फर्जी पत्रकारों पर शिकंजे की मांग, जौनपुर में मीडिया की साख पर उठे सवाल


दीपक श्रीवास्तव 
फर्जी पत्रकारों पर शिकंजे की मांग, जौनपुर में मीडिया की साख पर उठे सवाल
जुबेर अहमद संपादक 
अवामी ख्यालात

जौनपुर। जिले में पत्रकारिता की साख पर सवाल खड़े होने लगे हैं। अवामी ख्यालात के संपादक जुबेर अहमद ने कहा है कि जौनपुर में कथित और फर्जी पत्रकारों की बढ़ती संख्या ने मीडिया जगत की छवि को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पत्रकारिता की आड़ में अवैध उगाही और ब्लैकमेलिंग जैसे कार्यों में लिप्त हैं, जिससे असली पत्रकारों की पहचान और सम्मान दोनों पर संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने कहा कि जिले में वास्तविक और अधिकृत पत्रकारों की संख्या सीमित है, जबकि उनकी आड़ में बड़ी संख्या में तथाकथित लोग माइक और फर्जी आईडी लेकर घूम रहे हैं। ये लोग खबरों की गुणवत्ता गिराने के साथ-साथ व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को डराकर पैसे वसूलने का काम कर रहे हैं।
जुबेर अहमद के अनुसार, पहले जहां पत्रकार का आना समस्या के समाधान की उम्मीद जगाता था, वहीं अब कई मामलों में लोग मीडिया कर्मियों को संदेह की नजर से देखने लगे हैं। उन्होंने इसे पत्रकारिता के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो स्थिति और खराब हो सकती है।
स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग और वरिष्ठ पत्रकारों ने भी प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि जिला प्रशासन और सूचना विभाग को जिलेभर में सक्रिय ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस और संबंधित विभाग अब इस मामले में सक्रिय हो रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त लोगों की सूची तैयार की जा रही है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि अधिकृत पहचान पत्रों की जांच की जाएगी और फर्जी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
वास्तविक पत्रकारों ने भी एकजुट होकर ऐसे असामाजिक तत्वों के बहिष्कार का आह्वान किया है, ताकि पत्रकारिता की गरिमा और विश्वसनीयता को बचाया जा सके।

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