दीपक श्रीवास्तव
जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को जबरन हटाए जाने और विरोध प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस द्वारा बाधित किये जाने के खिलाफ प्रदर्शन
जौनपुर, उ.प्र। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चले रहे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रख्यात वैज्ञानिक व समाजसेवी सोनम वांगचुक को जबरन हटाए जाने के खिलाफ तथा अन्य भूख हड़तालियों व धरना प्रदर्शन के समर्थन में आज दिनांक 20 जुलाई 2026 को छात्र संगठन- एआईडीएसओ, युवा संगठन- एआईडीवाईओ व ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी की ओर से बदलापुर सब्जी मण्डी से जुलूस निकालकर इन्दिरा चौक पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान - शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान इस्तीफा दो। NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) को भंग करो। सोनम वांगचुक व अन्य अनशनकारियों के ऊपर हमले करना बंद करो। हर तरह के पेपर लीक पर रोक लगाओ। NEET के मृतक छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा दो। नई शिक्षा नीति 2020 रद्द करो। सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत करो। पेपर लीक के दोषियों को कठोर सजा दो। इत्यादि नारों से आकाश गूंज उठा।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि, पिछले एक महीने से अधिक समय से, देश के छात्र, युवा, अभिभावक और आम लोग पेपर लीक और एनटीए (NTA) में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ दिल्ली और देश के कई अन्य हिस्सों में लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हम सभी सरकार से जवाबदेही, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और एनटीए को तुरंत भंग करने की मांग कर रहे हैं। उपरोक्त मांगों को लेकर सोनम वांगचुक और कई अन्य छात्रों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल इस देश के छात्रों, अभिभावकों और सभी शिक्षा-प्रेमी लोगों के बीच बढ़ते आक्रोश की अभिव्यक्ति है। पिछले 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक और अन्य छात्रों का गिरता स्वास्थ्य देश के सभी विवेकशील नागरिकों के लिए चिंता का विषय बन गया है। प्रदर्शनकारियों की जायज मांगों पर ध्यान देने और उनसे बातचीत शुरू करने के बजाय, सरकार ने सोनम वांगचुक को विरोध स्थल से जबरन हटाने का सहारा लिया है। यह कृत्य न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि अपने नागरिकों के प्रति सरकार के निरंकुश और अमानवीय रवैये को भी दर्शाता है। एक लोकतांत्रिक देश में तानाशाही अपने चरम पर है।
एआईडीएसओ व एआईडीवाईओ भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार और पुलिस प्रशासन के इस कृत्य के खिलाफ दृढ़ता से विरोध करता है, और भारत के सभी नागरिकों, विशेष रूप से छात्र व युवा समुदाय से अपील करता है कि वे बहादुरी से आगे आएं और चल रहे आंदोलन को तेज करें। यह निरंकुश सत्ताधारी सरकार के लिए एक चेतावनी भी है कि वह असहमति की आवाजों को दबाना बंद करे और सोनम वांगचुक व प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत शुरू करे, जो कि भारत के न्यायप्रिय छात्र समुदाय के बीच बढ़ते आक्रोश का समाधान करने का एकमात्र तरीका है।"
प्रदर्शन को रामकुमार यादव, यादवेंद्र पाल, प्रमोद कुमार शुक्ल, कृष्णा सिंह, दिनेशकान्त मौर्य, संतोष कुमार प्रजापति, इन्दुकुमार शुक्ल, राजबहादुर विश्वकर्मा, अपूर्व दूबे, अंजली सरोज, पूनम प्रजापति, नीरज गुप्ता, गार्गी पाल, विजय मौर्य व अन्य ने सम्बोधित किए। संचालन - दिलीप कुमार ने किया।
इस अवसर पर एआईडीएसओ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सचिन जैन के अलावा विजयप्रकाश गुप्त, आलोक मौर्य, राजबहादुर पाल, नवनीत मौर्य, देवव्रत निषाद, दीपचंद, अभिषेक, खुशबू मौर्य, अंशिका, अर्चना, बबलू, रोशनी, शनी मौर्य, अंकित मौर्य, हरिकेश कनौजिया, रजनीश सहित सैकड़ों लोग मौजूद
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