दीपक श्रीवास्तव
समानता, न्याय एवं बंधुत्व के प्रतीक है डॉ अंबेडकर: प्रो वंदना सिंह
समतामूलक समाज की स्थापना के लिए समर्पित रहा डॉ अंबेडकर का जीवन : कुलपति
अंबेडकर जयंती पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय में श्रद्धांजलि, कुलपति ने बताए सामाजिक न्याय के मूल्य
जौनपुर, 14 अप्रैल । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर मंगलवार को श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिसर स्थित उनकी प्रतिमा पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने माल्यार्पण कर नमन किया। इस दौरान शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि डॉ. आंबेडकर केवल भारतीय संविधान के शिल्पकार ही नहीं, बल्कि महान समाज सुधारक, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री और दूरदर्शी चिंतक भी थे। उन्होंने अपने जीवन संघर्षों के माध्यम से शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी साधन बताया। उनका संपूर्ण जीवन समानता, न्याय और बंधुत्व के सिद्धांतों की स्थापना के लिए समर्पित रहा।
उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने वंचित और कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए शिक्षा, संगठन और संघर्ष का मंत्र दिया। जब तक समाज में शिक्षा का व्यापक प्रसार नहीं होगा, तब तक वास्तविक परिवर्तन संभव नहीं है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बाबा साहब के विचारों को अपनाकर एक समतामूलक और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें।
कुलपति ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और मानवीय मूल्यों के विकास का माध्यम भी है। छात्रों को संविधान में निहित मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—को अपने जीवन में उतारना चाहिए।
इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव, कुलसचिव केशलाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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