दीपक श्रीवास्तव
पति को पतन से बचाकर सही राह दिखाए, वही सच्ची धर्मपत्नी : आचार्य शांतनु महाराज
श्रीरामकथा में अयोध्याकांड, केवट संवाद और उर्मिला के त्याग का भावपूर्ण वर्णन
जौनपुर,। उत्तर प्रदेश के जौनपुर स्थित बीआरपी इंटर कॉलेज मैदान में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह के नेतृत्व में आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामकथा के छठवें दिन सोमवार को कथाव्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने अयोध्याकांड, श्रीराम वनगमन, केवट संवाद और उर्मिला के त्याग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इस अवसर पर मुख्य आयोजक ज्ञान प्रकाश सिंह ने निषाद समाज के लालजी निषाद को मंच पर सम्मानित किया।आचार्य शांतनु महाराज ने सत्संग और कुसंग के प्रभावों की चर्चा करते हुए कहा कि सत्संग व्यक्ति को सही दिशा देता है, जबकि कुसंग उसके पतन का कारण बनता है। मंथरा और कैकेयी के प्रसंग के माध्यम से उन्होंने बताया कि गलत संगति व्यक्ति की सोच और निर्णयों को प्रभावित कर सकती है।
माता कौशल्या के त्याग और संस्कारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संतान के जीवन में मां की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। मां का अपने पुत्र पर पिता से दस गुना अधिक अधिकार बताया गया है। उन्होंने कहा कि माता के संस्कार ही संतान के व्यक्तित्व और जीवन की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
लक्ष्मण और उर्मिला के प्रसंग की व्याख्या करते हुए आचार्य ने कहा कि जो पत्नी अपने पति को पतन से बचाकर सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे, वही सच्ची धर्मपत्नी है। उर्मिला ने लक्ष्मण के वनगमन को अपना सौभाग्य मानते हुए 14 वर्षों तक त्याग और समर्पण का जीवन जिया। उनका त्याग भारतीय नारी के धैर्य, कर्तव्य और समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है।
श्रीराम और केवट संवाद का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि केवट ने प्रभु श्रीराम के चरण पखारकर उन्हें गंगा पार उतारा और बदले में स्वयं को भवसागर से पार लगाने की प्रार्थना की। महाराज ने कहा कि केवट की निष्काम भक्ति, प्रेम और समर्पण भक्त तथा भगवान के बीच अटूट संबंध का संदेश देते हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल, विधायक सुशील सिंह, डॉ. अवधेश सिंह, पूर्व विधायक डॉ. हरेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर, पूर्व विधायक सुषमा पटेल, भाजपा नेता वेद प्रकाश सिंह, रमेश जी, आदित्य जी, राजेंद्र जी सहित संत-महात्मा और सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे।