दीपक श्रीवास्तव
पापाचार और अत्याचार बढ़ने पर धर्म की रक्षा के लिए अवतरित होते हैं भगवान : शांतनु जी महाराज
रामकथा के दूसरे दिन श्रीराम जन्मोत्सव ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर
जौनपुर, 22 अक्टूबर। भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञान प्रकाश सिंह की अगुवाई में सेवा भारती के नेतृत्व में नगर के बीआरपी इंटर कॉलेज परिसर में चल रही श्रीराम कथा के दूसरे दिन गुरुवार को आचार्य शांतनु जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव सहित विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। श्रीराम जन्मोत्सव के दौरान पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए।
शांतनु जी महाराज ने कहा कि जब-जब धरती पर पापाचार, दुराचार और अत्याचार बढ़ा, तब-तब भगवान ने अवतार लेकर धर्म की रक्षा की। अधर्म को रोकने और धर्म की स्थापना के लिए भगवान को भी लीला करनी पड़ी। उनके प्रत्येक अवतार का उद्देश्य संसार का कल्याण करना है।
भगवान शिव-पार्वती संवाद का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान के स्वरूप को समझने के लिए श्रद्धा और विश्वास जरूरी है। संशय भक्ति के मार्ग में बाधा बनता है। निर्गुण और सगुण में कोई अंतर नहीं है। भगवान अपने भक्तों के निष्कपट प्रेम के अधीन हो जाते हैं। उन्हें आडंबर नहीं, बल्कि सच्ची भक्ति प्रिय है।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को जीवन में शांति, सहजता और सरलता अपनानी चाहिए। क्रोध, अहंकार और संशय से दूर रहकर प्रेम, विश्वास और सद्भाव के साथ जीवन जीना ही सच्ची आध्यात्मिकता है।
श्रीराम जन्मोत्सव के प्रसंग पर श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। पूरा परिसर राममय हो गया। कथा में अंबरीश जी, कृपाशंकर सिंह, ओमप्रकाश सिंह, विधायक रमेश चंद्र मिश्रा, डॉ. आरएन त्रिपाठी, सतीश सिंह, पप्पू माली, विनय सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।