अयातुल्लाह अली ख़ामनेई की शहादत की पर जौनपुर में कैंडल मार्च, शोक और आक्रोश का माहौल

दीपक श्रीवास्तव 
अयातुल्लाह अली ख़ामनेई की शहादत की पर जौनपुर में कैंडल मार्च, शोक और आक्रोश का माहौल

जौनपुर,03 मार्च । यूपी के जौनपुर में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली ख़ामनेई की शहादत के बाद से जौनपुर शहर में शोक और आक्रोश का माहौल देखने को मिला। इसी क्रम में रविवार रात शहर में एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।
कैंडल मार्च सदर इमामबाड़ा से मौलाना सफदर हुसैन जैदी एवं अंजुमन शमशीर हैदरी के नेतृत्व में शुरू हुआ। यह मार्च विभिन्न मार्गों से होते हुए ईदगाह परिसर पहुंचकर संपन्न हुआ। प्रतिभागियों ने हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया।मार्च के दौरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की गई। सभा को संबोधित करते हुए मौलाना सफदर हुसैन जैदी ने अयातुल्लाह ख़ामनेई को दुनिया भर के मजलूमों का रहनुमा बताते हुए घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह पूरी उम्मत के लिए अपूरणीय क्षति है।
मौलाना जैदी ने संयुक्त राष्ट्र से मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने लोगों से संविधान के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने और संबंधित देशों के उत्पादों का बहिष्कार कर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।
मार्च के समापन पर ईरान में शहीद हुए लोगों की मगफिरत और शांति के लिए दुआ की गई। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
कैंडल मार्च में मौलाना जफर हसन खान, मौलाना आसिफ अब्बास, मौलाना अंबर अब्बास, मौलाना सैफ आब्दी, मौलाना आगा मोहसिन सहित बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं शामिल रहे।

कोई टिप्पणी नहीं

एक टिप्पणी भेजें

मुख्यपृष्ठ