दीपक श्रीवास्तव
गोपनीय पत्र लीक से सपा में हलचल, जौनपुर संगठन में बढ़ी अंदरूनी खींचतान
जौनपुर। समाजवादी पार्टी में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजा गया एक गोपनीय पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
सूत्रों के अनुसार, इस तरह के गोपनीय पत्रों की जानकारी आमतौर पर सीमित दायरे—केवल जिलाध्यक्ष और जिला महासचिव—तक ही रहती है। ऐसे में पत्र का सार्वजनिक होना संगठन के भीतर से ही लीक होने की आशंका को बल देता है। इस घटना ने संगठन की कार्यप्रणाली और गोपनीयता व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जा रही है और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, केराकत विधायक तूफानी सरोज ने इस प्रकरण से खुद को अलग रखते हुए कहा कि “जिसने पत्र लिखा है, उसी से बात कीजिए, मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है।”
दरअसल, 15 मार्च को बहुजन नायक कांशीराम की 92वीं जयंती पर जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के समानांतर अलग आयोजन किए जाने से संगठन के भीतर मतभेद उभर आए थे। यही विवाद अब बढ़ते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुंच गया है।फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने जौनपुर सपा संगठन की अंदरूनी गुटबाजी को उजागर कर दिया है, जिससे सियासी माहौल गरमा गया है।
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