दीपक श्रीवास्तव एनएच-233 प्रभावित किसानों ने नितिन गडकरी से मिलने की मांगी अनुमति, डीएम को सौंपा पत्र
चार हजार किसानों के लंबित मुआवजा ब्याज, टोल वसूली बंद करने और अधूरी सड़क का मुद्दा उठाने की तैयारी
जौनपुर, 2 नवंबर ।केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रस्तावित जनपद आगमन को लेकर पूर्वांचल किसान संगठन ने एनएच-233 से प्रभावित किसानों की समस्याएं उनके समक्ष रखने की तैयारी की है। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को पत्र देकर मंत्री से मुलाकात के लिए प्रतिनिधिमंडल और प्रभावित किसानों को अनुमति दिलाने की मांग की है।
संगठन ने पत्र में कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-233 के निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे का ब्याज करीब चार हजार किसानों को वर्षों से नहीं मिला है। किसानों को उनका लंबित ब्याज भुगतान कराया जाए। इसके साथ ही अधूरी सड़क पर बेरही टोल प्लाजा के माध्यम से की जा रही टोल वसूली तत्काल बंद कराने की मांग उठाई गई है।
पत्र में अजगरा विधायक त्रिभुवन राम के 30 सितंबर 2026 को जारी वीडियो का हवाला देते हुए कहा गया है कि विधायक ने मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से टोल प्लाजा स्थगित किए जाने के निर्णय की जानकारी सार्वजनिक की थी। इसके बावजूद टोल वसूली जारी है। संगठन ने सवाल उठाया है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का अनुपालन क्यों नहीं हो रहा है।
किसानों ने अधूरी सड़क के कारण लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लगाने, स्थानीय लोगों की सुरक्षा और आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की है। इसके अलावा भूमि मुआवजे के निर्धारण में कथित भेदभाव और विसंगतियों की निष्पक्ष जांच कराने का मुद्दा उठाया है।
संगठन का आरोप है कि जिन किसानों की जमीन को पहले दो बार मुआवजा निर्धारण के दौरान मुख्य मार्ग पर स्थित माना गया था, अब उन्हीं जमीनों के बीच नाली अथवा ग्राम समाज की भूमि दर्शाकर उन्हें मुख्य मार्ग से दूर बताया जा रहा है। इससे मुआवजे की राशि आधी होने की स्थिति बन रही है। संगठन ने इस मामले की जांच कर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
पूर्वांचल किसान संगठन ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि केंद्रीय मंत्री के आगमन पर प्रभावित किसानों के प्रतिनिधिमंडल को उनसे मिलने के लिए निर्धारित समय और स्थान पर अनुमति दिलाई जाए, ताकि किसान अपनी समस्याएं सीधे मंत्री के समक्ष रख सकें।
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