़ीब की खूबसूरत झलक देखने को मिली।

कार्यक्रम के समापन पर अंजुमन जाफ़रिया के अध्यक्ष नजमुल हसन नजमी ने सभी अंजुमनों, मेहमानों और अकीदतमंदों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में मोहब्बत, इंसानी यकजहती और आपसी एहतराम को मज़बूत करते हैं। संचालन ज़ाहिद कानपुरी, बिलाल हसनैन एवं मोहम्मद अब्बास ऋषभ ने किया।

इस अवसर पर नजमुल हसन नजमी, मीनू खान , मास्टर वसीम, शाहनवाज़ ख़ान, आफ़ताब, हसन अब्बास मोनू, चंदू, रेशब, मीनू, डॉ. राहिल, आरिज़ ज़ैदी, ताबिश ज़ैदी, बिका, सकलैन, अंजुम ख़ान, शकील ख़ान, लाडले ख़ान, अबूज़र ज़ैदी सहित हज़ारों की तादाद में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के अकीदतमंद मौजूद रहे।
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वंशराज ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाई : वीरेंद्र यादव

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दीपक श्रीवास्तव 
वंशराज ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाई : वीरेंद्र यादव 

जौनपुर  । जनता जनार्दन इंटर कॉलेज जासोपुर में संस्थापक स्व. वंशराज यादव की 15वीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार को श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षक नेता वीरेंद्र यादव ने स्व.  वंशराज यादव के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। विशिष्ट अतिथि मुन्ना पांडे, गौरव तिवारी, संतलाल गौड़, चंद्रशेखर यादव और अमित उपाध्याय ने भी संस्थापक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया।
मुख्य अतिथि शिक्षक नेता वीरेंद्र यादव ने कहा कि स्व. वंशराज यादव ने ग्रामीण क्षेत्रो मे शिक्षा की अलख जगाई ,शिक्षा को समाज के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम माना। उनके प्रयासों से क्षेत्र में शैक्षिक वातावरण को मजबूती मिली और आज भी विद्यालय के माध्यम से विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि संस्थापक के विचार और शिक्षा के प्रति उनका समर्पण सभी के लिए प्रेरणादायी है।विशिष्ट अतिथियों ने कहा कि स्व. वंशराज यादव का योगदान केवल विद्यालय की स्थापना तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने शिक्षा के माध्यम से समाज को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।विद्यालय के प्रबंधक लाल साहब यादव ने अतिथियों के प्रति आभार जताया। संचालन  प्रधानाचार्य रमेश चंद्र ने किया।
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