दीपक श्रीवास्तव
भक्ति और उल्लास के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा,मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने आरती कर किया शुभारंभ
जौनपुर,16 जुलाई। यूपी के जौनपुर में आषाढ़ मास के पावन अवसर पर गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र एवं देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा धार्मिक आस्था, उत्साह और भक्तिमय वातावरण के बीच संपन्न हुई। सुबह से लेकर देर शाम तक हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरा शहर "जय जगन्नाथ" के जयघोष से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान के दिव्य दर्शन किए, शाही खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया और अपने हाथों से रथ खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
प्रातःकाल श्री जगन्नाथ धाम रासमंडल में भगवान के विग्रहों का षोडशोपचार पूजन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच डॉ. रजनीकांत द्विवेदी के निर्देशन में संपन्न हुआ। मुख्य यजमान डॉ. रजनीश श्रीवास्तव, डॉ. स्मिता श्रीवास्तव, सीए संजय गुप्ता और नीलिमा गुप्ता ने भगवान का पूजन-अर्चन एवं महाआरती की। इसके बाद भगवान को शाही खिचड़ी का भोग अर्पित किया गया और श्रद्धालुओं के लिए दर्शन के पट खोल दिए गए।
शाम करीब 5:30 बजे भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र एवं देवी सुभद्रा को भव्य एवं सुसज्जित रथ पर विराजमान कर ऐतिहासिक रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा महोत्सव समिति के अध्यक्ष शशांक सिंह 'रानू' की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने भगवान की आरती उतारकर और नारियल फोड़कर किया। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञानप्रकाश सिंह विशिष्ट अतिथि तथा मुख्य ट्रस्टी संतोष गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
रथयात्रा रासमंडल से प्रारंभ होकर मानिक चौक, राजा फाटक, सुतहट्टी चौराहा, कोतवाली चौराहा, चहारसू चौराहा, ओलंदगंज, नवदुर्गा शिव मंदिर, सद्भावना पुल और शाही किला होते हुए पुनः जगन्नाथ धाम पहुंची। पूरे मार्ग में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भगवान का रथ अपने हाथों से खींचा।
यात्रा मार्ग पर व्यापार मंडल, बोल बम कांवरिया संघ, अनाज व्यापार मंडल, स्वर्णकार समाज सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने भगवान के रथ पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए शीतल जल एवं जलपान की भी व्यवस्था की गई। भजन-कीर्तन, संकीर्तन और आकर्षक झांकियां पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं।
इससे पूर्व आषाढ़ कृष्ण अमावस्या के अवसर पर बुधवार को भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र और देवी सुभद्रा का पारंपरिक विधि-विधान से स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। डॉ. रजनीकांत द्विवेदी के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने धार्मिक परंपरा के अनुसार विग्रहों का परीक्षण किया। बताया गया कि स्नान पूर्णिमा के बाद परंपरा के अनुसार भगवान 15 दिनों तक अस्वस्थ माने जाते हैं और इस दौरान उन्हें औषधीय काढ़ों का भोग लगाया जाता है। स्वास्थ्य लाभ के बाद गुरुवार को भगवान ने भक्तों को दर्शन दिए और भव्य रथयात्रा में नगर भ्रमण किया।
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