दीपक श्रीवास्तव
ऐसे कार्यक्रम हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं: बृजेश सिंह
गोपी घाट पर गूंजे पारंपरिक फाग गीत, होली के रंग में सराबोर हुए लोग
जौनपुर,03 मार्च । यूपी के जौनपुर में रंगों का पर्व होली नजदीक आते ही जनपद में उत्साह का माहौल दिखाई देने लगा है। चट्टी-चौराहों पर जहां होली के गीत गूंजने लगे हैं, वहीं सामाजिक संगठनों द्वारा भी पारंपरिक फाग गायन के आयोजन शुरू हो गए हैं। इसी क्रम में मंगलवार को स्वच्छ गोमती अभियान और संकीर्तन मंडल के तत्वावधान में गोमती नदी के तट पर स्थित गोपी घाट पर भव्य फाग गीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक और पुराने फाग गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ढोलक और मंजीरे की थाप पर गूंजते होली के गीतों ने वातावरण को पूरी तरह रंगमय बना दिया। लोग गीतों की धुन पर झूमते और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं देते नजर आए। एमएलसी बृजेश सिंह ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एमएलसी बृजेश सिंह विशिष्ट अतिथि डॉ निलेश श्रीवास्तव,विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता शशि श्रीवास्तव गुड्डू ने किया।
गायक बाल मयंक के फाग गीतों ने खासा समां बांधा। उनके गीतों पर युवा और बुजुर्ग सभी नाचते-गाते नजर आए। कार्यक्रम के आयोजक गौतम गुप्ता ने बताया कि यह आयोजन पिछले लगभग दस वर्षों से लगातार किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक फाग गीतों को संरक्षित रखना और नई पीढ़ी को अपनी लोक-संस्कृति से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जहां आधुनिक गीतों का प्रभाव बढ़ रहा है, वहीं संस्था कलाकारों को एक मंच प्रदान कर पारंपरिक होली गीतों को जीवित रखने का प्रयास कर रही है। आयोजन के माध्यम से लोगों को आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के साथ होली मनाने का संदेश भी दिया गया।
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