एक दिन की डिप्टी एसपी बनी मानसी यादव, सपनों को मिली नई उड़ान

दीपक श्रीवास्तव 
एक दिन की डिप्टी एसपी बनी मानसी यादव, सपनों को मिली नई उड़ान
मिशन शक्ति के तहत अनूठी पहल, कस्तूरबा विद्यालय की छात्रा ने संभाली पुलिस की कमान

जौनपुर में शाहगंज कोतवाली अंतर्गत "बेटी पढ़ेगी, आगे बढ़ेगी – तभी देश नई ऊंचाइयों को छुएगा।"
इस प्रेरक विचार को साकार करते हुए नगर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की कक्षा 8 की छात्रा मानसी यादव को महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के उद्देश्य से एक दिन के लिए डिप्टी एसपी बनाया गया। यह पहल महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं परियोजना निदेशक की कार्ययोजना के अंतर्गत मिशन शक्ति अभियान के छठवें चरण में की गई।

इस खास मौके पर शाहगंज के डिप्टी एसपी अजीत सिंह चौहान ने मानसी यादव को पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली, अधिकारों और जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और समाज सेवा के महत्व को भी सरल और प्रभावी ढंग से समझाया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने उत्साह और जिज्ञासा के साथ भाग लिया। छात्राओं ने पुलिस व्यवस्था को करीब से समझा और कई प्रश्न भी पूछे। डिप्टी एसपी अजीत सिंह चौहान ने छात्राओं के अनुशासन और व्यवहार कुशलता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

एक दिन की डिप्टी एसपी बनी मानसी यादव ने भावुक होते हुए कहा कि उनका सपना पुलिस विभाग में सेवा कर अपने माता-पिता का नाम रोशन करना है। उन्होंने बताया कि इस अवसर ने उन्हें नई ऊर्जा और आत्मविश्वास दिया है, जिससे वह भविष्य में एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी बनकर देश सेवा करना चाहती हैं।

मानसी यादव ने इस अवसर के लिए सरकार, शिक्षा विभाग, बीएसए गोरखनाथ पटेल, एबीएसए बसंत कुमार शुक्ला , वार्डन एकता नीलम सहित सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विद्यालय की 26 छात्राएं, अध्यापिकाएं किरण व प्रियंका तथा पुलिस विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।

मिशन शक्ति के इस विशेष अभियान के अंतर्गत आयोजित यह पहल न केवल जागरूकता का माध्यम बनी, बल्कि छात्राओं के आत्मविश्वास को भी नई दिशा देने में सफल रही। यह कार्यक्रम निश्चित रूप से उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।
हौसलों की उड़ान से आसमान छू लिया,
एक दिन की पद ने सपना सच कर दिया।
अब ये कदम रुकेंगे नहीं कभी राहों में,
मानसी ने खुद पर विश्वास कर लिया।

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