दीपक श्रीवास्तव
निषाद वंश की उपजातियों को एससी सूची में शामिल करने की मांग, जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
जौनपुर। निषाद वंश की विभिन्न उपजातियों को अनुसूचित जाति (SC) की सूची में शामिल करने तथा आगामी जातिगत जनगणना में उनकी वास्तविक संख्या दर्ज किए जाने की मांग को लेकर निषाद पार्टी के लोगों ने सोमवार को तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में निषाद वंश की सभी पर्यायवाची जातियों को जनगणना में ‘मांझवार’ के कॉलम में दर्ज करने और साथ में विमुक्त जनजाति (De-Notified Tribe-DNT) का उल्लेख करने की मांग की गई है।ज्ञापन में कहा गया है कि निषाद वंश के लोग अंग्रेजों के 1871 के क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट के तहत जन्मजात अपराधी घोषित किए गए थे। बाद में भारत सरकार ने इस काले कानून को समाप्त कर निषाद समाज को विमुक्त जनजाति (DNT) के रूप में घोषित किया। समाज के लोगों का कहना है कि 31 अगस्त को विमुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है।ज्ञापन में 1931 की जनगणना का हवाला देते हुए कहा गया कि केवट, मल्लाह, निषाद, बिंद, मांझवार, कश्यप, मछुआरा, माझी, रैकवार आदि एक ही वंश की पर्यायवाची जातियां हैं। समाज का आरोप है कि वर्तमान समय में एक ही वंश की जातियों को अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग आरक्षण की श्रेणियों में रखा गया है। उदाहरण के तौर पर मल्लाह को दिल्ली में एससी, केवट को बंगाल में एससी और उत्तर प्रदेश में निषाद वंश की जातियों को ओबीसी में रखा गया है। इससे समाज में विसंगति पैदा हो रही है।निषाद समाज ने मांग की है कि जातिगत जनगणना में निषाद वंश की सभी पर्यायवाची जातियों का नाम ‘मांझवार’ के कॉलम में दर्ज किया जाए तथा डीएनटी (विमुक्त जनजाति) का उल्लेख अनिवार्य रूप से किया जाए, जिससे समाज की वास्तविक संख्या सामने आ सके।इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में निषाद वंश की सभी पर्यायवाची जातियों को अन्य राज्यों की तर्ज पर अनुसूचित जाति (SC) की सूची में शामिल करने की मांग की गई है। ज्ञापन में संविधान समीक्षा आयोग (2000-02) के अध्यक्ष जस्टिस वेंकटचलैया की सिफारिशों का हवाला देते हुए महाराष्ट्र और पंजाब की तरह शिक्षा, नौकरी तथा राजनीति में आरक्षण की सुविधा देने की मांग भी उठाई गई।समाज के लोगों ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए निषाद वंश के वीरों के गांवों को ‘आदर्श शहीद गांव’ घोषित करने और उनके परिवारों को स्वतंत्रता सेनानी सम्मान दिए जाने की मांग भी की।
इस दौरान दीपक निषाद, नगर उपाध्यक्ष निषाद पार्टी, कमलेश बिंद, सेक्टर अध्यक्ष, रामजीत बिंद, जिला सचिव तथा रामअजोर बिंद, कांश अध्यक्ष समेत निषाद समाज के अन्य लोग मौजूद रहे।
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