अनुच्छेद 142 का प्रयोग कर आज़म ख़ान, उनके परिवार एवं जौहर विश्वविद्यालय को न्याय दिलाए सुप्रीम कोर्ट : आरिफ हबीब


Deepak srivastava 
अनुच्छेद 142 का प्रयोग कर आज़म ख़ान, उनके परिवार एवं जौहर विश्वविद्यालय को न्याय दिलाए सुप्रीम कोर्ट : आरिफ हबीब
जौनपुर। समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव आरिफ हबीब ने माननीय सुप्रीम कोर्ट से पुरज़ोर अपील की है कि संविधान के अनुच्छेद 142 में निहित “पूर्ण न्याय” की शक्ति का प्रयोग करते हुए मोहम्मद आज़म ख़ान साहब, उनके परिवार तथा मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े उन मुकदमों पर भी न्यायपूर्ण विचार किया जाए, जो राजनीतिक द्वेष अथवा दुर्भावना से प्रेरित पाए जाएं।

आरिफ हबीब ने कहा कि जिस प्रकार माननीय सर्वोच्च न्यायालय विशेष परिस्थितियों में अनुच्छेद 142 के माध्यम से न्याय के व्यापक हित में हस्तक्षेप करता है, उसी भावना के तहत आज़म ख़ान साहब, उनके परिवार और जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि न्याय होता हुआ दिखाई भी देना चाहिए। यदि किसी मुकदमे में राजनीतिक प्रतिशोध, दुर्भावना या कानून के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो ऐसे मामलों में माननीय न्यायालय से उचित राहत की अपेक्षा है।

उन्होंने कहा, “हमारी मांग किसी व्यक्ति या संस्था के लिए कानून से ऊपर विशेषाधिकार की नहीं, बल्कि निष्पक्ष न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की है। आज़म ख़ान साहब, उनके परिवार और जौहर विश्वविद्यालय को न्याय मिलना लोकतांत्रिक मूल्यों और न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास को और मजबूत करेगा।”
आरिफ हबीब ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय केवल एक संस्था नहीं, बल्कि शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए उससे जुड़े मामलों में भी निष्पक्षता, पारदर्शिता और न्याय के सिद्धांतों का पूरी तरह पालन होना चाहिए।

उन्होंने अंत में कहा कि “अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है और इंसाफ़ की मांग करना हमारा संवैधानिक विश्वास।”

आरिफ हबीब
ज़िला महासचिव
समाजवादी पार्टी, जौनपुर
366, जौनपुर सदर विधानसभा क्षेत्र

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