राम मंदिर मामले में दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा: डॉ. संजय निषाद

दीपक श्रीवास्तव 
राम मंदिर मामले में दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा: डॉ. संजय निषाद
जौनपुर में बोले निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष— जांच पूरी होने दें, दोष सिद्ध होने पर होगी कड़ी कार्रवाई, बुलडोजर भी चलेगा


जौनपुर। यूपी के जौनपुर में निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने जौनपुर दौरे के दौरान राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार निष्पक्ष जांच करा रही है और जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पत्रकारों से बातचीत में डॉ. निषाद ने कहा कि वह सरकार का धन्यवाद करते हैं कि समयबद्ध तरीके से मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा, "बिना जांच किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकती। जितना बड़ा दोष होगा, उतनी बड़ी कार्रवाई होगी। पुलिस और जांच एजेंसी जब साक्ष्य के साथ रिपोर्ट देगी, तभी न्यायालय सजा तय करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही कह चुके हैं कि दोषी कोई भी हो, उसे जेल जाना पड़ेगा।"
उन्होंने कहा कि भगवान राम के प्रति करोड़ों श्रद्धालुओं, विशेषकर निषाद समाज की गहरी आस्था है। यदि मंदिर से जुड़े धन का दुरुपयोग हुआ है तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि जनता और धर्म के नाम पर मिलने वाला पैसा धर्मार्थ कार्यों और जनहित में ही खर्च होना चाहिए तथा इसके लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई का नाम कथित ड्रग्स मामले में सामने आने पर डॉ. निषाद ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को इस मामले पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच होगी और यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
विपक्ष द्वारा लगातार उठाए जा रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले उस पर सवाल खड़े करना उचित नहीं है। विपक्ष को रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर राजनीति करनी चाहिए। यदि किसी के पास कोई ठोस साक्ष्य है तो उसे जांच एजेंसियों को देना चाहिए।
अखिलेश यादव द्वारा एसआईटी की निष्पक्षता पर उठाए गए सवालों पर उन्होंने कहा कि एसआईटी एक जांच एजेंसी है और उसका गठन सरकार करती है। जांच रिपोर्ट आने से पहले उस पर सवाल उठाना उचित नहीं है। रिपोर्ट आने के बाद यदि कोई कमी होगी तो उस पर चर्चा की जा सकती है।
राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने की मांग पर उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के कथित कृत्य के आधार पर पूरे ट्रस्ट की ईमानदारी पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
टिन्नू यादव और अखिलेश यादव की कथित बातचीत से जुड़े सवाल पर डॉ. संजय निषाद ने कहा कि यह जांच का विषय है और इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।


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