Break News

Sticky Grid(5)

Latest News

World News{#d70f81}

Utter Pradesh{#32bba6}

Health{#1BAEE0}

LATEST POSTS

एआई के साथ विकास की नई राह पर पीयू : प्रो. राकेश सिंह

item-thumbnail

दीपक श्रीवास्तव 

एआई के साथ विकास की नई राह पर पीयू : प्रो. राकेश सिंह


एआई मंथन-2.0 में कुलपति ने राज्यपाल के समक्ष रखा विश्वविद्यालय का विजन


जौनपुर, 13 सितंबर । यूपी के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर में आयोजित कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंथन-2.0 में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर की टीम ने सहभागिता की। कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल के समक्ष विश्वविद्यालय का प्रस्तुतिकरण किया। उन्होंने शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, स्वास्थ्य और सुशासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग की संभावनाएं बताईं।

कुलपति ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी देते हुए कहा कि एआई से उच्च शिक्षा को अधिक प्रभावी, नवाचारपरक और तकनीक आधारित बनाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों के हित में एआई के उपयोग और विश्वविद्यालय में चल रहे प्रयासों को रेखांकित किया।

उन्होंने छात्रावास सुविधाओं के विस्तार, खेलकूद को बढ़ावा देने, इंटरनेट सुविधाओं को सुदृढ़ करने और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ी पहलों की जानकारी दी। प्रस्तुतिकरण में क्षय रोगियों के सहयोग एवं जागरूकता, किशोरियों के एचपीवी टीकाकरण, सौ सप्ताह के नशामुक्ति अभियान, सेवा पखवाड़ा तथा बाल संरक्षण गृह से संबंधित कार्ययोजना भी शामिल रही।

कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों, विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने एआई के माध्यम से शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, स्वास्थ्य और सुशासन को नई दिशा देने पर विचार साझा किए। उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच एआई आधारित सहयोग और नवाचार की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति के नेतृत्व में कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह, आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. गिरिधर मिश्र, प्रो. सौरभ पाल, डॉ. विक्रान्त भटेजा, डॉ. सुनील यादव और दिलीप कुमार यादव ने प्रतिभाग किया।


Read more »

सीएसआईआर-यूजीसी नेट में पीयू का परचम,सोनल को देश में दूसरी रैंक, छह अभ्यर्थियों की शानदार सफलता

item-thumbnail
दीपक श्रीवास्तव 
सीएसआईआर-यूजीसी नेट में पीयू का परचम,सोनल को देश में दूसरी रैंक, छह अभ्यर्थियों की शानदार सफलता
जौनपुर, 13 सितंबर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों ने संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भइया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान से जुड़े छह अभ्यर्थियों ने जेआरएफ एवं नेट में राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय रैंक हासिल की है।
अर्थ एंड प्लैनेटरी साइंसेज में एम.एससी. भूविज्ञान की छात्रा सोनल शुक्ला ने जेआरएफ में देशभर में दूसरी रैंक हासिल की। इसी विषय में अनन्य पांडेय ने 29वीं रैंक प्राप्त की।
रसायन विज्ञान में रज्जू भइया संस्थान के पूर्व छात्र सूरज प्रजापति ने सीएसआईआर-जेआरएफ में 79वीं रैंक हासिल की। वह वर्तमान में विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड टेक्नोलॉजी में डीएसटी-पर्स परियोजना के तहत शोध कर रहे हैं।
भौतिक विज्ञान में प्रवीण कुमार प्रजापति ने नेट में 118वीं रैंक हासिल की। गणितीय विज्ञान में प्रदूम कुमार शर्मा ने सीएसआईआर-जेआरएफ में 122वीं तथा अनंत चौधरी ने नेट में 106वीं रैंक प्राप्त की।
कुलपति प्रो. आर.के. सिंह ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विभिन्न विज्ञान विषयों में विद्यार्थियों की यह सफलता विश्वविद्यालय की मजबूत होती शोध संस्कृति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, आधुनिक अनुसंधान सुविधाओं और बेहतर अकादमिक मार्गदर्शन को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में मिली सफलता से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध पहचान मजबूत हुई है और अन्य विद्यार्थी भी उच्च शिक्षा तथा अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे।
Read more »

28 थानों की पुलिस ने अभियान चलाकर 205 वांछित व वारंटी अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

item-thumbnail
दीपक श्रीवास्तव 
28 थानों की पुलिस ने अभियान चलाकर 205 वांछित व वारंटी अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

जौनपुर, 13 सितंबर (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर 205 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह के निर्देशन में जनपद के 28 थानों की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। इस संबंध में राविवार को जानकारी देते हुए  अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह ने बताया कि 
अभियान के दौरान 14 वांछित और 191 वारंटी (एनबीडब्ल्यू) अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। ये सभी लंबे समय से वांछित और न्यायालय से जारी गैर जमानती वारंटों में फरार चल रहे थे।अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दबिश दी गई।
थानावार कार्रवाई में कोतवाली से सात, लाइन बाजार से 11, जफराबाद से चार वारंटी व तीन वांछित, शाहगंज से सात, खेतासराय से छह, खुटहन से 13 वारंटी व दो वांछित तथा सरपतहां से नौ अभियुक्त गिरफ्तार किए गए। केराकत से नौ वारंटी व दो वांछित, चंदवक से 12, जलालपुर से छह वारंटी व चार वांछित तथा गौराबादशाहपुर से 11 अभियुक्तों को पकड़ा गया।
इसके अलावा सरायख्वाजा से छह, बक्सा से आठ, सिकरारा से सात, तेजीबाजार से तीन, बदलापुर से चार, सिंगरामऊ से तीन, महराजगंज से चार, सुजानगंज से छह, मछलीशहर से छह, मुंगराबादशाहपुर से 10, मीरगंज से सात, पवारा से चार, मड़ियाहूं से 10, रामपुर से छह, नेवढ़िया से चार, बरसठी से पांच वारंटी व तीन वांछित और सुरेरी से तीन अभियुक्त गिरफ्तार किए गए, वारंटी और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी का विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।

Read more »

मूल्यों की राजनीति के प्रबल पक्षधर थे ठा. उमानाथ सिंह

item-thumbnail
दीपक श्रीवास्तव 
मूल्यों की राजनीति के प्रबल पक्षधर थे ठा. उमानाथ सिंह

गरीबों और असहायों के हितों के लिए आजीवन संघर्ष किया, 13 सितंबर को तिलकधारी महाविद्यालय में होगी श्रद्धांजलि सभा

जौनपुर13 सितंबर ।भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री स्व. ठा. उमानाथ सिंह की पुण्यतिथि पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया जा रहा है। उनके निधन को 32 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन त्याग, परोपकार, सादगी, विनम्रता, धैर्य और समर्पण से जुड़ी उनकी स्मृतियां आज भी लोगों के बीच जीवंत हैं। वह मूल्यों की राजनीति में विश्वास करते थे और जिले के विकास के लिए आजीवन संघर्षशील रहे।
राजनीतिक जीवन में स्व. उमानाथ सिंह की अलग पहचान थी। गरीबों और असहायों के हितों के लिए वह सदैव तत्पर रहते थे। अपनी समस्या लेकर उनके पास पहुंचने वाले हर व्यक्ति की बात वह सहजता से सुनते और उसके समाधान का प्रयास करते थे। मृदुभाषी स्वभाव के कारण सभी राजनीतिक दलों में उनका सम्मान था। उनके विचारों से विभिन्न दलों के कई वरिष्ठ नेता प्रभावित रहते थे।
मोहल्ला नखास स्थित उनके आवास की चौखट आम लोगों के लिए हमेशा खुली रहती थी। बरामदे में चौकी पर बैठकर वह समर्थकों और फरियादियों से सहजता से मिलते थे। गरीब और जरूरतमंद लोग बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं लेकर उनके पास पहुंचते थे। उनका मानना था कि सत्य की राह कठिन जरूर होती है, लेकिन अंततः परिणाम सत्य के पक्ष में ही जाता है।
स्व. उमानाथ सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर साहित्य वाचस्पति श्रीपाल सिंह क्षेम की लिखी कविता भी उनके सामाजिक और मानवीय व्यक्तित्व को रेखांकित करती है। उनके परिवार में उन्होंने जो संस्कार बोए, वे आज भी उनकी विरासत के रूप में दिखाई देते हैं। उनके अनुज एवं टीडी कॉलेज के पूर्व प्रबंधक स्व. अशोक सिंह ने भी अपने बड़े भाई की स्मृति में शिक्षण संस्थानों की स्थापना कर समाजसेवा की मिसाल कायम की। कोरोना काल में स्व. अशोक सिंह का निधन हो गया, लेकिन जीवनभर उन्होंने अपने बड़े भाई के पदचिह्नों पर चलने का प्रयास किया।
स्व. उमानाथ सिंह के संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए उनके पुत्र पूर्व सांसद कृष्ण प्रताप सिंह ‘केपी’ तथा परिवार के अन्य सदस्य राघवेंद्र प्रताप सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, शिवेंद्र प्रताप सिंह और शिवेंद्र प्रताप सिंह समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
13 सितंबर को श्रद्धांजलि सभा
स्व. उमानाथ सिंह के भतीजे राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 13 सितंबर को तिलकधारी महाविद्यालय के बलरामपुर हाल में दोपहर 12 बजे से श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय शुल्क राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव मौजूद रहेंगे। समारोह की अध्यक्षता भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह करेंगे।
Read more »

दुर्घटना के 121 मुकदमों का सुलह समझौते से हुआ निस्तारण ,8 करोड़ रूपए से अधिक की क्षतिपूर्ति का निर्धारण

item-thumbnail
दीपक श्रीवास्तव/ सूर्यमणि पांडेय 
दुर्घटना के 121 मुकदमों का सुलह समझौते से हुआ निस्तारण ,8 करोड़ रूपए से अधिक की क्षतिपूर्ति का निर्धारण 

जौनपुर,12 सितंबर। यूपी  के जौनपुर में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत के  आयोजन के क्रम में दुर्घटना के कुल 121 मुकदमों को सुलह समझौते के अंतर्गत निपटाते हुए कुल 8 करोड़ 3 लाख 16000 रुपए मुआवजे के रूप में निर्धारित किया।
सन 2007 में दाखिल की गई इजरा की पत्रावली का 19 वर्षों बाद सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण हुआ जिसमें याचीगण को 9 लाख 86 हजार रुपए क्षतिपूर्ति मिली। विभिन्न बीमा कंपनियों के अधिवक्ता व याचियों की भीड़  न्यायालय में उपस्थिति रही तथा याची के अधिवक्ता गण काफी मशक्कत करके अधिक से अधिक मुकदमों के निस्तारण में लगे रहे। उक्त अवसर पर सूर्य प्रकाश सिंह, सोभनाथ यादव, उमाशंकर सिंह, रविंद्र विक्रम सिंह, सूर्यमणि पांडेय, हिमांशु श्रीवास्तव, बृजेश निषाद, निलेश निषाद, अवधेश यादव, अंकित दुबे, अविनाश शुक्ल सहित काफी अधिवक्ता गण तथा हौसला तिवारी, राज नारायण यादव, सुधाकर मिश्रा, सुधीर कुमार राय, अमितेश, प्रशांत गौड़, अर्सलान, विनय व सद्दाम सहित सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।

Read more »

राष्ट्रीय लोक अदालत में 59,218 मामलों का निस्तारण, 22.57 करोड़ की समझौता राशि तय

item-thumbnail
दीपक श्रीवास्तव 
राष्ट्रीय लोक अदालत में 59,218 मामलों का निस्तारण, 22.57 करोड़ की समझौता राशि तय

जौनपुर,12 सितंबर। यूपी  के जौनपुर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशील कुमार शशि की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में कुल 59,218 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 22 करोड़ 57 लाख 60 हजार 855 रुपये की समझौता राशि तय की गई।
लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों और संबंधित विभागों को अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण के लिए प्रोत्साहित किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रणजीत कुमार तथा सिविल जज सुशील कुमार सिंह की देखरेख में लोक अदालत का संचालन हुआ।
निस्तारित मामलों में विभिन्न न्यायालयों के लंबित 7,447 वाद तथा राजस्व न्यायालयों एवं अन्य विभागों के 51,771 प्री-लिटिगेशन वाद शामिल रहे। पारिवारिक न्यायालयों में 70 मुकदमों का निस्तारण हुआ, जिसमें एक महिला को 38.10 लाख रुपये की समझौता राशि दिलाई गई।
पीठासीन अधिकारी एमएसीटी मनोज कुमार अग्रवाल के समक्ष क्षतिपूर्ति के 135 मुकदमे प्रस्तुत किए गए, जिनमें 121 मामलों का निस्तारण कर 8 करोड़ 3 लाख 16 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति याचियों को दिलाई गई। स्थायी लोक अदालत ने 12 मामलों का निस्तारण करते हुए 54 लाख 52 हजार 544 रुपये की समझौता राशि तय की। अपर जिला जज चतुर्थ के न्यायालय में बिजली वसूली से संबंधित 619 वाद निस्तारित किए गए।
विभिन्न न्यायालयों ने 5,138 शमनीय फौजदारी वादों का निस्तारण कर 5.79 लाख रुपये अर्थदंड लगाया। राजस्व न्यायालयों में फौजदारी के 2,376, राजस्व के 735 तथा अन्य 47,442 वादों का निस्तारण हुआ। बैंक, वित्तीय कंपनियों और बीएसएनएल से संबंधित 1,135 प्री-लिटिगेशन मामलों में 13.32 करोड़ रुपये का समझौता हुआ।
इस अवसर पर दिव्यांगजन विभाग की ओर से ट्राई साइकिल वितरित की गईं। उद्योग विभाग ने लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया, जबकि श्रम विभाग की ओर से पात्र लाभार्थियों को क्षतिपूर्ति के चेक प्रदान किए गए।

Read more »

दीवानी बार अधिवक्ता संघ चुनाव में अवधेश सिंह अध्यक्ष, मनीष कुमार सिंह मंत्री निर्वाचित

item-thumbnail
दीपक श्रीवास्तव 
दीवानी बार अधिवक्ता संघ चुनाव में अवधेश सिंह अध्यक्ष, मनीष कुमार सिंह मंत्री निर्वाचित
सत्येंद्र चतुर्वेदी वरिष्ठ उपाध्यक्ष और अजय श्रीवास्तव कनिष्ठ उपाध्यक्ष चुने गए

जौनपुर, 12 सितंबर । यूपी के जौनपुर में दीवानी बार अधिवक्ता संघ के चुनाव में शनिवार को मतगणना के बाद परिणाम घोषित कर दिए गए। अध्यक्ष पद पर अवधेश सिंह ने 1,276 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी रमेश चंद्र उपाध्याय को 120 मतों से पराजित किया। रमेश चंद्र उपाध्याय को 1,156, रुद्र प्रताप यादव को 187, जवाहरलाल यादव को 178 और अरुण सिंह को 35 मत मिले, जबकि 18 मत अवैध घोषित किए गए।
मंत्री पद पर मनीष कुमार सिंह ने जीत हासिल की। उन्हें 832 मत मिले और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 320 मतों के अंतर से हराया।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर सत्येंद्र चतुर्वेदी तथा कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर अजय श्रीवास्तव निर्वाचित हुए। लेखा निरीक्षक पद पर महेश कुमार दुबे ने 730 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी विकास पटेल को 12 मतों से शिकस्त दी। संयुक्त मंत्री पद पर शैलेश मिश्रा 571 मत पाकर विजयी रहे।
उप मंत्री पद पर अश्वनी कुमार मिश्र और अजीत कुमार यादव निर्वाचित हुए। कार्यकारिणी सदस्य पद के परिणाम में मोहित मिश्रा प्रथम, अजीत कुमार यादव द्वितीय, किरण सिंह तृतीय, अमित तिवारी चतुर्थ तथा विनोद पटेल और प्रशांत उपाध्याय संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहे।
परिणाम घोषित होते ही विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों में उत्साह का माहौल रहा। अधिवक्ताओं ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी और संघ के हित में सक्रियता से कार्य करने की उम्मीद जताई।

Read more »
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ