दीपक श्रीवास्तव/इन्द्रजीत सिंह मौर्य
जौनपुर में ड्रग्स इंस्पेक्टर की सख्त कार्रवाई से जिले में हड़कंप
7.86 करोड़ के काले कारोबार में शामिल होने का है आरोप
जौनपुर। जिले में प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी में शामिल बड़े नामचीन माफियाओं के खिलाफ जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय की सख्त कार्रवाई से पूरे जिले में जबरदस्त हड़कंप मच गया है।
शासन स्तर से कसे जा रहे शिकंजे के चलते 7.86 करोड़ के काले कारोबार में शामिल नशीली दवाओँ के कारोबार में शामिल दो कुख्यात माफियाओं ने शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश दंडाधिकारी की अदालत में आत्म समर्पण कर दिया।
इसे जौनपुर ड्रग्स विभाग की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
दरअसल नगर कोतवाली जौनपुर में ड्रग्स इंस्पेक्टर रजत कुमार पांडेय द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर संख्या 357/2025 के मामले में ये दोनों आरोपी बनाए गए हैं।
न्यायालय में आत्म समर्पण करने वाले दोनों दवा तस्करों की पहचान मनीष मेडिकल एजेंसी (विशेषरपुर, चौकिया चौराहा) के संचालक अर्जुन सोनकर और आकाश मेडिकल एजेंसी (चितरसारी) के संचालक आकाश मौर्य के रूप में हुई हैं।
दरअसल करोड़ों के कारोबार में शामिल कोडिंन कफ सिरप से जुड़े इस मामले में Escuf (एस्कफ) कफ सिरप की अवैध बिक्री से जुड़ा पूरा मामला है।
जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय द्वारा गठित की गई विशेष जांच टीम में सामने आया है कि इस सिरप को दिल्ली स्थित 'वन्या एंटरप्राइजेज' से फर्म ऑपरेटर विशाल उपाध्याय के जरिए खरीदा गया था। इस मामले में संलिप्त मनीष मेडिकल एजेंसी (विशेषरपुर, चौकिया चौराहा) के संचालक अर्जुन सोनकर और आकाश मेडिकल एजेंसी (चितरसारी) के संचालक आकाश मौर्य ने आज कोर्ट में सरेंडर किया।
7.86 करोड़ का काला कारोबार
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ये दोनों आरोपी कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी में शामिल थे। कोडीन युक्त दवाएं ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के तहत 'शेड्यूल H1' श्रेणी में आती हैं, जिनकी बिक्री के लिए कड़े नियम हैं। पकड़े गए अवैध स्टॉक की अनुमानित कीमत लगभग 7.86 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
7.86 करोड़ रुपये रुपए के काले काले कारोबार में शामिल दवा तस्करों के खिलाफ जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय द्वारा की गई कार्रवाई से जौनपुर और बलिया तक के तस्करों में जबरदस्त हड़कंप देखा जा रहा। जांच पड़ताल के चलते दोनों दवा कारोबारी ने जौनपुर के मुख्य न्यायिक दंडकारी की अदालत में शुक्रवार को जब आत्म समर्पण किया इसकी पूरे जिले भर में चर्चा है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अर्जुन सोनकर और आकाश मौर्य उक्त दवाओं की खरीद-बिक्री और परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या विवरण प्रस्तुत करने में विफल रहे। इसके चलते प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों आरोपियों के ड्रग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। पुलिस और ड्रग्स विभाग अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
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