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दो हत्यारोपियों को आजीवन कारावास ,पैसों के लेनदेन में गला काटकर हुई थी हत्या

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दीपक श्रीवास्तव 
दो हत्यारोपियों को आजीवन कारावास ,पैसों के लेनदेन में गला काटकर हुई थी हत्या 
जौनपुर,30 मार्च । यूपी के जौनपुर में अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी द्वितीय) प्रशांत कुमार सिंह की अदालत ने 17 वर्ष पूर्व पैसों के लेनदेन में गला काटकर हत्या करने के दो आरोपियों को दोष सिद्ध पाते हुए  सोमवार को आजीवन कारावास एवं 25-25 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। 
अभियोजन कथानक के अनुसार वादी मुकदमा जहूर निवासी हरिहरपुर थाना सुरेरी  ने नेवढ़िया थाने में अभियोग पंजीकृत कराया की 30 मार्च 2009 को सुबह 6:00 उसका भाई मैना यह कहकर घर से निकला कि वह जयसिंहपुर अपने साढ़ू सिकंदर के यहां जा रहा है। रात भर वापस न आने पर खोजने पर पता चला कि वह बाबुलनाथ पटेल वह अनिल सरोज निवासी जयसिंहपुर के साथ साइकिल से वापस चला गया था बाद में जयसिंहपुर भट्ठा के पास एक लाश मिली जो उसके भाई की थी। उसका भाई पशुओं का व्यापार करता था और बाबुलनाथ तथा अनिल से पैसों के लेनदेन का विवाद था इसी रंजिश में उन लोगों ने मैना की हत्या कर दी।
पुलिस ने विवेचना करके आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र प्रताप मौर्य के द्वारा परीक्षित कराए गए गवाहों के बयान एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात अदालत ने हत्यारोपी  बाबुलनाथ व अनिल को दोषसिद्ध पाते हुए उक्त दंड से दंडित किया।
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एक शिक्षक दिशा देता है, लेकिन एक अधिकारी समाज में व्यापक बदलाव ला सकता है: राजिता सिंह

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दीपक श्रीवास्तव 
एक शिक्षक दिशा देता है, लेकिन एक अधिकारी समाज में व्यापक बदलाव ला सकता है: राजिता सिंह
जौनपुर की बेटी राजिता सिंह ने PCS 2024 में पाई सफलता, जिले का बढ़ाया मान

जौनपुर,30 मार्च । यूपी के जौनपुर की प्रतिभाशाली बेटियों ने एक बार फिर अपनी मेहनत और लगन से सफलता का परचम लहराया है। सोमवार को जारी हुए रिजल्ट में केराकत तहसील क्षेत्र के हुरहुरी गांव की निवासी राजिता सिंह ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (PCS) 2024 परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
राजिता सिंह, एसडी पब्लिक स्कूल हुरहुरी की संचालिका रेखा सिंह की पुत्री हैं। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास के बल पर यह मुकाम हासिल किया। उनकी सफलता से न केवल परिवार बल्कि पूरे जौनपुर जनपद में उत्साह की लहर दौड़ गई है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। 
राजिता ने अपनी सफलता का श्रेय भगवान, माता-पिता, गुरु और परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य समाज की सेवा करना है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में शिक्षा का माहौल रहा है, जिससे उन्हें हमेशा सही मार्गदर्शन मिला। राजिता ने कहा कि एक शिक्षक दिशा देता है, लेकिन एक अधिकारी समाज में व्यापक बदलाव ला सकता है, यही सोच उन्हें इस सेवा में लेकर आई।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा भी दी थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पीसीएस की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया और इंटरव्यू के बाद सफलता हासिल की। उन्होंने युवाओं, खासकर बेटियों से अपील की कि जब भी अवसर मिले, उसे पूरी मेहनत से अपनाएं और आगे बढ़ें।
राजिता के पिता डॉ.राजेश सिंह और माता रेखा सिंह ने बेटी की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है। यह उपलब्धि न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव और जिले के लिए गर्व का क्षण है।


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मूल्यांकन केंद्रों पर जलपान राशि हड़पने का आरोप, शिक्षक संघ ने डीएम से की शिकायत

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दीपक श्रीवास्तव 
मूल्यांकन केंद्रों पर जलपान राशि हड़पने का आरोप, शिक्षक संघ ने डीएम से की शिकायत
जौनपुर,30 मार्च। यूपी के जौनपुर में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराईगुट) ने सोमवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों के लिए निर्धारित जलपान राशि में अनियमितता का गंभीर आरोप लगाया है। संघ ने करीब 12 लाख रुपये की धनराशि हड़पने की आशंका जताते हुए इसकी जांच कराने और राशि सीधे शिक्षकों के खातों में भेजने की मांग की है।
संघ द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि 18 मार्च से 1 अप्रैल तक जनपद के पांच मूल्यांकन केंद्रों पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य किया गया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के निर्देशानुसार प्रत्येक परीक्षक को प्रतिदिन 25 रुपये जलपान के लिए दिए जाने का प्रावधान है।
हालांकि, संघ का आरोप है कि किसी भी केंद्र पर उपनियंत्रकों द्वारा न तो जलपान की व्यवस्था की गई और न ही शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया। जबकि जौनपुर में करीब 4000 परीक्षक इस कार्य में शामिल थे।
संघ के अनुसार, यदि 4000 परीक्षकों को 12 दिनों तक प्रतिदिन 25 रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाता, तो कुल राशि लगभग 12 लाख रुपये बनती है। आरोप है कि यह राशि संबंधित अधिकारियों द्वारा हड़प ली गई।
शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जलपान मद की धनराशि सीधे शिक्षकों के बैंक खातों में उनके पारिश्रमिक के साथ हस्तांतरित की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सख्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
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कारागार का त्रैमासिक निरीक्षण, बंदियों की सुविधाओं पर दिया गया विशेष जोर

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दीपक श्रीवास्तव 
कारागार का त्रैमासिक निरीक्षण, बंदियों की सुविधाओं पर दिया गया विशेष जोर

जौनपुर,30 मार्च । यूपी के जौनपुर में जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कारागार का त्रैमासिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र एवं पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कारागार की व्यवस्थाओं का गहन जायजा लेते हुए सुरक्षा, साफ-सफाई और बंदियों की सुविधाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान बंदियों के रहन-सहन, खान-पान, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जनपद न्यायाधीश ने निर्देशित किया कि कारागार में निरुद्ध सभी बंदियों को शासन द्वारा निर्धारित सुविधाएं समय से और पूरी पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि बंदियों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र ने कारागार परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को और मजबूत बनाने, बंदियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण तथा भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी व्यवस्थाएं शासन के मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।
इस दौरान दिव्यांग बंदियों के लिए भी विशेष पहल की गई। पात्रता के आधार पर तीन दिव्यांग बंदियों को व्हीलचेयर और तीन को बैसाखी वितरित की गई, जिससे उन्हें दैनिक जीवन में सहूलियत मिल सके।
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक आयुष श्रीवास्तव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्वेता यादव, जेल अधीक्षक पवन कुमार त्रिवेदी, जेलर अजय कुमार तथा जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी दिव्या शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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मिठाई विक्रेता के बेटे ने रचा इतिहास, राजू मोदनवाल बने डिप्टी एसपी, प्रदेश में 11वीं रैंक

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दीपक श्रीवास्तव 
मिठाई विक्रेता के बेटे ने रचा इतिहास, राजू मोदनवाल बने डिप्टी एसपी, प्रदेश में 11वीं रैंक

जौनपुर,30 मार्च। यूपी के जौनपुर के चंदवक थाना क्षेत्र से एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है, थाना अंतर्गत खुज्झी मोड़ निवासी एक साधारण मिठाई विक्रेता के बेटे राजू मोदनवाल ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) परीक्षा में 11वीं रैंक हासिल कर डिप्टी एसपी बनकर जिले का नाम रोशन किया है।
राजू के पिता सूरज मोदनवाल खुज्झी मोड़ पर मिठाई की दुकान चलाते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटे की पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी। राजू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा श्री कुबेर सिंह माध्यमिक विद्यालय, खुज्झी से प्राप्त की और इंटरमीडिएट सुमित्रा शिक्षा इंटर कॉलेज, बजरंगनगर से पूरा किया।
उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने श्री गणेश राय पीजी कॉलेज से बीएससी में प्रवेश लिया, लेकिन बेहतर तैयारी के उद्देश्य से दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध हंसराज कॉलेज में दाखिला लेकर स्नातक की पढ़ाई पूरी की। यहीं से उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की गंभीर तैयारी शुरू की।
राजू का सफर संघर्षों से भरा रहा। उन्होंने दो बार सिविल सेवा (IAS) की लिखित परीक्षा पास की, लेकिन इंटरव्यू में सफलता नहीं मिल सकी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास करते रहे। उनकी यही लगन और दृढ़ संकल्प अंततः रंग लाया और उन्होंने यूपीपीएससी परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर डिप्टी एसपी का पद प्राप्त किया।
राजू ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, परिवार और सहयोगियों को देते हुए कहा कि निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
राजू मोदनवाल की यह सफलता जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो यह संदेश देती है कि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।

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श्रीराम जन्मोत्सव पर निकली विशाल कलश यात्रा

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दीपक श्रीवास्तव 
श्रीराम जन्मोत्सव पर निकली विशाल कलश यात्रा
गोमती तट से गोकुल घाट तक, 7 दिवसीय राम कथा का शुभारंभ

जौनपुर में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्मोत्सव के अवसर पर महर्षि जमदग्नि की पावन धरा पर एक विशाल कलश शोभायात्रा निकाली गई। यह यात्रा आदि गंगा गोमती तट स्थित हनुमान घाट से शुरू होकर कथा स्थल गोकुल घाट पर समाप्त हुई।
इस शोभायात्रा में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने अपने सिर पर कलश स्थापित कर भाग लिया। यात्रा चहारसू चौराहा, कोतवाली चौराहा, नवाब यूसुफ रोड, बड़ी मस्जिद, पुरानी बाजार और बेगम गंज चुंगी जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरी।

गोकुल घाट पर यह कलश यात्रा सात दिवसीय श्री राम कथा के शुभारंभ के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी। यह कथा 30 मार्च से 5 अप्रैल तक चलेगी, जिसका वाचन प्रख्यात कथा व्यास दिलीप कृष्ण भारद्वाज जी महाराज अपने मुखारविंद से करेंगे।
कलश शोभायात्रा के दौरान कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इनमें डॉ. वंदना सरकार, विनीता गुप्ता, रजनी गुप्ता, उमा गुप्ता, शशि मौर्या, गीता चौरसिया, डॉ. सरला त्रिपाठी, डॉ. अनीता त्रिपाठी, डॉ. स्वप्निल सिंह, सलोनी निषाद, उमा निषाद, आनंद मिश्र, दिनेश गुप्ता, मनीष गुप्ता और राघवेंद्र दुबे शामिल थे।
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भविष्य की जरूरत केवल डिग्री नहीं, विजन और कौशल से मिलेगी सफलता- प्रो. रुम्की बनर्जी

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दीपक श्रीवास्तव 
भविष्य की जरूरत केवल डिग्री नहीं, विजन और कौशल से मिलेगी सफलता- प्रो. रुम्की बनर्जी
जौनपुर। यूपी के जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में “कॉर्पोरेट कार्यप्रणाली में उभरते मुद्दे एवं चुनौतियां” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन रविवार को आर्यभट्ट सभागार में हुआ। इस दौरान प्रबंधन, नेतृत्व, डिजिटल अर्थव्यवस्था और कौशल विकास जैसे समकालीन विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न तकनीकी सत्रों में शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत कर अकादमिक विमर्श को समृद्ध किया।
समापन सत्र में केके विश्वविद्यालय, नालंदा की प्रति कुलपति प्रो. रुम्की बनर्जी ने कहा कि आज का वैश्विक कॉर्पोरेट जगत ‘डिग्री-फर्स्ट’ से आगे बढ़कर ‘स्किल-फर्स्ट इकोनॉमी’ की ओर अग्रसर है, जहाँ व्यावहारिक कौशल और विजन को अधिक महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के बावजूद जटिल समस्याओं के समाधान के लिए मानवीय संवेदना और रचनात्मक सोच अनिवार्य है।
बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्रो. कुशेन्द्र मिश्रा ने कहा कि केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि उद्योग की मांग के अनुरूप कौशल विकास आवश्यक है। उन्होंने बेरोजगारी की समस्या को कौशल की कमी से जोड़ते हुए व्यावहारिक ज्ञान पर बल दिया।
“नेतृत्व एवं सुशासन” विषय पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता पूर्व कुलपति प्रो. पी.सी. पतंजलि ने की। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था की प्रगति उसके प्रभावी नेतृत्व और सुशासन पर निर्भर करती है। प्रो. एच.सी. पुरोहित ने विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में मजबूत नेतृत्व की भूमिका को रेखांकित किया। इस सत्र में बी.एल. आर्य विशिष्ट अतिथि रहे तथा प्रो. प्रदीप कुमार सह-अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे।
दूसरे तकनीकी सत्र में “कार्य और बाजार का भविष्य: मानव संसाधन प्रबंधन, कृषि-व्यवसाय, ई-वाणिज्य एवं व्यावसायिक अर्थशास्त्र का समन्वय” विषय पर चर्चा हुई। सत्र की अध्यक्षता प्रो. अजय वाघ ने की। उन्होंने बदलते कार्यपरिवेश और मानव संसाधन प्रबंधन के बीच संतुलन की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं प्रो. अमित सिंह ने भारतीय ज्ञान परंपरा को कॉर्पोरेट चुनौतियों के समाधान का आधार बताया।
संगोष्ठी के अंतर्गत “डिग्री बनाम कौशल,प्रतिभा की दौड़ में कौन जीतेगा” विषय पर एक महत्वपूर्ण पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रो. वी.के. सिंह ने की। 
अंत में संयोजक प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया एवं आयोजन सचिव डॉ. आशुतोष सिंह ने रिपोर्ट प्रस्तुत की। सत्रों का संचालन डॉ. रसिकेश एवं डॉ. सुशील कुमार ने किया. इस अवसर पर  प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. मुराद अली, प्रो. एस के सिन्हा, डॉ. अमित वत्स, डॉ. अन्नू त्यागी समेत विभिन्न भागों से आये प्रतिभागी उपस्थित रहे।

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