समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया ने प्रतिभाओं के अलंकरण में जड़े 51 मोती

विश्व प्रकाश श्रीवास्तव 
समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया ने प्रतिभाओं के अलंकरण में जड़े 51 मोती

गाजियाबाद। देश की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था ‘समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया’ ने आठ राज्यों की 51 प्रतिभओं का सम्मानित कर एक बार फिर सम्मानों के अलंकरण में मोती जड़ने का काम किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र बच्चन ने संस्था के तृतीय स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्र गौरव सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जब समाज की प्रतिभाओं को सम्मान और समर्थन मिलता है तो वे नई ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रेरित होती हैं। यह न केवल उनके व्यक्तित्व विकास में सहायक होता है बल्कि देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
प्रताप विहार स्थिति फ्लोरेस अस्पताल के कान्फ्रेस हाल में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पीआईआईटी कालेज ग्रेटर नोएडा के चेयरमैन प्रोफेसर (डॉ.) भरत सिंह रहे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. एम. के. सिंह, अलग-अलग विधाओं में आठ विश्व रिकॉर्ड बना चुके दिल्ली के डॉ. सुरेश चंद्र वर्मा ‘जसाला’, ‘राष्ट्र गौरव’ अवार्ड प्राप्त मेरठ के रूपेन्द्र सिंह रोमी और गाजियाबाद के वरिष्ठ समाजसेवी सुधीर कुमार श्रीवास्तव शामिल थे। संयुक्त रूप से सभी अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इसके बाद समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसकेएफआई) के महानिदेशक अशोक कुमार, कोषाध्यक्ष अमित सक्सेना व गाजियाबाद जिलाध्यक्ष मनोज कुमार श्रीवास्तव ने अतिथियों को शॉल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर उन्हें सम्मानित भी किया।
मुख्य अतिथि प्रो. भरत सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि होनहार प्रतिभाएं अपने परिवार के साथ ही समाज व देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। एसकेएफआई का यह बहुत ही बढ़िया प्रयास है। इससे अन्य लोगों का भी उत्साह बढ़ता है और उनमें कुछ अलग करने की ललक जगती है। लोगों का मनोबल बढ़ाने के लिए समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया का सम्मान समारोह एक बेहतर मंच है।
समारोह के विशिष्ट अतिथि डॉ एमके सिंह ने कहा कि होनहार प्रतिभाएं अपनी मेहनत और लगन से समाज एवं देश का नाम रोशन करती हैं। उनका सम्मान करने से उन्हें प्रोत्साहन मिलता है तथा अन्य लोग भी उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित होते हैं। जबकि डॉ. सुरेश वर्मा ‘जसाला’ ने प्रतिभाओं के सम्मान को समाज का स्वर्णिम भविष्य बताया। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान करने से उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है और उनका किया गया सम्मान अन्य प्रतिभाओं के लिए भी प्रेरणादायी होता है।