दीपक श्रीवास्तव
पूर्व माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग के पूर्व अध्यक्ष ने जताई जान का खतरा, राज्यमंत्री समेत अन्य पर लगाए गंभीर आरोप
जौनपुर, 29 सितंबर । पूर्व माध्यमिक शिक्षा चयन आयोग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) आशाराम ने 12 सितंबर को अपने साथ हुई कथित मारपीट की घटना के बाद जान का खतरा जताया है। उन्होंने मंगलवार को जारी प्रेसवार्ता संबंधी पत्र में पुलिस पर शिकायत के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं करने और मेडिकल परीक्षण नहीं कराने का आरोप लगाया है।
प्रो. आशाराम के अनुसार, 12 सितंबर की सुबह करीब छह बजे वह जफराबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति ने कथित रूप से उन पर हमला कर मारपीट की और पूर्व में दर्ज मुकदमा वापस लेने की धमकी दी। उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया।
पूर्व अध्यक्ष का आरोप है कि घटना की सूचना पुलिस को देने के बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि जफराबाद थानाध्यक्ष, पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी से दो बार मिलकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की, लेकिन उनके अनुसार कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रेसवार्ता संबंधी पत्र में प्रो. आशाराम ने राज्यमंत्री गिरीश चन्द्र यादव समेत कुछ अन्य लोगों पर कथित साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि पूर्व में उनके द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमों के चलते उनके खिलाफ हमला कराया गया। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें अपनी जान का खतरा है और भविष्य में उनकी हत्या की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्रो. आशाराम ने पुलिस और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर मुकदमा दर्ज करने तथा अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
हालांकि, प्रो. आशाराम की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राज्यमंत्री गिरीश चन्द्र यादव अथवा अन्य आरोपितों की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।
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