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नोएडा में जौनपुर के दिव्यांग बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा और डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने किया सम्मानित

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दीपक श्रीवास्तव 
नोएडा में जौनपुर के दिव्यांग बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा और डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने किया सम्मानित

जौनपुर। नगर के रूहट्टा स्थित राजेश स्नेह ट्रस्ट ऑफ एजुकेशन दिव्यांग बच्चों का स्कूल एवं पुनर्वास केंद्र के बच्चों ने तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के दौरान नोएडा में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा एवं वरिष्ठ नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने बच्चों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
भ्रमण दल ट्रेन से जौनपुर से नोएडा पहुंचा। यात्रा के दौरान बच्चों ने गीत-संगीत, वाद-विवाद और विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। नोएडा पहुंचने के बाद बच्चों ने प्रसिद्ध फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. महिपाल सिंह की संस्था फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन का भ्रमण किया। यहां उन्होंने दिव्यांग बच्चों द्वारा तैयार कैंडल, मूर्तियां, खिलौने, क्ले से बनी कलाकृतियां और अन्य उत्पादों का अवलोकन किया तथा वोकेशनल प्रशिक्षण की गतिविधियों को करीब से देखा।
भ्रमण के दूसरे दिन बच्चों ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री बीएल वर्मा के आवास पर उनसे मुलाकात की। मंत्री ने बच्चों से आत्मीय बातचीत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उनके प्रयासों की सराहना की।
तीसरे दिन आयोजित "क्षितिज की गूंज – सपनों को पंख, हुनर को पहचान" कार्यक्रम में जौनपुर के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ. मुरली मनोहर जोशी और मुख्य अतिथि बीएल वर्मा ने बच्चों को सम्मानित कर उनके आत्मविश्वास और प्रतिभा की प्रशंसा की।
भ्रमण के अंतिम दिन बच्चों ने नोएडा के प्रमुख स्थलों का भ्रमण किया और इसके बाद जौनपुर के लिए रवाना हुए।
राजेश स्नेह ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. राम नारायण सिंह ने फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन, डॉ. महिपाल सिंह तथा सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस शैक्षणिक भ्रमण से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा है और उन्हें नई सीख व प्रेरणा मिली है।
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दीक्षोत्सव में खेल प्रतिभाओं का दमदार प्रदर्शन विजेता खिलाड़ियों को कुलपति ने किया सम्मानित

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दीपक श्रीवास्तव 
दीक्षोत्सव में खेल प्रतिभाओं का दमदार प्रदर्शन विजेता खिलाड़ियों को कुलपति ने किया सम्मानित
जौनपुर। यूपी के जौनपुर में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांतपूर्व दीक्षोत्सव के अंतर्गत गुरुवार को परंपरागत खेल प्रतियोगिताओं का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। रस्साकशी एवं कबड्डी प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं विभागों के छात्र-छात्राओं ने पूरे जोश और खेल भावना के साथ भाग लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं के समापन पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विजेता टीमों को सम्मानित किया।

महिला रस्साकशी प्रतियोगिता में एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बी.एससी. बायोटेक्नोलॉजी (ऑनर्स) की टीम उपविजेता रही, जबकि बी.एससी. जेडबीसी की टीम ने तृतीय स्थान हासिल किया।

पुरुष रस्साकशी प्रतियोगिता में बीसीए की टीम विजेता बनी। एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी की टीम द्वितीय तथा बी.एससी. बायोटेक्नोलॉजी (ऑनर्स) की टीम तृतीय स्थान पर रही।
महिला कबड्डी प्रतियोगिता में बी.एससी. जेडबीसी की टीम ने प्रथम, एम.एससी. माइक्रोबायोलॉजी की टीम ने द्वितीय तथा बी.एससी. बायोटेक्नोलॉजी (ऑनर्स) की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं पुरुष कबड्डी प्रतियोगिता में बीसीए की टीम विजेता घोषित हुई।

पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने सभी विजेता एवं प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक और मानसिक विकास का सशक्त माध्यम हैं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और टीम भावना का भी विकास करते हैं।  अंत में उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

कार्यक्रम के संयोजक प्रो. प्रदीप कुमार के निर्देशन में आयोजित प्रतियोगिताओं एवं पुरस्कार वितरण समारोह में खेल विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, रजनीश, राजेश,  शिक्षक डॉ. संजीव मौर्य, डॉ. ईशानी भारती, डॉ. ऋषि श्रीवास्तव, डॉ. विवेक सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।


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एसबीएसपी ने पिछड़े, दलितों के सम्मान, सुरक्षा की मांग की

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दीपक श्रीवास्तव 
एसबीएसपी ने पिछड़े, दलितों के सम्मान, सुरक्षा की मांग की
मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर संवैधानिक अधिकारों की रक्षा पर जोर

जौनपुर। यूपी के जौनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को  मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। राष्ट्रीय महासचिव डॉ. जेपी सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में पिछड़े, अतिपिछड़े, दलित और अतिदलित समाज के सम्मान, स्वाभिमान, सुरक्षा तथा संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग की गई।
राष्ट्रीय महासचिव डॉ. जेपी सिंह ने कहा कि वर्तमान में समाजवादी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा इन वर्गों के विरुद्ध लगातार जातिसूचक, अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। इससे समाज के वंचित वर्गों में गहरा आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी व्यक्ति या समाज को उसकी जाति के आधार पर अपमानित करना संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
ज्ञापन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में गरीब, कमजोर और वंचित वर्गों के लोगों को कथित तौर पर धमकाने, प्रताड़ित करने, उनकी भूमि पर अवैध कब्जा करने और जातिसूचक टिप्पणियां करने का उल्लेख किया गया है। इसमें सोशल मीडिया के माध्यम से अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर समाज में वैमनस्य फैलाने जैसी घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की गई है।
एसबीएसपी ने मांग की है कि ऐसे प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और राजनीतिक प्रभाव या पद की परवाह किए बिना दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पार्टी ने जातिसूचक एवं भेदभावपूर्ण टिप्पणी करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई, सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई और गरीब एवं वंचित वर्गों के उत्पीड़न के मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में पिछड़े, अतिपिछड़े, दलित और अतिदलित समाज के सम्मान, सुरक्षा एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित करने की बात कही गई है। साथ ही, समाज में जातिवादी मानसिकता के विरुद्ध व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की भी मांग की गई है।
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पोस्टर में सानिया मौर्य, काव्य लेखन में हिमांशी अव्वल

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दीपक श्रीवास्तव 
पोस्टर में सानिया मौर्य, काव्य लेखन में हिमांशी अव्वल

विकसित भारत @2047' की परिकल्पना और 'माँ' की ममता रंगों व शब्दों में हुई साकार

जौनपुर। राज्यपाल, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार आयोजित दीक्षोत्सव कार्यक्रमों की श्रृंखला में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान द्वारा "विकसित भारत @2047" एवं "मेरी माँ" विषय पर पोस्टर एवं काव्य लेखन प्रतियोगिता का आयोजन एस.पी. गुप्ता मेमोरियल लाइब्रेरी में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं विभागों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा, कलात्मक अभिव्यक्ति एवं साहित्यिक संवेदनशीलता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने अपने पोस्टरों और कविताओं के माध्यम से विकसित भारत के सपनों, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका तथा माँ के प्रति सम्मान, प्रेम और समर्पण की भावनाओं को सशक्त अभिव्यक्ति दी।
पोस्टर प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. वनिता सिंह, डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ. शुभम सिंह एवं डॉ. आश्रेया दुबे ने किया। प्रतियोगिता में सानिया मौर्य (दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान) ने प्रथम, आशीष शैलेंद्र प्रजापति (बायोटेक्नोलॉजी विभाग) ने द्वितीय तथा खुशी सिंह (एमबीए-एचआरडी) एवं अंकुर मौर्य (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग) ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।
काव्य लेखन प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. इंद्रजीत सिंह एवं डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने किया। इसमें हिमांशी श्रीवास्तव (बायोटेक्नोलॉजी विभाग) ने प्रथम, अनुराग यादव (फार्मेसी विभाग) ने द्वितीय तथा शशिकांत (दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनुराग मिश्र ने सभी प्रतिभागियों, निर्णायक मंडल, शिक्षकगण एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि "इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में सृजनात्मक चिंतन, साहित्यिक एवं कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करती हैं।
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पुस्तकें व्यक्तित्व निर्माण और सकारात्मक चिंतन की सबसे सशक्त आधारशिला: प्रो. रणजीत पांडेय

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दीपक श्रीवास्तव 
पुस्तकें व्यक्तित्व निर्माण और सकारात्मक चिंतन की सबसे सशक्त आधारशिला: प्रो. रणजीत पांडेय 
गांधी स्मारक पीजी कॉलेज में 'पुस्तक पठन एवं पुस्तक समीक्षा' कार्यक्रम आयोजित
 
जौनपुर। गांधी स्मारक पीजी कॉलेज, समोधपुर में बुधवार को 'पुस्तक पठन एवं पुस्तक समीक्षा' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न विषयों की पुस्तकों का अध्ययन कर विश्वविद्यालय के निर्धारित प्रारूप के अनुसार उनकी समीक्षा प्रस्तुत की। प्राचार्य प्रो. रणजीत कुमार पाण्डेय ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने का आह्वान किया।

महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रो. रणजीत कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में हुआ। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी रुचि के अनुरूप विभिन्न पुस्तकों का अध्ययन किया और पुस्तक का परिचय, सारांश, प्रमुख विचार, प्राप्त सीख तथा निष्कर्ष के आधार पर समीक्षा तैयार की।
प्राचार्य प्रो. रणजीत कुमार पाण्डेय ने कहा, "पुस्तकें केवल जानकारी का स्रोत नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण की सशक्त आधारशिला हैं। नियमित अध्ययन से विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, तार्किक क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल और सृजनात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। पुस्तक पठन की आदत जीवनभर सीखने की प्रेरणा देती है, इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।"
कार्यक्रम के दौरान प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए पुस्तक पठन की उपयोगिता, अध्ययन संस्कृति तथा आलोचनात्मक एवं विश्लेषणात्मक लेखन के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों में अध्ययन संस्कृति, बौद्धिक जिज्ञासा, आलोचनात्मक चिंतन तथा साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम में प्रो. अरविंद कुमार सिंह, प्रो. राकेश कुमार यादव, प्रो. लक्ष्मण सिंह, डॉ. नीलमणि सिंह, डॉ. अवधेश कुमार मिश्रा, डॉ. पंकज सिंह, डॉ. अविनाश कुमार वर्मा, डॉ. आलोक प्रताप सिंह विसेन, डॉ. वंदना तिवारी, डॉ. विष्णुकांत त्रिपाठी, विकास कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


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एआईडीएसओ ने महान क्रांतिकारी चन्द्रशेखर आज़ाद की जयंती पर माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया

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दीपक श्रीवास्तव 
एआईडीएसओ ने महान क्रांतिकारी चन्द्रशेखर आज़ाद की जयंती पर माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया
 जौनपुर, उ.प्र।आजादी आंदोलन के गैर समझौतावादी धारा के महान क्रांतिकारी अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की 95वीं जयंती के अवसर पर एआईडीएसओ के द्वारा आज दिनांक 23 जुलाई 2026 को सल्तनत बहादुर इंटर कॉलेज बदलापुर जौनपुर के मुख्य द्वार पर माल्यार्पण कार्यक्रम व गेट मीटिंग आयोजित की गई। कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राओं के द्वारा महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की फोटो पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। 
        श्रद्धांजलि कार्यक्रम को एआईडीएसओ के उत्तर प्रदेश राज्य सचिव दिलीप कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि, चन्द्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 ई. को मध्य प्रदेश के भावरा में हुआ था। अंग्रेजों के अत्याचार देखकर वे बचपन से ही वे अंग्रेजों से नफरत करने लगे थे। उन्होंने भारत को हर तरह से शोषण-मुक्त समाज बनाने का सपना देखा था। लेकिन आजादी के 78 सालों बाद भी उनका सपना आज अधूरा है। क्रांतिकारियों ने न सिर्फ अंग्रेजों को देश से भगाना चाहा था बल्कि उनका अंतिम लक्ष्य भारत को समाजवादी वतन बनाना था। इसीलिए सन् 1928 में हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के कमान्डर-इन-चीफ के रुप में चन्द्रशेखर आज़ाद को चुना गया था। इस तरह कठिन संघर्ष चलाते हुए 27 फरवरी 1931 को अल्फ्रेड पार्क इलाहाबाद में अंग्रेजों से सशस्त्र संघर्ष में वे शहीद हो गये। लेकिन चन्द्रशेखर आजाद आज भी छात्र युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। जीवन के सभी क्षेत्रों में जब समस्यायें दिन-प्रतिदिन बढ़ रही हैं तो ऐसे महापुरुषों व क्रांतिकारियों के जीवन संघर्षों से सीख लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है और लड़ने की जरूरत है। 
        इस अवसर पर एआईडीएसओ के जौनपुर जिला संयोजक संतोष कुमार, अंजली सरोज, पूनम प्रजापति, दीपचंद, चन्द्रिशा, श्रीकांत व अन्य छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
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जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को जबरन हटाए जाने और विरोध प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस द्वारा बाधित किये जाने के खिलाफ प्रदर्शन

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दीपक श्रीवास्तव 
जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को जबरन हटाए जाने और विरोध प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस द्वारा बाधित किये जाने के खिलाफ प्रदर्शन

 जौनपुर, उ.प्र। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चले रहे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रख्यात वैज्ञानिक व समाजसेवी सोनम वांगचुक को जबरन हटाए जाने के खिलाफ तथा अन्य भूख हड़तालियों व धरना प्रदर्शन के समर्थन में आज दिनांक 20 जुलाई 2026 को छात्र संगठन- एआईडीएसओ, युवा संगठन- एआईडीवाईओ व ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी की ओर से बदलापुर सब्जी मण्डी से जुलूस निकालकर इन्दिरा चौक पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान - शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान इस्तीफा दो। NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) को भंग करो। सोनम वांगचुक व अन्य अनशनकारियों के ऊपर हमले करना बंद करो। हर तरह के पेपर लीक पर रोक लगाओ। NEET के मृतक छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा दो। नई शिक्षा नीति 2020 रद्द करो। सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत करो। पेपर लीक के दोषियों को कठोर सजा दो। इत्यादि नारों से आकाश गूंज उठा।
          कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि, पिछले एक महीने से अधिक समय से, देश के छात्र, युवा, अभिभावक और आम लोग पेपर लीक और एनटीए (NTA) में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ दिल्ली और देश के कई अन्य हिस्सों में लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हम सभी सरकार से जवाबदेही, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और एनटीए को तुरंत भंग करने की मांग कर रहे हैं। उपरोक्त मांगों को लेकर सोनम वांगचुक और कई अन्य छात्रों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल इस देश के छात्रों, अभिभावकों और सभी शिक्षा-प्रेमी लोगों के बीच बढ़ते आक्रोश की अभिव्यक्ति है। पिछले 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक और अन्य छात्रों का गिरता स्वास्थ्य देश के सभी विवेकशील नागरिकों के लिए चिंता का विषय बन गया है। प्रदर्शनकारियों की जायज मांगों पर ध्यान देने और उनसे बातचीत शुरू करने के बजाय, सरकार ने सोनम वांगचुक को विरोध स्थल से जबरन हटाने का सहारा लिया है। यह कृत्य न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि अपने नागरिकों के प्रति सरकार के निरंकुश और अमानवीय रवैये को भी दर्शाता है। एक लोकतांत्रिक देश में तानाशाही अपने चरम पर है।
          एआईडीएसओ व एआईडीवाईओ भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार और पुलिस प्रशासन के इस कृत्य के खिलाफ दृढ़ता से विरोध करता है, और भारत के सभी नागरिकों, विशेष रूप से छात्र व युवा समुदाय से अपील करता है कि वे बहादुरी से आगे आएं और चल रहे आंदोलन को तेज करें। यह निरंकुश सत्ताधारी सरकार के लिए एक चेतावनी भी है कि वह असहमति की आवाजों को दबाना बंद करे और सोनम वांगचुक व प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत शुरू करे, जो कि भारत के न्यायप्रिय छात्र समुदाय के बीच बढ़ते आक्रोश का समाधान करने का एकमात्र तरीका है।"
          प्रदर्शन को रामकुमार यादव, यादवेंद्र पाल, प्रमोद कुमार शुक्ल, कृष्णा सिंह, दिनेशकान्त मौर्य, संतोष कुमार प्रजापति, इन्दुकुमार शुक्ल, राजबहादुर विश्वकर्मा, अपूर्व दूबे, अंजली सरोज, पूनम प्रजापति, नीरज गुप्ता, गार्गी पाल, विजय मौर्य व अन्य ने सम्बोधित किए। संचालन - दिलीप कुमार ने किया।    

         इस अवसर पर एआईडीएसओ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सचिन जैन के अलावा विजयप्रकाश गुप्त, आलोक मौर्य, राजबहादुर पाल, नवनीत मौर्य, देवव्रत निषाद, दीपचंद, अभिषेक, खुशबू मौर्य, अंशिका, अर्चना, बबलू, रोशनी, शनी मौर्य, अंकित मौर्य, हरिकेश कनौजिया, रजनीश सहित सैकड़ों लोग मौजूद
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