प्रभारी मंत्री एके शर्मा से मिलकर की तहसील में भ्रष्टाचार की शिकायत

दीपक श्रीवास्तव 
प्रभारी मंत्री एके शर्मा से मिलकर की तहसील में भ्रष्टाचार की शिकायत 
अधिवक्ताओं के शिष्टमंडल ने जिला मुख्यालय पर की मुलाकात 

जौनपुर ।मछलीशहर तहसील के  अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित डाक बंगले पर प्रभारी मंत्री एके शर्मा से मिला और उन्हें तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार की जानकारी देते हुए तहसीलदार और नायब तहसीलदार के स्थानांतरण के लिए ज्ञापन सौपा।
इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोगों ने भी तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार की जानकारी साथ-साथ दी।
अधिवक्ताओं ने प्रभारी मंत्री को अवगत कराते हुए कहा कि तहसील में पूरी तरह भ्रष्टाचार व्याप्त है। कहां की मुकदमों की फाइलें 8 महीने तक आदेश के लिए सुरक्षित रखी जाती हैं और मोलभाव किया जाता है। अधिकारी जनता दर्शन तक में नहीं बैठते हैं। कहा की जिलाधिकारी के आदेश पर मुख्य राजस्व अधिकारी और उप जिला अधिकारी न्यायिक जांच के नाम पर खाना पूर्ति करने आए थे। सैकड़ो अधिवक्ता उन्हें सबूत और साक्ष्य के साथ अपनी बात बताना चाहते थे लेकिन  अधिकारियों ने किसी को मौका नहीं दिया।वहीं भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष संतोष जायसवाल और भारतीय जनता पार्टी  के मंडल अध्यक्ष हरिओम गुप्ता ने कहा कि पूरे प्रदेश में यह सबसे भ्रष्ट तहसील है जहां पर गलत काम के लिए मुस्लिम भू माफिया से कीमती कार ( गाड़ी )उपहार में ली जाती है भले कागजों में उसका लेनदेन हुआ हो। लेकिन सत्यता यह है की बाद में पूरा पैसा अधिकारी को वापस कर दिया जाता है ।उक्त कीमती कार अधिकारी के भाई के नाम पर स्थानांतरित की गई है। जिसका मछली शहर से दूर-दूर तक कोई वास्ता सरोकार नहीं है ‌कहा कि वह लोग जांच के लिए परेशान हैं लेकिन जांच के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। शिकायतकर्ता से ही कहा जाता है कि आप आरटीओ विभाग से जाकर सबूत ले लाइये।
विदित हो के स्थानीय अधिवक्ता संघ बीते 11 दिनों से तहसीलदार और नायब तहसीलदार के स्थानांतरण की मांग को लेकर हड़ताल पर है।
भारतीय जनता पार्टी के दो जनप्रतिनिधि जन भावनाओं के अनुसार स्थानांतरण को लेकर प्रयासरत हैं। बावजूद इसके  पार्टी पदाधिकारीयों, ना ही वकीलों ,ना ही जन भावनाओं, नाही जनप्रतिनिधियों की सुनवाई की जा रही है
प्रमुख उपस्थित अधिवक्ताओं में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जितेन्द्र श्रीवास्तव महामंत्री आलोक विश्वकर्मा ,वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश चंद्र सिन्हा ,इंदु प्रकाश सिंह, रघुनाथ प्रसाद, अवनींद्र कुमार दुबे आदि लोग थे

कोई टिप्पणी नहीं

एक टिप्पणी भेजें

मुख्यपृष्ठ