दीपक श्रीवास्तव
वृद्ध की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़, तीन ग्रामीणों और तीन पुलिसकर्मियों पर मुकदमा
जौनपुर, 08 सितंबर । यूपी के जौनपुर में गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के नैपुरा (विझवार सारंग) गांव में करीब एक वर्ष पूर्व हुई वृद्ध सुदामा नागर की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय के आदेश पर गौराबादशाहपुर पुलिस ने तीन ग्रामीणों और तीन पुलिसकर्मियों समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मृतक की पत्नी विमला देवी ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उनके पति सुदामा नागर ने गांव के धर्मेन्द्र निषाद और उसके पिता मिठाईलाल को 15 हजार रुपये उधार दिए थे। रुपये वापस नहीं करने पर सुदामा ने थाने में शिकायत की थी।
आरोप है कि शिकायत के निस्तारण के लिए 12 अक्टूबर 2025 की सुबह धर्मेन्द्र निषाद, मिठाईलाल और अरविंद निषाद सुदामा के घर पहुंचे और बातचीत के बहाने उन्हें अपने साथ थाने ले गए। दोपहर करीब 12:30 बजे परिजनों को सूचना दी गई कि सुदामा की तबीयत खराब हो गई है। पत्नी विमला देवी और अन्य परिजन थाने पहुंचे तो सुदामा की मौत हो चुकी थी।
विमला देवी ने आरोप लगाया कि आरोपित ग्रामीणों के प्रभाव में आकर थाने में तैनात उपनिरीक्षक रामलाल, हेड कांस्टेबल अभिषेक और हेड कांस्टेबल सुनील कुमार ने उनके पति के साथ मारपीट और प्रताड़ना की। इससे सदमे में आने के कारण उनकी मौत हो गई।
पीड़िता के अनुसार, घटना के बाद उन्होंने पुलिस के उच्चाधिकारियों और जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
सीजेएम न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने धर्मेन्द्र निषाद, अरविंद निषाद, मिठाईलाल, एसआई रामलाल, हेड कांस्टेबल अभिषेक और हेड कांस्टेबल सुनील कुमार के खिलाफ बीएनएस की धारा 106 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। वही इस मामले में है जानकारी लेने पर क्षेत्राधिकार केराकत अजय कुमार राय ने बताया कि कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। न्यायालय का आदेश प्राप्त हुआ है।
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