लखनऊ में गरजा स्वर्णकार समाज, जनसंख्या के हिसाब से मिले राजनीतिक भागीदारी:विनीत सेठ

दीपक श्रीवास्तव 
लखनऊ में गरजा स्वर्णकार समाज, जनसंख्या के हिसाब से मिले राजनीतिक भागीदारी:
विनीत सेठ 
लखनऊ/जौनपुर। राजधानी लखनऊ में स्वर्णकार समाज ने अपनी राजनीतिक भागीदारी को लेकर जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। रवींद्रालय में आयोजित स्वर्णकार समागम सम्मेलन में प्रदेशभर से हजारों की संख्या में समाज के प्रतिनिधि जुटे और अपनी प्रमुख मांगों को बुलंद आवाज में उठाया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए समाज के प्रमुख वक्ता विनीत सेठ ने कहा कि अब स्वर्णकार समाज जाग चुका है और किसी भी राजनीतिक दल का “बंधुआ मजदूर” नहीं रहेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज को उसकी जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक भागीदारी मिलनी चाहिए। अब समाज किसी भी पार्टी का पिछलग्गू बनकर काम नहीं करेगा।
इस दौरान सम्मेलन में कई अहम मांगें प्रमुख रूप से सामने रखी गईं। इनमें उत्तर प्रदेश में मध्यप्रदेश की तर्ज पर स्वर्णकार कला बोर्ड के गठन, आईपीसी की धारा 411/412 के कथित दुरुपयोग पर रोक, और स्वर्णकार समाज को प्राथमिकता के आधार पर असलहे का लाइसेंस दिए जाने की मांग शामिल रही।
कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जौनपुर से विनीत सेठ और अजीत सोनी के नेतृत्व में सैकड़ों लोग दर्जनों वाहनों से लखनऊ पहुंचे और सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी की।
अजीत सोनी ने आयोजक मंडल—सत्यनारायण सेठ, नीरज वर्मा, पुष्पेंद्र वर्मा, श्यामसुंदर वर्मा (पूर्व चेयरमैन), कुंदन वर्मा सहित सभी का आभार जताया और भविष्य में इससे भी बड़ा सम्मेलन आयोजित करने की बात कही।
सम्मेलन का संचालन उच्च न्यायालय की अधिवक्ता सुषमा सोनी ने किया। जौनपुर से आए प्रतिनिधियों में मुन्ना लाल सेठ, ओमप्रकाश सोनी, सचिन सोनी, मदन सोनी, संतोष सोनी, आलोक सेठ, सुभाष गर्ग, अजय सेठ, राजेश सोनी, रामअवतार सोनी, संजीत वर्मा समेत सैकड़ों लोग शामिल रहे।
सम्मेलन के माध्यम से स्वर्णकार समाज ने साफ संदेश दिया कि अब वह अपने अधिकारों और राजनीतिक हिस्सेदारी के लिए संगठित होकर निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार 

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