कवियित्री सुमति श्रीवास्तव की पुस्तक ‘आखिर क्यों’ के द्वितीय संस्करण का हुआ विमोचन

दीपक श्रीवास्तव 
कवियित्री सुमति श्रीवास्तव की पुस्तक ‘आखिर क्यों’ के द्वितीय संस्करण का हुआ विमोचन

जौनपुर। जनपद की सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं कवियित्री सुमति श्रीवास्तव की पुस्तक ‘आखिर क्यों’ के द्वितीय संस्करण का विमोचन 5 अप्रैल 2026 को जनक कुमारी इंटर कॉलेज के प्रांगण में भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जिसके बाद अतिथियों का माल्यार्पण, मोमेंटो एवं अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रयागराज से आए कवि अमित आनंद ने “मां-बाप से ज्यादा कोई अपना नहीं होता” रचना से कार्यक्रम का आगाज किया। भदोही के रचनाकार संदीप बालाजी ने सुमति श्रीवास्तव के साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए काव्य पंक्तियों के माध्यम से उन्हें सम्मानित किया।
सीतापुर के सिद्धांत अवस्थी, अजय विश्वकर्मा ‘शान’, राजेश पांडेय, संजय सागर, सुशील दुबे, गिरीश श्रीवास्तव, नरेंद्र बहादुर पंकज, चंद्रकांत भ्रमर, रूपेश साथी ‘अकेला’, एस.वी. उपाध्याय, प्रमोद वाचस्पति, रामजीत मिश्रा, सीमा सिंह एवं आलोक रंजन सिन्हा सहित अनेक कवियों ने काव्य पाठ प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का आयोजन वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव एवं जितेंद्र श्रीवास्तव द्वारा किया गया, जबकि अध्यक्षता जनार्दन प्रसाद अस्थाना ने की। मुख्य अतिथि के रूप में वाराणसी की ऋतु दीक्षित, सुषमा मिश्रा एवं सभाजीत द्विवेदी ‘प्रखर’ उपस्थित रहे।
इस अवसर पर राजेश श्रीवास्तव ‘बच्चा भैया’ ने कायस्थ महासभा की ओर से सुमति श्रीवास्तव को सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रवीणता श्रीवास्तव, सुनीता श्रीवास्तव, सुप्रीत श्रीवास्तव, डॉ. विमला सिंह, अपेक्षा, अनाहिता तिवारी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में साहित्य प्रेमियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही और सभी ने पुस्तक के द्वितीय संस्करण के प्रकाशन पर कवियित्री को शुभकामनाएं दीं।

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