राम-केवट संवाद के मंचन ने दर्शकों को किया भाव-विभोर, जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजा पंडाल

दीपक श्रीवास्तव 
राम-केवट संवाद के मंचन ने दर्शकों को किया भाव-विभोर, जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजा पंडाल
सलखापुर की 80 वर्ष पुरानी रामलीला में मारीच-सीता हरण और राम-सुग्रीव मित्रता का भी हुआ मंचन

जौनपुर, 2 नवंबर । सिरकोनी ब्लॉक के सलखापुर कजगांव में मौनी बाबा रामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित 80 वर्ष पुरानी रामलीला में रविवार की रात राम-केवट संवाद, मारीच-सीता हरण तथा राम-सुग्रीव मित्रता का भावपूर्ण मंचन किया गया। भगवान राम और केवट के बीच हुए संवाद ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। पूरा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।

रामलीला का शुभारंभ मुख्य अतिथि समाजसेवी सुरेंद्र सिंह सेठ और पूर्व प्रधान रणंजय सिंह संजय ने फीता काटकर तथा भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता की आरती उतारकर किया। इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह सेठ ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए और सदैव सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए।
मंचन के दौरान वनवास के समय भगवान राम के नदी पार करने के प्रसंग को जीवंत किया गया। केवट ने प्रभु राम को पहचानने के बाद बिना उनके चरण पखारे नाव पर बैठाने से इनकार कर दिया। उसने कहा कि प्रभु के चरणों के स्पर्श से कहीं उसकी नाव भी पत्थर से नारी बन गई तो उसका जीवन-यापन कैसे होगा। इसके बाद भगवान राम की सहमति से केवट ने उनके चरण पखारे और उन्हें नाव पर बैठाकर नदी पार कराई। इस दौरान 'मांगी नाव न केवट आना, कहहुं तुम्हारा मरम न हम जाना' के संवाद ने दर्शकों को भावुक कर दिया।

इसके बाद रावण द्वारा माता सीता के हरण और राम-सुग्रीव मित्रता के प्रसंग का मंचन हुआ। कलाकारों के सजीव अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा।

रामलीला का संचालन राजकमल सिंह ने किया। इस मौके पर समिति के प्रबंधक एवं डायरेक्टर संत प्रकाश धुरंधर सिंह, ग्राम प्रधान प्रमोद कुमार गौतम पप्पू, कोषाध्यक्ष ध्रुवप्रकाश सिंह, अध्यक्ष एवं पूर्व एडीओ यदुनाथ यादव, उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह सोनू, अक्षत श्रीवास्तव, भोला सिंह और पत्रकार दीपक श्रीवास्तव सहित अन्य लोग मौजूद रहे। उक्त जानकारी समिति के मीडिया प्रभारी दीपक श्रीवास्तव ने दी।

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