जौनपुर में गणपति प्रतिमाएं जयकारों के साथ गोमती में विसर्जित

दीपक श्रीवास्तव 
जौनपुर में गणपति प्रतिमाएं जयकारों के साथ गोमती में विसर्जित
सात दिवसीय गणेश पूजनोत्सव का समापन, भक्तिमय माहौल में दी गई विदाई।


जौनपुर में सात दिवसीय श्री गणेश पूजनोत्सव का समापन रविवार देर रात हो गया। गणपति प्रतिमाओं को भक्तिमय माहौल में आदि गंगा गोमती के सद्भावना सेतु स्थित शक्ति कुंड में विसर्जित किया गया। सोमवार भोर तक वैदिक मंत्रोच्चार और 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारों के साथ बप्पा को विदाई दी गई।
अहियापुर तिराहे से पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. रामसूरत मौर्य ने नारियल फोड़कर और हरी झंडी दिखाकर शोभायात्रा को शुरू किया। यह शोभायात्रा सब्जी मंडी, कोतवाली चौराहा और चहारसू होते हुए ओलंदगंज के रास्ते शक्ति कुंड पहुंची। यहां निर्णायक मंडल ने झांकियों का अवलोकन किया।

इससे पहले, कोतवाली चौराहा स्थित हनुमान मंदिर के सामने श्री गणपति पूजा महासमिति जौनपुर ट्रस्ट के 24वें नियंत्रण कक्ष का उद्घाटन हुआ। मुख्य अतिथि राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने दीप जलाकर इसका उद्घाटन किया।
इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट महिपाल सिंह, सीओ और नगर पालिका अध्यक्ष मनोरमा मौर्य ने विसर्जन को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने का भरोसा दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य संरक्षक लोलारक दुबे ने की, जबकि संचालन संजीव यादव ने किया। नवीन सिंह बसगोती ने सबका स्वागत किया और अध्यक्ष दीपक जावा ने आभार व्यक्त किया।

उधर, बक्शा विकास खंड के सुजियामऊ गांव में भी पांच दिवसीय गणपति महोत्सव का समापन गाजे-बाजे के साथ हुआ। आयोजक आशुतोष कुमार उपाध्याय ने बताया कि यहां मुंबई के लालबाग के राजा की तर्ज पर प्रतिमा स्थापित की गई थी। खाटू श्याम जी का पूजन आचार्य प्रशांत तिवारी ने कराया।

महोत्सव के आखिरी दिन गायक हरिओम तिवारी, श्वेता प्रियांशी यादव और आचार्य सर्वेश उपाध्याय ने जागरण में भजनों की प्रस्तुति दी। इन भजनों के साथ ही बप्पा को विदाई दी गई।

कोई टिप्पणी नहीं

एक टिप्पणी भेजें

मुख्यपृष्ठ