दीपक श्रीवास्तव
NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे व पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग
जौनपुर। नीट पेपर लीक मामले को लेकर सोमवार को जौनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में 'मेरा गांव मेरी जिम्मेदारी' संस्था के बैनर तले एक दिवसीय सांकेतिक उपवास एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया गया। दोपहर करीब दो बजे संस्था के जिलाध्यक्ष प्रदीप मिश्रा के नेतृत्व में सामाजिक संगठनों, अधिवक्ताओं, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, छात्रों, युवाओं और जागरूक नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि NEET परीक्षा में पेपर लीक की घटना ने देश की शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना से लाखों-करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और प्रतियोगी परीक्षाओं पर युवाओं का विश्वास कमजोर हुआ है।
ज्ञापन के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक प्रकरण से जुड़े मानसिक तनाव के कारण जान गंवाने वाले 20 छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा तथा प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई।
संस्था के जिलाध्यक्ष प्रदीप मिश्रा ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बढ़ता भ्रष्टाचार युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
समाजवादी पार्टी के नेता रत्नाकर चौबे ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों में शामिल दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोपियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के साथ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान उपस्थित लोगों ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की मांगों को भी सरकार द्वारा शीघ्र स्वीकार किए जाने की अपील की। साथ ही, NEET पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपियों के विरुद्ध फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोरतम कार्रवाई किए जाने की मांग की गई। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।