दीपक श्रीवास्तव
जौनपुर, 07 अगस्त। बारिश और जलभराव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरजनित एवं संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए शुक्रवार को विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गंगाराम गौतम के निर्देशन में अर्बन जौनपुर के चाचकपुर, उमरपुर तथा ब्लॉक जलालपुर के त्रिलोचन में शिविर लगाए गए।
चाचकपुर में डॉ. प्रेम चंद्र के नेतृत्व में आयोजित शिविर में 18 संभावित मरीजों की मलेरिया, डेंगू और टाइफाइड की जांच की गई। सभी जांच रिपोर्ट निगेटिव रहीं। इसी तरह उमरपुर में डॉ. नाजिया परवीन के नेतृत्व में 21 लोगों की जांच हुई, जिसमें किसी में भी बीमारी की पुष्टि नहीं हुई। त्रिलोचन में डॉ. शैलेंद्र सिंह के नेतृत्व में लगे शिविर में 27 लोगों की जांच की गई। इनमें एक व्यक्ति टाइफाइड पॉजिटिव पाया गया, जिसे उपचार के लिए आवश्यक दवा उपलब्ध कराई गई।
चाचकपुर और उमरपुर में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जलभराव वाले स्थानों पर एंटीलार्वा रसायन का छिड़काव कराया। इसके साथ ही मच्छरों के प्रजनन स्रोतों का सर्वे, सोर्स रिडक्शन, फीवर सर्वे, डेंगू-मलेरिया से बचाव संबंधी पोस्टर लगाए गए और पंपलेट वितरित कर लोगों को जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घरों के आसपास साफ-सफाई रखने, जलभराव नहीं होने देने और नालियों में कूड़ा-कचरा नहीं डालने की अपील की। कूलर, गमले और फ्रिज की ट्रे में जमा पानी सप्ताह में कम से कम एक बार बदलने, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने तथा सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करने की सलाह दी गई।
विभाग ने लोगों से अपील की कि बुखार होने पर इलाज में देरी न करें और तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर निःशुल्क जांच व उपचार कराएं। स्वास्थ्य विभाग ने चेताया कि बुखार में देरी भारी पड़ सकती है।
शिविरों में मलेरिया-फाइलेरिया कार्यालय के सहायक मलेरिया अधिकारी संजीव कुमार मिश्रा, सुजीत कुमार प्रभाकर, फाइलेरिया निरीक्षक अभिषेक सोनकर, दीपक सिंह, क्षेत्रीय आशा समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
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