मेडिकल कॉलेज में तंबाकू निषेध पर जागरूकता कार्यक्रम, चिकित्सकों ने बताया—धीमा जहर है तंबाकू

दीपक श्रीवास्तव 
मेडिकल कॉलेज में तंबाकू निषेध पर जागरूकता कार्यक्रम, चिकित्सकों ने बताया—धीमा जहर है तंबाकू

जौनपुर,। यूपी के जौनपुर स्थित उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में सोमवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के परिप्रेक्ष्य में तंबाकू नियंत्रण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधानाचार्य प्रो. आर.बी. कमल के निर्देशन में तंबाकू निषेध के नोडल अधिकारी डॉ. अनिल कुमार तथा कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनुज सिंह के नेतृत्व में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए प्रधानाचार्य प्रो. आर.बी. कमल ने कहा कि इस वर्ष की थीम "आकर्षण का पर्दाफाश: तंबाकू एवं निकोटीन की लत का मुकाबला" है। उन्होंने कहा कि तंबाकू एक धीमा जहर है, जो कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों की गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण है। इसका दुष्प्रभाव केवल सेवन करने वाले व्यक्ति ही नहीं, बल्कि उसके आसपास रहने वालों पर भी पड़ता है।
कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज सिंह ने बताया कि तंबाकू फेफड़ों के कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। इसके दुष्प्रभाव धीरे-धीरे सामने आते हैं, जिससे अधिकांश मरीज गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचते हैं। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण को भी श्वसन रोगों और कैंसर के जोखिम का एक प्रमुख कारण बताया।
तंबाकू निषेध के नोडल अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि तंबाकू शरीर के आंतरिक अंगों के साथ त्वचा और रक्त संचार प्रणाली को भी प्रभावित करता है। वहीं सहायक आचार्य डॉ. मुदित चौहान ने बताया कि लंबे समय तक तंबाकू सेवन करने से मुंह के छाले, सफेद या लाल धब्बे, निगलने में कठिनाई और गांठ जैसे लक्षण मुख कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
कार्यक्रम में डॉ. पूजा पाठक, डॉ. नवीन सिंह, डॉ. आदर्श कुमार, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. दीपिका साव, डॉ. उस्मान, डॉ. रेफत सहित एमबीबीएस के छात्र-छात्राएं एवं चिकित्सा महाविद्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।

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