शहीद दिवस पर महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद को भावभीनी श्रद्धांजलि

Deepak srivastava 
शहीद दिवस पर महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद को भावभीनी श्रद्धांजलि

जौनपुर,27 फरवरी । यूपी के जौनपुर में महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद के 95वें शहादत दिवस पर शुक्रवार को नगरपालिका परिषद टाउन हॉल मैदान में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन काकोरी-एक्शन शताब्दी वर्ष आयोजन समिति के आह्वान पर किया गया, जिसमें सैकड़ों नागरिकों ने भाग लिया। राष्ट्रवादी नौजवान सभा के कार्यकर्ताओं की भी सक्रिय उपस्थिति रही।
वक्ताओं ने आज़ाद के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 23 जुलाई 1906 को मध्य प्रदेश के अलीराजपुर रियासत के भावरा ग्राम में हुआ था। 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड ने उनके मन पर गहरा प्रभाव डाला। असहयोग आंदोलन में भाग लेने पर गिरफ्तारी के दौरान उन्होंने अदालत में अपना नाम “आजाद” बताया, जिसके बाद वे इसी नाम से प्रसिद्ध हुए।
बाद में वे रामप्रसाद बिस्मिल और अशफाक उल्ला खान के संपर्क में आए और क्रांतिकारी संगठन हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी के कमांडर-इन-चीफ बने। 27 फरवरी 1931 को इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में ब्रिटिश पुलिस से घिरे होने पर उन्होंने वीरगति पाई।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि आज़ाद, भगत सिंह और सुभाषचंद्र बोस के सपनों का भारत बनाने के लिए युवाओं को उनके आदर्शों को आत्मसात करना होगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. जी.एल. निषाद ने की तथा संचालन प्रमोद कुमार शुक्ल ने किया। अंजली सरोज और जिमी गुप्ता ने क्रांतिकारी गीत प्रस्तुत किए। अंत में आज़ाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का समापन किया गया।

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