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मेडिकल कालेज में शराब के नशे में धुत्त गार्ड का हंगामा शिकायत पर मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने की कार्रवाई

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दीपक श्रीवास्तव 
मेडिकल कालेज में शराब के नशे में धुत्त गार्ड  का हंगामा शिकायत पर मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने की कार्रवाई 
जौनपुर। यूपी के जौनपुर स्थित अमर शहीद उमानाथ सिंह  स्वशासी चिकित्सा  महाविद्यालय में शराब के नशे में धुत्त गार्ड द्वारा अभद्रता व  दुर्व्यवहार का मामला प्रकाश  में आया ।
  मरीजों के साथ  बदत्तमीजी करने से रोकने पर, गार्ड वहां मौजूद पत्रकार विद्याधर विद्यार्थी से   भिड़ गया और  अनाप-शनाप  बोलने लगा, पत्रकार द्वारा गार्ड की हरकतों  की लिखित शिकायत मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य आर. बी कमल  से की गई तो उन्होंने गार्ड को बुलवाकर शराब के नशे में होने की जांच-पड़ताल कराकर शिकायत पुष्टी की, जांच में शराब पीने की पुष्टि हुई  तो  गार्ड के खिलाफ  कार्रवाई  की बात प्राचार्य द्वारा कही गई ।  

मेडिकल कालेज प्राचार्य  प्रो आर बी कमल ने बताया कि,  गार्ड  के रुप में नौकरी कर रहा मनोज कुमार  सिंह  पुत्र त्रिभुवन नाथ सिंह खानापट्टी, सिकरारा जौनपुर का निवासी है। भारत रक्षा मंत्रालय से संबद्ध पूर्व सैनिक कल्याण निगम  के माध्यम से मेडिकल कॉलेज में नौकरी कर रहा है । शिकायत को गम्भीरतापूर्वक  लेते हुए जांच की गई  जांच में गार्ड  मनोज कुमार सिंह के शराब के नशे में होनी पुष्टि हुई  है।गार्ड को हटाने के लिए  निगम को पत्र लिख दिया गया है । खास बात यह है कि, जहां हजारों की संख्या में रोज मरीज उपचार  के लिए  आते हों, वहां ऐसी हरकतों की जानकारी मेडिकल कालेज प्रशासन  को न होना पूरी व्यस्था पर सवालिया निशान  खड़ा  करता है ।


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लूट का मामला फर्जी पुलिस ने किया खुलासा पैसों का गबन करने के लिए लूट की झूठी सेल्स मैंन ने कहानी गढ़ी

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दीपक श्रीवास्तव 
लूट का मामला फर्जी पुलिस ने किया खुलासा पैसों का गबन करने के लिए लूट की झूठी सेल्स मैंन ने कहानी गढ़ी
जौनपुर ,18 जुलाई। यूपी के जौनपुर में नगर कोतवाली थाना अंतर्गत शुक्रवार शाम हुई 68,840 की कथित लूट का मामला फर्जी निकला है। पुलिस ने शराब कारोबारी के कर्मचारी विकास यादव के खिलाफ गबन और विश्वासघात का मुकदमा दर्ज किया है।

सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने शनिवार को इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शुक्रवार शाम 6 बजे डायल 112 पर सूचना मिली थी कि कोतवाली क्षेत्र के भंडारी अंडरपास के पास एक व्यक्ति से तमंचे की नोक पर लगभग एक लाख रुपये लूटे गए हैं।
सूचना मिलते ही कोतवाली और लाइन बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए।

साक्ष्यों के अवलोकन के बाद पुलिस को घटनास्थल पर लूट की संभावना कम लगी। शाम 6 बजे सड़क पर आवाजाही रहती है, और वादी के बयान में विरोधाभास था। घटनास्थल से मात्र 10 मीटर की दूरी पर लगे सीसीटीवी फुटेज में भी ऐसी कोई घटना नहीं दिखी।

वादी विकास यादव से गहन पूछताछ और उसके कॉल रिकॉर्ड की जांच के बाद सच्चाई सामने आई। विकास यादव का काम शराब की दुकान से पैसे लेकर मालिक को देना था। उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर पैसों का गबन करने के लिए लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी।

पुलिस ने विकास यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया है। बताया गया है कि वह पहले भी इस तरह के काम में शामिल रहा है और लालच में आकर उसने यह कृत्य किया।

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सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने सुनीं जनसमस्याएं, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश

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सम्पूर्ण समाधान दिवस में 
दीपक श्रीवास्तव 
जिलाधिकारी ने सुनीं जनसमस्याएं, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश
जौनपुर, 18 जुलाई । - जिलाधिकारी  सैमुअल पॉल एन. एवं पुलिस अधीक्षक  कुंवर अनुपम सिंह की उपस्थिति में तहसील मड़ियाहूँ सभागार में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन सम्पन्न हुआ। जिलाधिकारी ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को उनका गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

      सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान ग्राम चतुर्भुजपुर, विकास खंड बरसठी निवासी जगरनाथ द्वारा पथरगड्डी (मेड़बंदी) कराए जाने तथा ग्राम जैयरामपुर, गोपालापुर निवासी राजमन द्वारा राजस्व निरीक्षक के स्तर से पथरगड्डी न किए जाने के संबंध में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। इस पर जिलाधिकारी ने प्रकरण नायब तहसीलदार मड़ियाहूँ को सौंपते हुए थाना प्रभारी मड़ियाहूँ के साथ संयुक्त टीम गठित कर मौके पर जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार ग्राम सुरेरी, परगना गोपालापुर, तहसील मड़ियाहूँ निवासी मकरन्द कुमार ने भूमि की पैमाइश कराए जाने के संबंध में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार मड़ियाहूँ को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

        सम्पूर्ण समाधान दिवस में भूमि विवाद, पैमाइश, अतिक्रमण, राजस्व तथा अन्य विभागों से संबंधित विभिन्न शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण पूर्ण पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न होने पाए।

       उन्होंने राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व संबंधी मामलों में संयुक्त रूप से मौके पर जाकर जांच करें तथा विवादित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करें। साथ ही आईजीआरएस एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण किया जाए तथा न्यायालयों के आदेशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कराया जाए।

        पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का प्रभावी एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

      सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 180 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 06 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

        इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी श्रीमती मीनाक्षी देवी, परियोजना निदेशक श्री के.के. पांडेय, उपजिलाधिकारी मड़ियाहूँ, तहसीलदार, नायब तहसीलदार मड़ियाहूँ सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं तहसील स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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परिवार न्यायालय प्रथम का अधिवक्ताओं ने किया अनिश्चितकालीन बहिष्कार, न्यायाधीश के स्थानांतरण तक कार्य न करने का ऐलान

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दीपक श्रीवास्तव 
परिवार न्यायालय प्रथम का अधिवक्ताओं ने किया अनिश्चितकालीन बहिष्कार, न्यायाधीश के स्थानांतरण तक कार्य न करने का ऐलान

जौनपुर। दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ, जौनपुर ने प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय प्रथम विमल प्रकाश आर्या के न्यायालय का अनिश्चितकालीन बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को आयोजित आपात बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए अधिवक्ताओं ने घोषणा की कि संबंधित न्यायिक अधिकारी के स्थानांतरण तक कोई भी अधिवक्ता उनके न्यायालय में न्यायिक कार्य नहीं करेगा।
शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक हुई बैठक में बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए। बैठक के दौरान अधिवक्ताओं ने पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया, जिसकी सूचना न्यायालय प्रशासन को भी दी गई।
अधिवक्ता संघ का आरोप है कि प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय प्रथम द्वारा अधिवक्ताओं के साथ लगातार अपमानजनक और असम्मानजनक व्यवहार किया जा रहा है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में 16 जुलाई को जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जौनपुर, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय तथा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायमूर्ति को प्रार्थना पत्र भेजकर न्यायिक अधिकारी के स्थानांतरण की मांग की गई थी।
संघ का कहना है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ताओं के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जब तक संबंधित न्यायिक अधिकारी का स्थानांतरण नहीं होता, तब तक उनके न्यायालय का बहिष्कार जारी रहेगा।
बैठक के अंत में सभी अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव का समर्थन करते हुए एकजुट रहने और बहिष्कार को सफल बनाने का संकल्प लिया।

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विशेष लोक अदालत में 327 मामलों का निस्तारण, यूनियन बैंक के 298 मामलों में 48 लाख रुपये का हुआ समझौता

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दीपक श्रीवास्तव 
विशेष लोक अदालत में 327 मामलों का निस्तारण, यूनियन बैंक के 298 मामलों में 48 लाख रुपये का हुआ समझौता

जौनपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर में एनआई एक्ट, 1881 की धारा-138 एवं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशील कुमार शशि ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
यह विशेष लोक अदालत जनपद न्यायाधीश के मार्गदर्शन तथा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय एवं नोडल अधिकारी लोक अदालत रणजीत कुमार और प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सिविल जज (सीडी) विवेक कुमार सिंह की देखरेख में आयोजित हुई। इस अवसर पर सभी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा सिविल एवं फौजदारी न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
विशेष लोक अदालत में एनआई एक्ट की धारा-138 से संबंधित विभिन्न न्यायालयों में लंबित 268 मामलों को सूचीबद्ध किया गया, जिनमें से 29 मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण कराया गया।
वहीं, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के ऋण वसूली से जुड़े 298 मामलों का भी सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इन मामलों में पक्षकारों के बीच 48 लाख रुपये का समझौता कराया गया, जिससे बैंक और ऋणधारकों दोनों को राहत मिली।
जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि ने अधिक से अधिक मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण कराने पर जोर देते हुए कहा कि लोक अदालतें सुलभ, त्वरित एवं कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं पक्षकारों से भविष्य में भी लोक अदालतों का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।

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शिक्षा जगत की अनमोल विरासत के शिल्पकार: डॉ. रणजीत सिंह का 71वाँ जन्मदिवस और शिक्षा-जगत के लिए उनका प्रेरक जीवन

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दीपक श्रीवास्तव
शिक्षा जगत की अनमोल विरासत के शिल्पकार: डॉ. रणजीत सिंह का 71वाँ जन्मदिवस और शिक्षा-जगत के लिए उनका प्रेरक जीवन

"बनाया है मैंने ये घर धीरे-धीरे,
खुले मेरे ख्वाबों के पर धीरे-धीरे।
किसी को गिराया न, खुद को उछाला,
कटा जिंदगी का सफर धीरे-धीरे।
जहाँ लोग पहुँचे छलाँगें लगाकर,
वहाँ मैं भी पहुँचा मगर धीरे-धीरे।"

ये पंक्तियाँ श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज, समोधपुर के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. रणजीत सिंह के जीवन-दर्शन का सटीक परिचय हैं। उनका सम्पूर्ण जीवन इस बात का उदाहरण है कि स्थायी उपलब्धियाँ किसी त्वरित सफलता का परिणाम नहीं होतीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन, ईमानदारी और निरंतर कर्म की साधना से निर्मित होती हैं। 71वें जन्मदिवस के अवसर पर उनका जीवन केवल एक शिक्षक की यात्रा नहीं, बल्कि शिक्षा के माध्यम से समाज निर्माण की प्रेरक गाथा के रूप में सामने आता है। वर्ष 2015 में उत्तर प्रदेश राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित डॉ. रणजीत सिंह ने शिक्षण को केवल आजीविका नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का दायित्व माना। सन् 1989 से जुलाई 2020 तक 31 वर्ष 4 माह के प्रधानाचार्य कार्यकाल में उन्होंने गांधी स्मारक इंटर कॉलेज को अनुशासन, गुणवत्ता और उत्कृष्टता की ऐसी पहचान दी, जो आज भी पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा है।

श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज की स्थापना संस्थापक स्वर्गीय ठाकुर प्रसाद सिंह ने ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का स्तर ऊँचा उठाने, सामाजिक चेतना विकसित करने और नई पीढ़ी को संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की थी। डॉ. रणजीत सिंह ने इस परिकल्पना को व्यवहार में उतारा। उन्होंने विद्यालय को केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे संस्कार, अनुशासन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक उत्तरदायित्व का केंद्र बनाया।
उनका स्पष्ट विश्वास था कि किसी भी विद्यालय की प्रतिष्ठा छात्र संख्या से नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन और विद्यार्थियों की उपलब्धियों से तय होती है। इसी सोच के कारण उनके कार्यकाल में नकलविहीन परीक्षा व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नियमित अध्ययन और उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम विद्यालय की पहचान बने। उन्होंने हमेशा 'क्वांटिटी नहीं, क्वालिटी' को प्राथमिकता दी।

उनके नेतृत्व में विद्यालय ने शिक्षा के साथ-साथ खेल, स्काउट एवं गाइड, विज्ञान, नवाचार और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित कीं। बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों ने जनपद की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया। स्काउट एवं गाइड में विद्यालय ने राज्य स्तरीय चैंपियनशिप हासिल की, राष्ट्रीय जंबूरी में प्रतिभाग किया तथा दो राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त किए। इसके अतिरिक्त स्काउट एवं गाइड के क्षेत्र में 700 से अधिक राज्य पुरस्कार प्राप्त हुए। सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में विद्यालय लगातार मंडल स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करता रहा।
विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में भी विद्यालय ने विशिष्ट पहचान बनाई। उस समय जनपद की एकमात्र अटल टिंकरिंग लैब थी जिसने विद्यार्थियों को रोबोटिक्स और वैज्ञानिक नवाचार से जोड़ने का अवसर दिया। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के अंतर्गत जौनपुर के नेहरू बालोद्यान इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने विद्यालय के प्रतिभागी छात्र-छात्राओं से संवाद किया। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण थी कि ग्रामीण परिवेश का यह विद्यालय राष्ट्रीय स्तर की वैज्ञानिक सोच से जुड़ चुका था।
किसी भी शिक्षण संस्थान की सबसे बड़ी पूंजी उसके विद्यार्थी होते हैं। गांधी स्मारक इंटर कॉलेज के पूर्व छात्र आज भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), राज्य प्रशासनिक सेवा (PCS), न्यायिक सेवा, राजनीति, पत्रकारिता, चिकित्सा, कृषि, अंतरिक्ष विज्ञान, उच्च शिक्षा, कला और संगीत सहित अनेक क्षेत्रों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC), राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC) तथा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में वैज्ञानिक, प्रोफेसर और वरिष्ठ अधिकारियों के रूप में कार्यरत पूर्व विद्यार्थी इस संस्थान की गुणवत्ता का परिचय देते हैं।
डॉ. रणजीत सिंह की सबसे बड़ी विशेषता उनका संतुलित और समन्वयकारी नेतृत्व था। उन्होंने प्रबंधन समिति, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच विश्वास का ऐसा वातावरण बनाया, जिससे विद्यालय एक परिवार की तरह संचालित हुआ। कठोर अनुशासन के साथ मानवीय संवेदनशीलता और न्यायप्रियता उनके व्यक्तित्व की पहचान रही। यही कारण है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी विद्यार्थी उन्हें अपना प्रधानाचार्य और गुरु मानते हैं।

आज जब शिक्षा के क्षेत्र में व्यावसायीकरण, दिखावा, पश्चिमी जीवनशैली की अंधी दौड़ और अभिभावकों पर बढ़ता आर्थिक दबाव चिंता का विषय है, तब डॉ. रणजीत सिंह का कार्यकाल मूल्यपरक शिक्षा का आदर्श प्रस्तुत करता है। उनके नेतृत्व में विद्यालय शिक्षा को सेवा, संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम मानते हुए अनावश्यक आडंबर और आर्थिक बोझ से दूर रहा। यही कारण है कि यह संस्थान समाज के विश्वास का केंद्र बना और पूरे क्षेत्र के लिए अनुकरणीय उदाहरण स्थापित कर सका।
आज संस्थापक स्वर्गीय ठाकुर प्रसाद सिंह की परिकल्पना को आगे बढ़ाने का दायित्व गांधी स्मारक विद्यालय संकुल के वर्तमान प्रबंधक हृदय प्रसाद सिंह 'रानू' निभा रहे हैं। किसी भी संस्थान की वास्तविक शक्ति उसके भवनों में नहीं, बल्कि उसकी कार्यसंस्कृति, मूल्यों और परंपराओं की निरंतरता में होती है। यदि यह विरासत सुरक्षित रहती है तो संस्थान निरंतर नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करता है।

प्रख्यात साहित्यकार पद्मश्री प्रो. रामदरश मिश्र की पंक्तियाँ डॉ. रणजीत सिंह के व्यक्तित्व पर पूरी तरह सार्थक प्रतीत होती हैं—
"जहाँ आप पहुँचे छलाँगें लगाकर,
वहाँ मैं भी पहुँचा मगर धीरे-धीरे।"
वास्तव में, उन्होंने सिद्ध किया कि महान संस्थाएँ संयोग से नहीं, बल्कि दूरदृष्टि, मूल्यनिष्ठ नेतृत्व और निरंतर परिश्रम से निर्मित होती हैं। श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज, समोधपुर की वर्तमान प्रतिष्ठा उसी साधना का परिणाम है।
71वें जन्मदिवस के अवसर पर डॉ. रणजीत सिंह के स्वस्थ, दीर्घायु और सक्रिय जीवन की हार्दिक शुभकामनाएँ। शिक्षा के प्रति उनका समर्पण, उनका अनुशासित नेतृत्व और उनके द्वारा स्थापित आदर्श आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करते रहेंगे। यही उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का सबसे बड़ा सम्मान होगा।
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मेडिकल कालेज में शराब के नशे में धुत्त गार्ड का हंगाम,शिकायत पर मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने की कार्रवाई

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दीपक श्रीवास्तव 
मेडिकल कालेज में शराब के नशे में धुत्त गार्ड  का हंगाम,शिकायत पर मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने की कार्रवाई 
जौनपुर, 18 जुलाई।यूपी के जौनपुर स्थित शहीद उमानाथ सिंह  स्वशासी चिकित्सा  महाविद्यालय में शराब के नशे में धुत्त गार्ड द्वारा अभद्रता व  दुर्व्यवहार का मामला प्रकाश  में आया ।
  मरीजों के साथ  बदत्तमीजी करने से रोकने पर, गार्ड वहां मौजूद पत्रकार विद्याधर विद्यार्थी से   भिड़ गया और  अनाप-शनाप  बोलने लगा, पत्रकार द्वारा गार्ड की हरकतों  की लिखित शिकायत मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य आर. बी कमल  से की गई तो उन्होंने गार्ड को बुलवाकर शराब के नशे में होने की जांच-पड़ताल कराकर शिकायत पुष्टी की, जांच में शराब पीने की पुष्टि हुई  तो  गार्ड के खिलाफ  कार्रवाई  की बात प्राचार्य द्वारा कही गई ।  
मेडिकल कालेज प्राचार्य  ने बताया कि,  गार्ड  के रुप में नौकरी कर रहा मनोज कुमार  सिंह  पुत्र त्रिभुवन नाथ सिंह खानापट्टी, सिकरारा जौनपुर का निवासी है। भारत रक्षा मंत्रालय से संबद्ध पूर्व सैनिक कल्याण निगम  के माध्यम से मेडिकल कॉलेज में नौकरी कर रहा है । शिकायत को गम्भीरतापूर्वक  लेते हुए जांच की गई  जांच में गार्ड  मनोज कुमार सिंह के शराब के नशे में होनी पुष्टि हुई  है।गार्ड को हटाने के लिए  निगम को पत्र लिख दिया गया है । खास बात यह है कि, जहां हजारों की संख्या में रोज मरीज उपचार  के लिए  आते हों, वहां ऐसी हरकतों की जानकारी मेडिकल कालेज प्रशासन  को न होना पूरी व्यस्था पर सवालिया निशान  खड़ा  करता है।
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