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ईट पत्थर चलाते फायरिंग करते दो भैंस लाद ले गए पिकअप सवार चोर

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दीपक श्रीवास्तव 
ईट पत्थर चलाते फायरिंग करते दो भैंस लाद ले गए पिकअप सवार चोर
 जौनपुर। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के कूकुङीपुर गांव से पिकअप सवार चोर दो भैस लाद ले गए । जबकि तीसरा लादने के प्रयास में पशु मालिक जाग उठे और चिल्लाने पर वह ईट पत्थर चलाते व फायरिंग करते हुए भाग निकले।
 घटना से लेकर परिवार दहशत में है।

 जानकारी के अनुसार कुकुङीपुर गांव के निवासी रामसागर यादव देवकली माइनर के समीप बनी पाही पर सो रहे थे और वही उनके गाय भैंस अन्य मवेशी भी रहते थे। बुधवार को रात करीब 12 बजे पशुशाला मे पशुओं के बोलने की आवाज सुनकर जागे, तो देखा कुछ लोग मुंह बांधकर भैंस खूटे से छोड़ रहे थे । वह चिल्लाते व ललकारते  हुए  चोरो की तरफ बढे, इस दौरान भैंस चोरों ने उन पर ही पत्थर चलाना शुरू कर दिया और एक भैंस लेकर पिकअप में लाद भी लिए  दूसरी  पङिया भैंस पहले से लाद चुके थे। तीसरी भैस छोड़ने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन  रामसागर  के चिल्लाने पर वह ईट पत्थर चलाते हुए फायरिंग भी कर दिया।इस दौरान रामसागर को ईट पत्थर लगने से हल्की चोटें भी आई । फिर वह वापस वह चिल्लाना नहीं छोड़े । जिससे अन्य लोगों की जागने पर वह पिकअप में सवार होकर चोर करंजाकला बाजार की तरफ पिकअप लेकर भाग निकले । पीड़ित रामसागर के मुताबिक चोरों की संख्या 5 से अधिक थी और सफेद पिकअप पर लाद कर फरार हुए है। पीड़ित ने सरायख्वाजा पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। सरायख्वाजा क्षेत्र में पशुओं की चोरी के मामले बढ़ गए हैं। लेकिन चोर पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
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राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी के खिलाफ मुकदमा राज्यपाल की अनुमति से वापस,सभी आरोपी दोषमुक्त

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दीपक श्रीवास्तव/हिमांशु श्रीवास्तव एडवोकेट 
राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी के खिलाफ मुकदमा राज्यपाल की अनुमति से वापस,सभी आरोपी दोषमुक्त 
सुप्रीम कोर्ट के 2021 के आदेश पर हाई कोर्ट इलाहाबाद ने जनवरी 2026 में दी थी अनुमति

समाज के हित व राज्यहित में मुकदमा वापस लेने की सरकारी वकील ने दी थी अर्जी 

2017 में सीमा द्विवेदी समेत 12 आरोपितों के खिलाफ दर्ज हुआ था आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा

जौनपुर- सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के आदेश से राज्यपाल की अनुमति पर भाजपा से जुड़ी राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी समेत 12 आरोपितों के खिलाफ पंवारा थाने में दर्ज आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा वापस लेने का अभियोजन अधिकारी द्वारा प्रार्थना पत्र दिया गया। एसीजेएम द्वितीय अनुज कुमार जौहर ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद सभी आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया। सरकारी वकील द्वारा कहा गया कि इस मामले से समाज के हित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। राज्यहित में मुकदमा वापस लिया जाना आवश्यक है।कोर्ट ने कहा कि जनहित व न्याय हित एवं उत्तर प्रदेश शासन के पत्रांक के आलोक में मुकदमा वापस लिए जाने का प्रार्थना पत्र स्वीकार किए जाने योग्य है।
बता दें कि वादी मुकदमा हेड कांस्टेबल दीपचंद राम ने थाना पंवारा में 7 मार्च 2017 को लिखित तहरीर दिया कि सूचना मिली है कि भाजपा प्रत्याशी सीमा द्विवेदी निवासी अचकारी, सुजानगंज को जीताने के संबंध में कुछ लोग चार वाहनों से प्रचार प्रसार कर रहे हैं।पुलिस भगौती चौराहा पहुंची वहां चार वाहन भाजपा प्रत्याशी सीमा द्विवेदी का प्रचार प्रसार करते पाए गए।सभी 11 व्यक्तियों से पूछताछ की गई सभी ने बताया कि सीमा द्विवेदी को जीताने के लिए प्रचार प्रसार कर रहे थे। सभी 11 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस विवेचना में सीमा द्विवेदी व 11 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन की धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मामला गवाही में चल रहा था।चार गवाह परीक्षित हुए हैं।जिरह में प्रकाश में आया की सीमा द्विवेदी मौके पर मौजूद नहीं थीं। जिन लोगों को मौजूद होना बताया गया उनके पास से कोई चुनाव प्रचार सामग्री तथा पोस्टर, बैनर,माइक, झंडा आदि बरामद नहीं हुआ। घटना की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी भी नहीं कराई गई।इस बीच सुप्रीम कोर्ट के आदेश दिनांक 10 अगस्त 2021 के अनुपालन में हाई कोर्ट में पंजीकृत सुओ- मोटो रिट याचिका में पारित आदेश 22 जनवरी 2026 के द्वारा हाई कोर्ट इलाहाबाद की अनुमति मुकदमा वापस लेने के संबंध में प्राप्त हुई। आदेश के अनुक्रम में राज्यपाल महोदया द्वारा अभियोजन वापस लेने के संबंध में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई। तब सरकारी वकील द्वारा कोर्ट में धारा 321 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत मुकदमा वापस लेने का प्रार्थना पत्र दिया गया कि इस मामले से समाज के हित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है इसलिए राज्यहित में मुकदमा वापस लिया जाना आवश्यक है। कोर्ट ने आदेश में लिखा कि आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया है। अभियोजन अधिकारी द्वारा वाद वापस लेने का प्रार्थना पत्र दिया गया है जिससे स्पष्ट है कि अभियोजन की सफलता संभव नहीं है और शासन अनुपालन में किया गया है। जनहित व न्यायहित एवं उत्तर प्रदेश शासन के पत्रांक 27 फरवरी 2026 के आलोक में मुकदमा वापस लिए जाने का प्रार्थना पत्र स्वीकार किए जाने योग्य है। कोर्ट ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए सभी आरोपितों को आचार संहिता उल्लंघन के आरोप से दोष मुक्त कर दिया।
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जिलाधिकारी जौनपुर का आधा वेतन रोकने का कमिश्नर को आदेश

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दीपक श्रीवास्तव/हिमांशु श्रीवास्तव एडवोकेट 

जिलाधिकारी जौनपुर का आधा वेतन रोकने का कमिश्नर को आदेश 
जिलाधिकारी के कृत्य को कोर्ट ने बताया आपत्तिजनक, तहसीलदार पर भी गिरी गाज

मामला सड़क दुर्घटना के मामले में कोर्ट के आदेश के बावजूद क्षतिपूर्ति की धनराशि की वसूली न करने का 

जौनपुर- सड़क दुर्घटना के एक मामले में वाहन स्वामी से क्षतिपूर्ति की धनराशि की वसूली न करने पर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के जज मनोज कुमार अग्रवाल ने यहां के जिलाधिकारी का आधा वेतन रोकने का कमिश्नर वाराणसी को आदेश दिया। कोर्ट ने जिलाधिकारी के कृत्य को आपत्तिजनक बताया।साथ ही तहसीलदार मछली शहर को कारण बताओं नोटिस जारी किया कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई के लिए मामला उच्च न्यायालय इलाहाबाद को संदर्भित किया जाए। अग्रिम तिथि 22 अप्रैल 2026 नियत की गई है।
बता दें कि सुजानगंज के फत्तूपुर निवासी रामलाल की 16 फरवरी 2019 को मोटरसाइकिल से ससुराल जाते समय टेंपो चालक की लापरवाही से दुर्घटना हो गई थी जिससे उसका पैर कई जगह टूट गया। कई अस्पतालों में उसका इलाज चला और लाखों रुपए खर्च हुए।उसने टेंपो के मालिक गुलाम हसन निवासी लाई मंडी साहबगंज मुंगराबादशाहपुर एवं बीमा कंपनी द ऑरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ क्षतिपूर्ति का मुकदमा दाखिल किया। टेंपो चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस न होने के कारण कोर्ट ने बीमा कंपनी को उत्तरदाई न मानते हुए वाहन स्वामी को क्षतिपूर्ति का उत्तरदायित्व मानते हुए 1.60 लाख रुपए क्षतिपूर्ति व उस पर 2019 से 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का 21 जनवरी 2025 को वाहन स्वामी को आदेश दिया। आदेश के बावजूद वाहन स्वामी ने भुगतान नहीं किया। तब याची के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने धनराशि की वसूली के लिए आरसी जारी किया लेकिन तहसीलदार मछली शहर द्वारा न तो वसूली कराई गई और न ही स्पष्टीकरण दिया गया। मछलीशहर तहसीलदार का आधा वेतन रोकने का कोर्ट ने आदेश दिया लेकिन जिलाधिकारी द्वारा वेतन रोकने के संबंध में कोई आख्या प्रस्तुत नहीं की गई और न ही कोर्ट के आदेश का अनुपालन हुआ जिस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया।
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दिव्यांग को मिले गहने, जिलाधिकारी ने दिलाया न्याय

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दीपक श्रीवास्तव 
दिव्यांग को मिले गहने, जिलाधिकारी ने दिलाया न्याय
ऋण चुकाने के बाद भी वापस नहीं मिल रहे थे आभूषण

जौनपुर में जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र की जनसुनवाई में एक दिव्यांग और वयोवृद्ध व्यक्ति मोहनलाल प्रजापति को न्याय मिला। उन्होंने शिकायत की थी कि ऋण चुकाने के बावजूद उनके गहने वापस नहीं किए जा रहे हैं, जिससे वह अत्यंत परेशान थे। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली ने दोनों पक्षों को बुलाया। मामले की सुनवाई के बाद आपसी सहमति से प्रकरण का निस्तारण किया गया। इस दौरान पीड़ित मोहनलाल प्रजापति को उनके गहने वापस दिलाए गए।
गहने वापस मिलने पर पीड़ित मोहनलाल प्रजापति ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। उन्होंने जनपद के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य रूप से जनसुनवाई करें और प्राप्त शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने यह भी दोहराया कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी
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तालाब में डूबने से दो मासूमों की मौत, गांव में पसरा मातम

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दीपक श्रीवास्तव 
तालाब में डूबने से दो मासूमों की मौत, गांव में पसरा मातम
जौनपुर,08 अप्रैल। यूपी के जौनपुर स्थित मछलीशहर कोतवाली क्षेत्र के पराहित गांव में मंगलवार को तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में कोहराम मच गया और हर तरफ शोक का माहौल छा गया। गांव निवासी अरविंद  पुत्र मोनू (12)और लालबहादुर  पुत्र उमंग (9)मंगलवार सुबह करीब 11 बजे बिना बताए गांव के पास स्थित तालाब में नहाने चले गए। उस समय परिवार के सदस्य खेतों में गेहूं की कटाई में व्यस्त थे। देर रात जब परिजन घर लौटे तो दोनों बच्चे नहीं मिले, जिसके बाद उनकी तलाश शुरू की गई।
काफी खोजबीन के बाद घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित तालाब में दोनों बच्चों के शव मिलने की सूचना मिली। आशंका जताई जा रही है कि नहाते समय दोनों गहरे पानी में चले गए, जिससे उनकी डूबकर मौत हो गई। ग्रामीणों की मदद से दोनों शवों को तालाब से बाहर निकाला गया।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जुट गई। बच्चों की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। एक साथ दो मासूमों की मौत से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
मोनू के पिता दिल्ली में मजदूरी करते हैं और वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। वह प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 4 का छात्र था। वहीं उमंग के पिता मुंबई में काम करते हैं और वह दो भाइयों में बड़ा था तथा पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 7 में पढ़ता था। बुधवार को जानकारी लेने पर  प्रभारी निरीक्षक विनीत रॉय ने बताया कि आज  दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उन्होंने बताया कि मामले में कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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बीमारी से तंग महिला ने किया ट्रेन के सामने कूदकर किया आत्महत्या

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दीपक श्रीवास्तव 
बीमारी से तंग महिला ने किया ट्रेन के सामने कूदकर किया आत्महत्या

जौनपुर,08 अप्रैल । यूपी के जफराबाद थाना क्षेत्र के हौज गांव के पास की मंगलवार/बुधवार भोर में एक 45 वर्षीय महिला ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर लिया।महिला ने बीमारी से परेशान होकर यह कदम उठाया।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उक्त गांव निवासी रमेश प्रजापति पुत्र मेवालाल प्रजापति की बहन चन्दा देवी पत्नी दिनेश प्रजापति काफी दिनों से मायके में ही रह रही थी।चन्दा देवी की ससुराल जलालपुर के मई पराऊगंज में थी।बताया जाता है काफी दिनों से वह किसी बीमारी से काफी परेशान थी।इसी से परेशान होकर उसने अपनी जीवनलीला समाप्त कर लिया।इस संबंध में बुधवार को जानकारी लेने पर थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश शुक्ल ने बताया कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर कार्यवाही कर रही है। उन्होंने बताया कि मृतका के भाई ने बताया कि चन्दा देवी बीमारी से तंग आकर आत्महत्या कर लिया।

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सामाजिक सरोकारों की दिशा में पीयू की पहल, बालिका संरक्षण गृह का किया शैक्षणिक भ्रमण

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दीपक श्रीवास्तव 
सामाजिक सरोकारों की दिशा में पीयू की पहल, बालिका संरक्षण गृह का किया शैक्षणिक भ्रमण
जौनपुर,08 अप्रैल। यूपी के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत एक सराहनीय पहल करते हुए राजकीय बालिका संरक्षण गृह, रामनगर (वाराणसी) का शैक्षणिक एवं संवेदनशील भ्रमण किया। यह कार्यक्रम राजभवन सचिवालय, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में कुलपति प्रो. वंदना सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
भ्रमण के दौरान विश्वविद्यालय की टीम ने बालिका गृह में रह रही बालिकाओं के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं—शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, मानसिक सुदृढ़ता और पुनर्वास—का गहन अध्ययन किया। इस पहल का उद्देश्य न केवल व्यवस्थाओं का अवलोकन करना था, बल्कि यह भी समझना था कि विश्वविद्यालय पॉक्सो अधिनियम एवं अन्य संवेदनशील परिस्थितियों में रह रही बालिकाओं के पुनर्वास, मनोवैज्ञानिक सशक्तिकरण और कौशल विकास में किस प्रकार सहयोग कर सकता है।
भ्रमण दल का नेतृत्व अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने किया। उनके साथ उपकुलसचिव श्रीमती बबीता, अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग की डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय, शोध छात्रा एवं वरिष्ठ नैदानिक मनोवैज्ञानिक पायल तथा दिवाकर शर्मा उपस्थित रहे।
संरक्षण गृह की प्रभारी संगीता राय एवं परामर्शदाता दीपिका सिंह ने टीम का स्वागत करते हुए परिसर का विस्तृत निरीक्षण कराया और आवास, पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श सेवाओं, शैक्षणिक गतिविधियों व कौशल प्रशिक्षण की जानकारी दी।
प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन में सदैव अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं संगीता राय ने भविष्य में संयुक्त रूप से जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण सत्र और कार्यशालाएं आयोजित करने पर सहमति जताई।
यह पहल राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के नेतृत्व में विश्वविद्यालयों द्वारा निभाए जा रहे सामाजिक दायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है।
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