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कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक रहीं नेहा पच्चीसिया ने वर्दी को पहली बार नहीं किया दागदार, एयर होस्टेस से सीएसपी तक का सफर

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दीपक श्रीवास्तव 
कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक रहीं नेहा पच्चीसिया ने वर्दी को पहली बार नहीं किया दागदार, एयर होस्टेस से सीएसपी तक का सफर
कटनी। मूल रूप से राजगढ़ जिले के पचोर तहसील की निवासी निलंबित नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) नेहा पच्चीसिया के पिता शिक्षक थे। मिडिल क्लास परिवार से संबंध रखने वाली नेहा प्रारंभिक शिक्षा राजगढ़ में लेने के बाद एविएशन में डिप्लोमा कर वे एयर इंडिया में एयर होस्टेस बनी थीं। वर्ष 2012 से 2015 तक एमपीपीएससी की तैयारी की और 2016 में आए परिणाम में प्रदेश में 20वीं रैंक हासिल कर सीएसपी बनीं।

एयर होस्टेस से सीएसपी तक का सफर

सीएसपी बनने से पहले कुछ दिनों तक महिला एवं बाल विकास विभाग में भी सेवाएं दीं। पहली पोस्टिंग गुना जिले में हुई थी, जहां पर भी आईजी से विवाद के चलते उनका स्थानांतरण हुआ था। कोरोना काल में देश भक्ति गीतों में डांस कर लोगों को मोटिवेट करने पर उनको सम्मान भी मिला था। उसके बाद पीएचक्यू और खंडवा में तैनात रहीं। वर्ष 2025 में उनको स्थानांतरित कर कटनी सीएसपी बनाया गया था।
देश भर में चर्चा में रहा है सीएसपी पद

कटनी का सीएसपी का पद लंबे समय से देशभर चर्चा में रहा है। नेहा पच्चीसिया से पहले ख्याति मिश्रा सीएसपी रही हैं और पुलिस अधीक्षक अभिजीत रंजन से उनकी करीबी व पति से विवाद के बाद सीएसपी बंगले में ही उनके पूरे परिवार के साथ पुलिस ने मारपीट की थी। एसपी का तबादला व विभागीय जांच के साथ ही सीएसपी को हटाया गया था। उनके बाद अब नेहा पच्चीसिया भी सीएसपी की कुर्सी में बैठने के साथ ही पूरे देश भर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

महकमे में हड़कंप की स्थिति बनी हुई

हत्या की जांच व जमीन खरीदी के दौरान सहयोग करने पर एसआइ सौरभ सोनी, रीडर नरेन्द्र पांडे, आरक्षक मट्टू व चालक केशव सिंह को निलंबित किया जा चुका है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और जांच में जिले के अन्य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी भी उसकी जद में आ सकते हैं। जिसको लेकर महकमे में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

बंगले में दो दिन रखा, सरकारी गाड़ी से रजिस्ट्री

आइजी जबलपुर की कराई गई जांच में सामने आया है कि सीएसपी ने पीड़ित रमेश लोधी (निवासी कन्हवारा) को रंगनाथ नगर थाना में रखने के साथ ही दो दिन तक अपने शासकीय आवास में बंधक बनाकर रखा। रजिस्ट्री वाले दिन पीड़ित भाग न जाए या किसी से शिकायत न कर दे, इसको लेकर उसे अपनी सरकारी गाड़ी में बैठाकर रजिस्ट्री कार्यालय ले जाया गया था।

धमकी दी कि जेल से बचना है, तो 75 लाख और देने होंगे

जमीन गंवाने के बाद जब पीड़ित ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की और पटवारी के पास नामांतरण रोकने का आवेदन दिया, तो सीएसपी ने रमेश पर दर्ज एक हत्या के केस का फायदा उठाते हुए धमकी दी कि यदि वह जेल से बचना चाहता है, तो उसे 75 लाख रुपये और देने होंगे। सीएसपी ने दावा किया था कि रकम मिलने पर वह कोर्ट में बयान बदलवाकर उसे बरी करवा देंगी। पैसे देने से इनकार करने पर सीएसपी ने रमेश और उसके दामाद को मुकदमे में शामिल कर जेल भिजवा दिया।
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संजय सिंह की बड़ी घोषणा: गायब स्कूल खोजकर लाने वाले को ₹1 लाख का इनाम

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दीपक श्रीवास्तव 
संजय सिंह की बड़ी घोषणा: गायब स्कूल खोजकर लाने वाले को ₹1 लाख का इनाम
जौनपुर। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घोषणा की है कि कागज़ों में दर्ज लेकिन धरातल से गायब विद्यालय को खोजकर सामने लाने वाले को ₹1 लाख का पुरस्कार दिया जाएगा।

इसी अभियान के तहत आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने डॉ. अनुराग मिश्रा, प्रांत प्रभारी पूर्वांचल प्रांत के नेतृत्व में जौनपुर नगर क्षेत्र में ऐसे विद्यालयों की तलाश शुरू की। पड़ताल में पांच ऐसे विद्यालय सामने आए, जिनके निर्धारित स्थान पर विद्यालय का भवन मौजूद नहीं मिला और वहां निजी भवन दिखाई दे रहे हैं।

इन विद्यालयों के नाम हैं—

1. प्राथमिक विद्यालय ढालगर टोला
2. प्राथमिक विद्यालय मिसिरपुर कन्या
3. कम्पोजिट विद्यालय गदनअर्जानी
4. प्राथमिक विद्यालय उर्दू बाजार
5. प्राथमिक विद्यालय बाग हासिम

डॉ. अनुराग मिश्र ने कहा कि अब तक “स्कूल चोरी” के जिन मामलों की चर्चा हुई, उनमें विद्यालय भवन धरातल पर मौजूद था, लेकिन ताला लगा था। जौनपुर के इन मामलों में सवाल उससे भी गंभीर है—विद्यालय का पूरा भवन ही अपने निर्धारित स्थान पर दिखाई नहीं दे रहा है, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में विद्यालय मौजूद है।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विद्यालय अपने मूल स्थान पर मौजूद ही नहीं है तो छात्र, शिक्षक और रसोइया किस स्थान पर दर्ज हैं? एमडीएम कहां बन रहा है और विद्यालय संचालन किस भवन में हो रहा है?
उन्होंने सक्षम अधिकारियों से मांग की कि विद्यालयों को मूल स्थान से हटाने अथवा किराये के भवन खाली कराने से संबंधित सक्षम अधिकारी का आदेश और पूरी पत्रावली सार्वजनिक की जाए।

डॉ. अनुराग मिश्र ने जौनपुर के सभी मीडिया बंधुओं और पत्रकार साथियों से विशेष अपील की कि वे इन विद्यालयों को अपने कैमरे के साथ खोजने निकलें।

उन्होंने कहा, “फाइलों पर भरोसा मत कीजिए—कैमरा लेकर मौके पर जाइए। देखिए स्कूल वहां है या सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड में।”

उन्होंने कहा कि मीडिया यदि इन स्थानों की वास्तविक तस्वीर जनता के सामने रखेगा तो कागज और धरातल के बीच का अंतर स्वयं स्पष्ट हो जाएगा।

डॉ. मिश्र ने कहा, “संजय सिंह जी ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। अब जौनपुर भी इस चुनौती को स्वीकार करता है। हम स्कूल खोजने निकले हैं—मीडिया बंधु भी अपना कैमरा उस तरफ ले जाएं, जहां सरकारी रिकॉर्ड में स्कूल जिंदा है, लेकिन धरातल पर उसका भवन दिखाई नहीं देता।”

उन्होंने कहा कि कागजों में स्कूल नहीं, धरातल पर स्कूल चाहिए। फाइलों में बच्चे नहीं, स्कूल में बच्चे चाहिए। अब ‘स्कूल चोरी’ की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए।

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पुरानी पेंशन बहाली के लिए अटेवा ने निकाली तिरंगा यात्रा, नारों से गूंजा कलेक्ट्रेट

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दीपक श्रीवास्तव 
पुरानी पेंशन बहाली के लिए अटेवा ने निकाली तिरंगा यात्रा, नारों से गूंजा कलेक्ट्रेट
जौनपुर, । यूपी के जौनपुर में पुरानी पेंशन योजना  बहाली की मांग को लेकर अटेवा के आह्वान पर शुक्रवार को जौनपुर में तिरंगा यात्रा एवं पेंशन बचाओ रैली निकाली गई। जिले के विभिन्न विकासखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी इसमें शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में जोरदार नारे लगाए।
यात्रा का शुभारंभ अंबेडकर तिराहे से हुआ। अटेवा जिलाध्यक्ष चंदन सिंह, जिला महामंत्री इंदुप्रकाश यादव और जिला कोषाध्यक्ष नंदलाल पुष्पक के नेतृत्व में निकली यात्रा कलेक्ट्रेट पहुंची। यहां कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
कार्यक्रम प्रभारी एवं अटेवा मंडल उपाध्यक्ष रमेश यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यात्रा को विभिन्न शिक्षक और कर्मचारी संगठनों का भी समर्थन मिला। कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुजीत सिंह, सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजय चौधरी, बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र कुमार यादव, प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश सिंह सहित कई संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए विजय प्रताप सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षित भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। अटेवा महिला विंग की प्रदेश सह प्रभारी डॉ. यामिनी सिंह और महिला विंग जौनपुर की अध्यक्ष आराधना चौहान ने कहा कि पुरानी पेंशन वर्षों की सेवा के बाद सम्मानजनक और सुरक्षित भविष्य का अधिकार है।
इस दौरान “पुरानी पेंशन बहाल करो”, “जय युवा-जय अटेवा” और “विजय बंधु जिंदाबाद” जैसे नारों से जिला मुख्यालय गूंज उठा। कार्यक्रम के अंत में अटेवा मंडल महामंत्री संदीप चौधरी और जिला संगठन मंत्री सुबास सरोज ने सभी प्रतिभागियों का आभार जताया।

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एआरटीओ कार्यालय में घूसखोरी के आरोपों की जांच तेज, बाबू गणेश दत्त निलंबित

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दीपक श्रीवास्तव 
एआरटीओ कार्यालय में घूसखोरी के आरोपों की जांच तेज, बाबू गणेश दत्त निलंबित

जौनपुर,22 अगस्त। यूपी के जौनपुर में एआरटीओ कार्यालय में रजिस्ट्रेशन के नाम पर कथित घूसखोरी के मामले में शनिवार को जांच के लिए उप परिवहन आयुक्त भीमसेन सिंह और एआरटीओ प्रशासन राघवेंद्र सिंह कार्यालय पहुंचे थे ।अधिकारियों के पहुंचते ही कार्यालय में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों से मामले की जानकारी ली और दस्तावेजों की जांच की।
उप परिवहन आयुक्त भीमसेन सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक स्तर पर बाबू गणेश दत्त को रजिस्ट्रेशन पटल से हटाकर डिस्पैच पटल की जिम्मेदारी दी गई थी। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए लिखापढ़ी कर शासन को भेजी जा रही है।
वहीदूसरी तरफ अपर परिवहन आयुक्त चित्रलेखा सिंह द्वारा 
शनिवार देर रात गणेश दत्त को निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बाद उन्हें लखनऊ से संबद्ध किया गया है। वहीं, पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच अयोध्या के उप संभागीय परिवहन अधिकारी डीटीसी  दुतीय को सौंपी गई है। जांच अधिकारी मामले से जुड़े आरोपों और कार्यालय में हुए कथित लेनदेन की जांच करेंगे।
इधर, शिकायतकर्ता विनय सिंह ने शनिवार को हुई कार्रवाई पर असंतोष जताया था। उन्होंने कहा था कि यदि बाबू गणेश दत्त के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वह मंगलवार तक धरने पर बैठेंगे। विनय सिंह ने दावा किया कि जिले के कई मोटर मालिक एआरटीओ कार्यालय में कथित अनियमितताओं से परेशान हैं।
अब गणेश दत्त के निलंबन और अयोध्या के एआरटीओ की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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जौनपुर में चिकित्सा शिक्षा संगोष्ठी का आयोजन, विशेषज्ञों ने बताई स्पाइन सर्जरी की आधुनिक तकनीक

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दीपक श्रीवास्तव
जौनपुर में चिकित्सा शिक्षा संगोष्ठी का आयोजन, विशेषज्ञों ने बताई स्पाइन सर्जरी की आधुनिक तकनीक

जौनपुर। वाराणसी के प्रमुख चिकित्सा संस्थान दी हेल्थसिटी एवं दी न्यूरोसिटी के तत्वावधान तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन , जौनपुर के सहयोग से चिकित्सा शिक्षा संगोष्ठी  का आयोजन किया गया। इसमें ब्रेन एवं स्पाइन से जुड़ी विभिन्न बीमारियों, उनकी सर्जरी और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों की जानकारी विशेषज्ञ चिकित्सकों ने साझा की।
संगोष्ठी में दी हेल्थसिटी एवं दी न्यूरोसिटी के चेयरमैन एवं वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. राकेश सिंह ने ‘लो बैक पेन’ विषय पर सर्जरी की नवीनतम तकनीक Endoscopic Spine Surgery के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह न्यूनतम चीरे वाली (Minimally Invasive) आधुनिक स्पाइन सर्जरी तकनीक है। इसमें छोटे चीरे के माध्यम से कैमरेयुक्त एंडोस्कोप डालकर रीढ़ की समस्या का उपचार किया जाता है। इसका प्रमुख लाभ केवल छोटा चीरा नहीं, बल्कि समस्या वाले स्थान पर लक्षित रूप से उपचार (Targeted Decompression) करना है। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल में भी दी हेल्थसिटी एवं दी न्यूरोसिटी अस्पतालों में इस तकनीक से सर्जरी की जा रही है।
दी हेल्थसिटी के न्यूरोसर्जन डॉ. अभिनव कुमार राय ने UBE (Unilateral Bi-portal Endoscopic) Spine Surgery की विशेषताओं एवं लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस तकनीक में दो छोटे पोर्टल बनाए जाते हैं। एक से कैमरा/एंडोस्कोप और दूसरे से सर्जिकल उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे कई मामलों में अत्यंत सटीक तरीके से रीढ़ की नसों पर दबाव को कम करने में मदद मिलती है।
उन्होंने बताया कि पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में इसमें चीरा छोटा होने के कारण मांसपेशियों और अन्य ऊतकों को कम नुकसान पहुंचता है। हाई-डेफिनिशन एंडोस्कोप के माध्यम से नर्व रूट, स्पाइनल कैनाल और अन्य संरचनाओं का स्पष्ट दृश्य मिलता है। कम टिश्यू डैमेज के कारण सामान्यतः दर्द और रक्तस्राव भी कम होता है।
दी न्यूरोसिटी के चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. मनीष कुमार उपाध्याय ने Drug Sensitive TB के उपचार विषय पर विस्तार से जानकारी दी और आधुनिक उपचार पद्धतियों के बारे में बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. वी.एस. उपाध्याय, IMA जौनपुर की अध्यक्ष डॉ. शुभा सिंह, सचिव डॉ. ए.के. गौर्या, कोषाध्यक्ष डॉ. मुकेश शुक्ला, डॉ. हरेंद्र सिंह सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
दी हेल्थसिटी एवं दी न्यूरोसिटी के निदेशक विनय सिंह एवं डॉ. एस.डी. राय ने मुख्य अतिथि और उपस्थित चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्थान का प्रयास है कि समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर समाज और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों को नवीनतम चिकित्सा अनुसंधानों एवं तकनीकों की जानकारी दी जाए।
संस्थान की ओर से बताया गया कि समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए दी हेल्थसिटी में प्रत्येक शुक्रवार और दी न्यूरोसिटी में प्रत्येक बृहस्पतिवार को निःशुल्क चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जाता है। वाराणसी स्थित दोनों संस्थानों में न्यूरो समेत विभिन्न रोगों के आधुनिक उपचार के साथ CT Scan, X-Ray, EEG, NCV, 2D Echo और Dialysis जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को भी उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है।

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सत्संग, सेवा और सुमिरन से मिलती है सच्ची मुक्ति : श्रीकृष्ण श्रीवास्तव

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दीपक श्रीवास्तव 
सत्संग, सेवा और सुमिरन से मिलती है सच्ची मुक्ति :  श्रीकृष्ण श्रीवास्तव
मुक्ति पर्व पर नशामुक्ति, ब्रह्मज्ञान और मानवता का दिया संदेश

जौनपुर। मुक्ति पर्व पर आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में साध संगत को नशामुक्त जीवन, सद्गुरु के ज्ञान और मानवता की सेवा का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि जीवन में शांति और आत्मिक आनंद के लिए सत्संग एवं प्रभु-स्मरण को अपनाना जरूरी है।
महात्मा श्रीकृष्ण श्रीवास्तव ने कहा कि नशा और धूम्रपान छोड़ना शरीर को विकारों से मुक्त करता है, जबकि आत्मिक मुक्ति सद्गुरु के ज्ञान से प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि सेवा, सुमिरन और सत्संग जीवन को सही दिशा देते हैं। मनुष्य को प्रत्येक सांस में परमात्मा का स्मरण करते हुए उसके अस्तित्व का अनुभव करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ब्रह्मज्ञान के माध्यम से विश्वभर में शांति, एकता और मानवता का संदेश दे रही हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर मनुष्य अपने जीवन में प्रेम, सद्भाव और सकारात्मकता ला सकता है।
पूर्व प्रधानाचार्य महात्मा आरपी सिंह ने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान मनुष्य को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने सद्गुरु के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज में सेवा और सद्भाव की भावना मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में डॉ. वीरेंद्र सिंह, डॉ. शैल कुमार, राधेश्याम प्रजापति बेताब, विद्यावती, जंत्रीरा, प्रियंका, रामनाथ प्रजापति, कमलेश और संतराम ने भी विचार व्यक्त किए।
अंत में मुखी महात्मा जयशंकर मौर्य ने साध संगत के प्रति आभार जताया और सभी से सद्गुरु के संदेश को जीवन में अपनाने की अपील की।
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स्पोर्ट इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026 में गेस्ट ऑफ ऑनर और वक्ता के रूप में शामिल होंगे विधायक रमेश चंद्र मिश्र

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दीपक श्रीवास्तव 
स्पोर्ट इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026 में गेस्ट ऑफ ऑनर और वक्ता के रूप में शामिल होंगे विधायक रमेश चंद्र मिश्र
खेल प्रतिभाओं को अवसर देकर भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने पर जोर


जौनपुर। भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में 21 अगस्त को फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पेफी) की ओर से आयोजित ‘स्पोर्ट इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026’ में बदलापुर के भाजपा विधायक डॉ. रमेश चंद्र मिश्र गेस्ट ऑफ ऑनर एवं वक्ता के रूप में शामिल होंगे। सम्मेलन का विषय ‘विज़न 2036: भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में आगे बढ़ाना’ है। सम्मेलन में देशभर से नीति-निर्माता, खेल प्रशासक, शिक्षाविद, शोधकर्ता, खेल वैज्ञानिक, उद्योग विशेषज्ञ, उद्यमी और खेल क्षेत्र से जुड़े पेशेवर भाग लेंगे। इसमें खेल नीति, शारीरिक शिक्षा, खेल विज्ञान, नवाचार, बुनियादी ढांचे, एथलीट विकास और खेल अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
विधायक डॉ. रमेश चंद्र मिश्र ने कहा कि भारत में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें पहचानकर उचित प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने की है। 
ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली युवा मौजूद हैं। विद्यालय स्तर से शारीरिक शिक्षा और खेल प्रशिक्षण को मजबूत कर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि विजन 2036 का लक्ष्य केवल पदक बढ़ाना नहीं, बल्कि देश में मजबूत खेल संस्कृति विकसित करना भी है। इसके लिए विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों, खेल संगठनों, सरकार और निजी क्षेत्र को मिलकर काम करना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदान, प्रशिक्षकों, उपकरणों और वैज्ञानिक प्रशिक्षण की सुविधाएं बढ़ाने से प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। खेलों में निवेश को देश के भविष्य में निवेश बताते हुए उन्होंने जमीनी स्तर पर सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता देने की आवश्यकता जताई।
पेफी का यह सम्मेलन देश के खेल इकोसिस्टम से जुड़े विभिन्न पक्षों को एक मंच पर लाकर खेलों के भविष्य पर संवाद का अवसर प्रदान करेगा। सम्मेलन में खेल नीति से लेकर खिलाड़ी विकास, तकनीक और खेल उद्योग में संभावनाओं पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे।
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