जौनपुर में सादगी के साथ अदा हुई ईद-उल-फितर की नमाज़, ग़म के साये में दिखी इबादत

दीपक श्रीवास्तव 
जौनपुर में सादगी के साथ अदा हुई ईद-उल-फितर की नमाज़, ग़म के साये में दिखी इबादत
जौनपुर। मुकद्दस माह रमज़ान के पूरे 30 रोज़ों के बाद शनिवार को जनपद में मुस्लिम समुदाय ने ईद-उल-फितर की नमाज़ अकीदत और एहतराम के साथ अदा की। हालांकि इस वर्ष ईद की खुशियों पर ग़म का साया साफ़ तौर पर देखा गया। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई की शहादत और मासूम बच्चियों की मौत की खबरों ने त्योहार की रौनक को फीका कर दिया।
शहर के विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज़ अदा की गई, जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। हुसैनिया नकी फाटक में नमाज़ का आयोजन हुआ, जहां धर्मगुरु मौलाना सफ़दर हुसैन ज़ैदी ने ईद की नमाज़ अदा कराई। नमाज़ से पहले दिए गए खुतबे में मौलाना ने देश और दुनिया में अमन, शांति और भाईचारे की दुआ कराई।
मौलाना सफ़दर हुसैन ज़ैदी ने अपने संबोधन में कहा कि यह ईद सामान्य परिस्थितियों वाली ईद नहीं है, बल्कि ग़म और सब्र का पैगाम देने वाली ईद है। उन्होंने कहा कि आयतुल्लाह ख़ामेनई और मासूम बच्चियों की शहादत ने पूरी उम्मत को दुखी कर दिया है, इसलिए इस बार खुशियों का इज़हार सादगी के साथ किया जाए।
नमाज़ के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने काली पट्टी और काले कपड़े पहनकर नमाज़ अदा की, जो ग़म और एकजुटता का प्रतीक रहा, लेकिन चेहरों पर खुशी के साथ-साथ मायूसी भी साफ झलक रही थी।
मौलाना ज़ैदी ने लोगों से अपील की कि वे ईद को सादगी, आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाएं तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहें। साथ ही उन्होंने शासन-प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने का भी आह्वान किया।
इस मौके पर सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जामेई , मोहम्मद मुस्तफ़ा , लाडले ज़ैदी , मोहम्मद अब्बास समर , शाहिद ज़ैदी , शमीमुल हसन बब्बू , हसन मेहदी , जैगम अब्बास , हसनैन कमर दीपू , मोहसिन खान , सरदार हुसैन बबलू , पत्रकार आरिफ़ हुसैनी के साथ बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे ।

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