दीपक श्रीवास्तव
सत्संग, सेवा और सुमिरन से मिलती है सच्ची मुक्ति : श्रीकृष्ण श्रीवास्तव
मुक्ति पर्व पर नशामुक्ति, ब्रह्मज्ञान और मानवता का दिया संदेश
जौनपुर। मुक्ति पर्व पर आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में साध संगत को नशामुक्त जीवन, सद्गुरु के ज्ञान और मानवता की सेवा का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि जीवन में शांति और आत्मिक आनंद के लिए सत्संग एवं प्रभु-स्मरण को अपनाना जरूरी है।
महात्मा श्रीकृष्ण श्रीवास्तव ने कहा कि नशा और धूम्रपान छोड़ना शरीर को विकारों से मुक्त करता है, जबकि आत्मिक मुक्ति सद्गुरु के ज्ञान से प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि सेवा, सुमिरन और सत्संग जीवन को सही दिशा देते हैं। मनुष्य को प्रत्येक सांस में परमात्मा का स्मरण करते हुए उसके अस्तित्व का अनुभव करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ब्रह्मज्ञान के माध्यम से विश्वभर में शांति, एकता और मानवता का संदेश दे रही हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर मनुष्य अपने जीवन में प्रेम, सद्भाव और सकारात्मकता ला सकता है।
पूर्व प्रधानाचार्य महात्मा आरपी सिंह ने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान मनुष्य को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने सद्गुरु के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज में सेवा और सद्भाव की भावना मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में डॉ. वीरेंद्र सिंह, डॉ. शैल कुमार, राधेश्याम प्रजापति बेताब, विद्यावती, जंत्रीरा, प्रियंका, रामनाथ प्रजापति, कमलेश और संतराम ने भी विचार व्यक्त किए।
कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें