पोस्टर में सानिया मौर्य, काव्य लेखन में हिमांशी अव्वल

दीपक श्रीवास्तव 
पोस्टर में सानिया मौर्य, काव्य लेखन में हिमांशी अव्वल

विकसित भारत @2047' की परिकल्पना और 'माँ' की ममता रंगों व शब्दों में हुई साकार

जौनपुर। राज्यपाल, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार आयोजित दीक्षोत्सव कार्यक्रमों की श्रृंखला में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान द्वारा "विकसित भारत @2047" एवं "मेरी माँ" विषय पर पोस्टर एवं काव्य लेखन प्रतियोगिता का आयोजन एस.पी. गुप्ता मेमोरियल लाइब्रेरी में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं विभागों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा, कलात्मक अभिव्यक्ति एवं साहित्यिक संवेदनशीलता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने अपने पोस्टरों और कविताओं के माध्यम से विकसित भारत के सपनों, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका तथा माँ के प्रति सम्मान, प्रेम और समर्पण की भावनाओं को सशक्त अभिव्यक्ति दी।
पोस्टर प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. वनिता सिंह, डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ. शुभम सिंह एवं डॉ. आश्रेया दुबे ने किया। प्रतियोगिता में सानिया मौर्य (दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान) ने प्रथम, आशीष शैलेंद्र प्रजापति (बायोटेक्नोलॉजी विभाग) ने द्वितीय तथा खुशी सिंह (एमबीए-एचआरडी) एवं अंकुर मौर्य (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग) ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।
काव्य लेखन प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. इंद्रजीत सिंह एवं डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने किया। इसमें हिमांशी श्रीवास्तव (बायोटेक्नोलॉजी विभाग) ने प्रथम, अनुराग यादव (फार्मेसी विभाग) ने द्वितीय तथा शशिकांत (दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनुराग मिश्र ने सभी प्रतिभागियों, निर्णायक मंडल, शिक्षकगण एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि "इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में सृजनात्मक चिंतन, साहित्यिक एवं कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करती हैं।

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