हिमांशु श्रीवास्तव/दीपक श्रीवास्तव
एआरटीओ लखनऊ का वेतन रोकने का डीएम को आदेश
क्षतिपूर्ति देने के लिए विपक्षी के पास संपत्ति न होने पर उसकी गिरफ्तारी करें तहसीलदार: कोर्ट
दुर्घटना करने वाली बिना बीमा वाली गाड़ी खरीद कर फंस गया तीसरा मलिक
जौनपुर-बिना बीमा वाली ट्रक से दुर्घटना के मामले में गाड़ी खरीद कर लखनऊ निवासी वाहन स्वामी फंस गया है। क्षतिपूर्ति की धनराशि की वसूली के लिए उसकी ट्रक जब्त करने का एआरटीओ को आदेश हुआ। अनुपालन न होने पर ट्रिब्यूनल जज मनोज कुमार अग्रवाल ने एआरटीओ लखनऊ का वेतन रोकने का जिलाधिकारी लखनऊ को आदेश दिया। साथ ही तहसीलदार हैदरगढ़ को आदेश दिया गया कि विपक्षी वाहन स्वामी की संपत्ति न होने की स्थिति में उसे गिरफ्तार कर कोर्ट को सूचित करें।
बता दें कि 18 फरवरी 2017 को बदलापुर निवासी लाल जी गुप्ता को उनकी दुकान के सामने ट्रक ने टक्कर मार दिया जिससे उनकी मृत्यु हो गई। लाल जी की पत्नी व बच्चों ने ट्रक की मालिक अनीता निवासी हैदरगढ़,बाराबंकी, चालक सुखपाल एवं बीमा कंपनी के खिलाफ क्षतिपूर्ति का मुकदमा दाखिल किया। घटना की तिथि पर ट्रक का बीमा होना नहीं पाया गया।कोर्ट ने 6 सितंबर 2019 को वाहन स्वामी अनीता को आदेश दिया कि 2 माह के भीतर मृतक के परिजनों को आठ लाख रूपए क्षतिपूर्ति सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से अदा करें। इस बीच अनीता ने अपना ट्रक पवन कुमार गुप्ता को बेचा। पवन कुमार गुप्ता ने 21 दिसंबर 2018 को रणजीत सिंह निवासी चंदरनगर, आलमबाग,लखनऊ को बेच दिया। उसका नाम आरटीओ में ट्रांसफर हुआ। रणजीत को जानकारी नहीं थी कि ट्रक से एक्सीडेंट हुआ है।कोर्ट ने क्षतिपूर्ति की धनराशि की वसूली के लिए आरसी जारी किया। तत्पश्चात ट्रक को जब्त करने का आदेश हुआ। अनुपालन न होने पर एआरटीओ का वेतन रोकने का एवं वाहन स्वामी की गिरफ्तारी का आदेश हुआ।
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